सबसे अहम बात यह है कि यह गिरावट लगभग पूरी तरह से मध्य पूर्व के कारण हुई है। उस क्षेत्र को छोड़ दें, तो वैश्विक मांग मई 2026 में वास्तव में साल-दर-साल 0.7% बढ़ी, जो दर्शाता है कि इस व्यवधान के बावजूद दुनिया के अधिकांश विमानन बाजारों का विस्तार जारी रहा ।
मई 2026 क्षेत्रीय अंतरों का महीना था। जहां मध्य पूर्व ने अपनी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की, वहीं अफ्रीका, एशिया-प्रशांत और लैटिन अमेरिका के बाजारों में वृद्धि जारी रही।
अन्य क्षेत्रों में मई के दौरान यातायात में वृद्धि हुई, हालांकि धीमी गति से:
मई में वैश्विक घरेलू हवाई यात्रा में स्पष्ट गिरावट आई। IATA ने बताया कि घरेलू RPK में महीने के दौरान साल-दर-साल 3.1% की गिरावट आई, जो अप्रैल में देखी गई -0.04% की गिरावट से कहीं अधिक खराब है ।
यह संकुचन दुनिया के दो सबसे बड़े घरेलू विमानन बाजारों में केंद्रित था:
हालांकि, भारत एक अपवाद रहा। अप्रैल में घरेलू यातायात में 1.6% की गिरावट (140.8 लाख यात्री) के बाद, ICRA ने मई 2026 में रिकवरी की सूचना दी। घरेलू यात्री यातायात साल-दर-साल 11.3% बढ़कर लगभग 1.56 करोड़ यात्री हो गया। हालांकि, यह वृद्धि एक अनुकूल आधार प्रभाव के कारण थी, क्योंकि मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव के कारण यात्रा प्रभावित हुई थी ।
2026 में उद्योग के वित्त को नया आकार देने वाला सबसे बड़ा कारक जेट ईंधन की कीमत है। मध्य पूर्व में संघर्ष, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता भी शामिल है, ने कीमतों में नाटकीय उछाल पैदा किया।
IATA के जून 2026 के वित्तीय पूर्वानुमान के अनुसार, 2026 के लिए औसत जेट ईंधन मूल्य $152 प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो 2025 में लगभग $90 प्रति बैरल से 70% अधिक है । इससे उद्योग के कुल ईंधन बिल में लगभग $100 बिलियन का इजाफा हुआ है ।
एयरलाइनों पर वित्तीय प्रभाव गंभीर रहा है। IATA ने 2026 में वैश्विक उद्योग के शुद्ध लाभ का अनुमान $23.0 बिलियन लगाया है, जो 2025 के लगभग $45 बिलियन का लगभग आधा और दिसंबर 2025 में अनुमानित $41 बिलियन का भी आधा है।
| मीट्रिक | 2025 अनुमान | 2026 पूर्वानुमान | बदलाव |
|---|---|---|---|
| उद्योग का शुद्ध लाभ | $45 बिलियन | $23 बिलियन | -49% |
| शुद्ध लाभ मार्जिन | 4.2% | 2.0% | -2.2 pp |
| प्रति यात्री शुद्ध लाभ | $9.10 | $4.50 | -51% |
| जेट ईंधन मूल्य (औसत) | ~$90/बैरल | $152/बैरल | +69% |
स्रोत: IATA जून 2026 वित्तीय आउटलुक
हालांकि 2026 में एयरलाइन राजस्व में 9.4% की वृद्धि होने का अनुमान है (यात्रियों को दिए गए उच्च टिकट मूल्यों के कारण), लागत में भारी उछाल इन लाभों को खत्म कर रहा है । IATA ने कहा कि ईंधन लागत के झटके से मार्जिन पर गंभीर दबाव है और दक्षता में और सुधार की बहुत कम गुंजाइश है । शुद्ध लाभ मार्जिन 2.0% रहने की उम्मीद है, जो कोविड-19 महामारी के बाद से सबसे कमजोर परिणाम होगा ।
