Ubotica का LMI प्लेटफॉर्म, जिसे अप्रैल 2026 में लॉन्च किया गया था, उपग्रहों को सिर्फ डेटा इकट्ठा करने वाला यंत्र नहीं, बल्कि एक बुद्धिमान पर्यवेक्षक बना देता है । इसकी प्रमुख क्षमताएं हैं:
यह दोहरे उपयोग (नागरिक और रक्षा) के लिए डिज़ाइन किया गया प्लेटफॉर्म आज के सबसे गंभीर समुद्री खतरों को टार्गेट करता है :
| पारंपरिक EO सिस्टम | Ubotica का ऑर्बिटल AI |
|---|---|
| उपग्रह निष्क्रिय डेटा कलेक्टर होते हैं; वे तस्वीरें लेते हैं और बाद में डाउनलिंक के लिए स्टोर करते हैं | AI उपग्रह के हार्डवेयर पर सीधे रीयल-टाइम में इमेजरी प्रोसेस करता है |
| कच्ची इमेजरी को पहले ग्राउंड स्टेशन पर भेजा जाता है, फिर विश्लेषण किया जाता है - एक प्रक्रिया जिसमें घंटों से लेकर दिन लग सकते हैं | उपग्रह खुद तय करता है कि क्या प्रासंगिक है, बादलों को हटाता है, और सिर्फ कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी मिनटों में जमीन पर भेजता है |
| उपग्रह ग्राउंड से अपलोड किए गए फिक्स्ड प्लान का पालन करते हैं, वे गतिशील रूप से प्राथमिकता नहीं बदल सकते | उपग्रह कक्षा में पता लगाई गई घटनाओं के आधार पर स्वायत्त रूप से पुनर्निर्धारित हो सकते हैं, जिससे 'सेंस-एंड-रिस्पॉन्ड' क्षमता मिलती है |
| विशाल डेटा वॉल्यूम के कारण डाउनलिंक बाधाएं पैदा होती हैं | ऑन-ऑर्बिट प्रोसेसिंग डेटा वॉल्यूम को भारी मात्रा में कम कर देती है, जिससे लेटेंसी और डाउनलिंक लागत कम होती है |
इस फंडिंग राउंड में नए निवेशकों के रूप में Act Venture Capital और Greencode Ventures ने सह-नेतृत्व किया। साथ ही, मौजूदा निवेशक Atlantic Bridge ने भी भाग लिया । यह पैसा LMI के व्यावसायिक रोलआउट को गति देने, सरकारी और रक्षा ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने और अतिरिक्त उपग्रह नक्षत्रों में ऑर्बिटल AI क्षमताओं के विस्तार पर खर्च किया जाएगा । Ubotica का SPACE:AI नामक अंतर्निहित तकनीक, जिसे पहली बार 2020 में एक उपग्रह पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था, अब CogniSAT-6 जैसे मिशनों और NASA व ESA के साथ साझेदारी के माध्यम से और अधिक परिपक्व हुई है ।
Ubotica का LMI प्लेटफॉर्म, जिसे अप्रैल 2026 में लॉन्च किया गया था, उपग्रहों को सिर्फ डेटा इकट्ठा करने वाला यंत्र नहीं, बल्कि एक बुद्धिमान पर्यवेक्षक बना देता है । इसकी प्रमुख क्षमताएं हैं:
यह दोहरे उपयोग (नागरिक और रक्षा) के लिए डिज़ाइन किया गया प्लेटफॉर्म आज के सबसे गंभीर समुद्री खतरों को टार्गेट करता है :
| पारंपरिक EO सिस्टम | Ubotica का ऑर्बिटल AI |
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| उपग्रह निष्क्रिय डेटा कलेक्टर होते हैं; वे तस्वीरें लेते हैं और बाद में डाउनलिंक के लिए स्टोर करते हैं | AI उपग्रह के हार्डवेयर पर सीधे रीयल-टाइम में इमेजरी प्रोसेस करता है |
| कच्ची इमेजरी को पहले ग्राउंड स्टेशन पर भेजा जाता है, फिर विश्लेषण किया जाता है - एक प्रक्रिया जिसमें घंटों से लेकर दिन लग सकते हैं | उपग्रह खुद तय करता है कि क्या प्रासंगिक है, बादलों को हटाता है, और सिर्फ कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी मिनटों में जमीन पर भेजता है |
| उपग्रह ग्राउंड से अपलोड किए गए फिक्स्ड प्लान का पालन करते हैं, वे गतिशील रूप से प्राथमिकता नहीं बदल सकते | उपग्रह कक्षा में पता लगाई गई घटनाओं के आधार पर स्वायत्त रूप से पुनर्निर्धारित हो सकते हैं, जिससे 'सेंस-एंड-रिस्पॉन्ड' क्षमता मिलती है |
| विशाल डेटा वॉल्यूम के कारण डाउनलिंक बाधाएं पैदा होती हैं | ऑन-ऑर्बिट प्रोसेसिंग डेटा वॉल्यूम को भारी मात्रा में कम कर देती है, जिससे लेटेंसी और डाउनलिंक लागत कम होती है |
इस फंडिंग राउंड में नए निवेशकों के रूप में Act Venture Capital और Greencode Ventures ने सह-नेतृत्व किया। साथ ही, मौजूदा निवेशक Atlantic Bridge ने भी भाग लिया । यह पैसा LMI के व्यावसायिक रोलआउट को गति देने, सरकारी और रक्षा ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने और अतिरिक्त उपग्रह नक्षत्रों में ऑर्बिटल AI क्षमताओं के विस्तार पर खर्च किया जाएगा । Ubotica का SPACE:AI नामक अंतर्निहित तकनीक, जिसे पहली बार 2020 में एक उपग्रह पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था, अब CogniSAT-6 जैसे मिशनों और NASA व ESA के साथ साझेदारी के माध्यम से और अधिक परिपक्व हुई है ।