जून 2026 का आखिरी हफ्ता क्रिप्टो बाजार के लिए एक रोलर-कोस्टर सवारी से कम नहीं था। बिटकॉइन और एथेरियम में आई तेज उछाल ने अल्टकॉइन्स में एक ड्रामेटिक 'शॉर्ट स्क्वीज़' को ट्रिगर किया, जिससे उन ट्रेडर्स की नींद हराम हो गई जो बाजार गिरने पर दांव लगा रहे थे। लेकिन यह बढ़त पानी के बुलबुले की तरह थी - देखते ही देखते फूट गई। संस्थागत निवेशकों की बिकवाली, जिसका नेतृत्व $4.4 बिलियन के रिकॉर्ड ETF आउटफ्लो ने किया, ने तुरंत ही अपनी पकड़ मजबूत कर ली
। आइए, इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं।
क्या था इस Short Squeeze का कारण?
यह दबाव बिटकॉइन (BTC) और एथेरियम (ETH) में तेज रिकवरी के कारण बना, जिसने बाजार में भारी बियरिश (गिरावट पर दांव) पोजीशन्स को चौंका दिया।
- 18 जून: BTC और ETH में उछाल के चलते क्रिप्टो बाजार में कुल $460 मिलियन के लिक्विडेशन हुए। अधिकतर लिक्विडेशन शॉर्ट पोजीशन्स के थे, जो इस बात का साफ संकेत था कि यह एक शॉर्ट स्क्वीज़ था
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- 21 जून: एक और शॉर्ट स्क्वीज़ ने $404 मिलियन के लिक्विडेशन को अंजाम दिया, जिसमें फिर से शॉर्ट पोजीशन्स का बोलबाला रहा
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