IATA के महानिदेशक विली वॉल्श ने इस गिरावट का श्रेय दो मुख्य कारकों को दिया: "जेट ईंधन की कीमतों में नाटकीय वृद्धि" और "मध्य पूर्व में व्यवधान के कारण ट्रांसफर ट्रैफिक का भारी नुकसान" ।
मांग में गिरावट के बावजूद, कुछ क्षेत्रों में क्षमता और भी तेजी से कम की गई। वैश्विक पैसेंजर लोड फैक्टर ऐतिहासिक रूप से उच्च बने रहे। IATA ने 2026 के पूरे साल के लिए 83.8% लोड फैक्टर का अनुमान लगाया, जो एक नया रिकॉर्ड है । मई 2026 में, घरेलू लोड फैक्टर 83% तक पहुंच गया, क्योंकि मांग में 3.1% की गिरावट के मुकाबले क्षमता में 2.1% की गिरावट आई ।
यह उच्च लोड फैक्टर एक दोधारी तलवार है: यह कुशल क्षमता प्रबंधन का संकेत देता है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि एयरलाइनों के पास विमानों को ग्राउंड करके लागत कम करने की बहुत कम क्षमता है, जिससे वे ईंधन मूल्य चक्र के प्रति संवेदनशील रहती हैं।
मई 2026 को उस महीने के रूप में याद किया जाएगा जब महामारी के बाद विमानन क्षेत्र की रिकवरी निर्णायक रूप से रुक गई, और इसका कारण एक भू-राजनीतिक झटका था। मध्य पूर्व संघर्ष ने एक साथ एक प्रमुख क्षेत्रीय मांग केंद्र को नष्ट कर दिया और पूरे उद्योग में लागत का संकट पैदा कर दिया, जिसने लाभप्रदता को आधा कर दिया। जबकि मध्य पूर्व के बाहर के बाजार मामूली रूप से बढ़ रहे हैं, रिकॉर्ड ईंधन लागत, सीमित क्षमता और कमजोर वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण का संयोजन बताता है कि एयरलाइनों पर दबाव साल के बाकी समय तक बना रहेगा।
सबसे अहम बात यह है कि यह गिरावट लगभग पूरी तरह से मध्य पूर्व के कारण हुई है। उस क्षेत्र को छोड़ दें, तो वैश्विक मांग मई 2026 में वास्तव में साल-दर-साल 0.7% बढ़ी, जो दर्शाता है कि इस व्यवधान के बावजूद दुनिया के अधिकांश विमानन बाजारों का विस्तार जारी रहा ।
मई 2026 क्षेत्रीय अंतरों का महीना था। जहां मध्य पूर्व ने अपनी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की, वहीं अफ्रीका, एशिया-प्रशांत और लैटिन अमेरिका के बाजारों में वृद्धि जारी रही।
अन्य क्षेत्रों में मई के दौरान यातायात में वृद्धि हुई, हालांकि धीमी गति से:
मई में वैश्विक घरेलू हवाई यात्रा में स्पष्ट गिरावट आई। IATA ने बताया कि घरेलू RPK में महीने के दौरान साल-दर-साल 3.1% की गिरावट आई, जो अप्रैल में देखी गई -0.04% की गिरावट से कहीं अधिक खराब है ।
यह संकुचन दुनिया के दो सबसे बड़े घरेलू विमानन बाजारों में केंद्रित था:
हालांकि, भारत एक अपवाद रहा। अप्रैल में घरेलू यातायात में 1.6% की गिरावट (140.8 लाख यात्री) के बाद, ICRA ने मई 2026 में रिकवरी की सूचना दी। घरेलू यात्री यातायात साल-दर-साल 11.3% बढ़कर लगभग 1.56 करोड़ यात्री हो गया। हालांकि, यह वृद्धि एक अनुकूल आधार प्रभाव के कारण थी, क्योंकि मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव के कारण यात्रा प्रभावित हुई थी ।
2026 में उद्योग के वित्त को नया आकार देने वाला सबसे बड़ा कारक जेट ईंधन की कीमत है। मध्य पूर्व में संघर्ष, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता भी शामिल है, ने कीमतों में नाटकीय उछाल पैदा किया।
IATA के जून 2026 के वित्तीय पूर्वानुमान के अनुसार, 2026 के लिए औसत जेट ईंधन मूल्य $152 प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो 2025 में लगभग $90 प्रति बैरल से 70% अधिक है । इससे उद्योग के कुल ईंधन बिल में लगभग $100 बिलियन का इजाफा हुआ है ।
एयरलाइनों पर वित्तीय प्रभाव गंभीर रहा है। IATA ने 2026 में वैश्विक उद्योग के शुद्ध लाभ का अनुमान $23.0 बिलियन लगाया है, जो 2025 के लगभग $45 बिलियन का लगभग आधा और दिसंबर 2025 में अनुमानित $41 बिलियन का भी आधा है।
| मीट्रिक | 2025 अनुमान | 2026 पूर्वानुमान | बदलाव |
|---|---|---|---|
| उद्योग का शुद्ध लाभ | $45 बिलियन | $23 बिलियन | -49% |
| शुद्ध लाभ मार्जिन | 4.2% | 2.0% | -2.2 pp |
| प्रति यात्री शुद्ध लाभ | $9.10 | $4.50 | -51% |
| जेट ईंधन मूल्य (औसत) | ~$90/बैरल | $152/बैरल | +69% |
स्रोत: IATA जून 2026 वित्तीय आउटलुक
हालांकि 2026 में एयरलाइन राजस्व में 9.4% की वृद्धि होने का अनुमान है (यात्रियों को दिए गए उच्च टिकट मूल्यों के कारण), लागत में भारी उछाल इन लाभों को खत्म कर रहा है । IATA ने कहा कि ईंधन लागत के झटके से मार्जिन पर गंभीर दबाव है और दक्षता में और सुधार की बहुत कम गुंजाइश है । शुद्ध लाभ मार्जिन 2.0% रहने की उम्मीद है, जो कोविड-19 महामारी के बाद से सबसे कमजोर परिणाम होगा ।
IATA के महानिदेशक विली वॉल्श ने इस गिरावट का श्रेय दो मुख्य कारकों को दिया: "जेट ईंधन की कीमतों में नाटकीय वृद्धि" और "मध्य पूर्व में व्यवधान के कारण ट्रांसफर ट्रैफिक का भारी नुकसान" ।
मांग में गिरावट के बावजूद, कुछ क्षेत्रों में क्षमता और भी तेजी से कम की गई। वैश्विक पैसेंजर लोड फैक्टर ऐतिहासिक रूप से उच्च बने रहे। IATA ने 2026 के पूरे साल के लिए 83.8% लोड फैक्टर का अनुमान लगाया, जो एक नया रिकॉर्ड है । मई 2026 में, घरेलू लोड फैक्टर 83% तक पहुंच गया, क्योंकि मांग में 3.1% की गिरावट के मुकाबले क्षमता में 2.1% की गिरावट आई ।
यह उच्च लोड फैक्टर एक दोधारी तलवार है: यह कुशल क्षमता प्रबंधन का संकेत देता है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि एयरलाइनों के पास विमानों को ग्राउंड करके लागत कम करने की बहुत कम क्षमता है, जिससे वे ईंधन मूल्य चक्र के प्रति संवेदनशील रहती हैं।
मई 2026 को उस महीने के रूप में याद किया जाएगा जब महामारी के बाद विमानन क्षेत्र की रिकवरी निर्णायक रूप से रुक गई, और इसका कारण एक भू-राजनीतिक झटका था। मध्य पूर्व संघर्ष ने एक साथ एक प्रमुख क्षेत्रीय मांग केंद्र को नष्ट कर दिया और पूरे उद्योग में लागत का संकट पैदा कर दिया, जिसने लाभप्रदता को आधा कर दिया। जबकि मध्य पूर्व के बाहर के बाजार मामूली रूप से बढ़ रहे हैं, रिकॉर्ड ईंधन लागत, सीमित क्षमता और कमजोर वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण का संयोजन बताता है कि एयरलाइनों पर दबाव साल के बाकी समय तक बना रहेगा।