ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ट्रांजिट शुल्क को साफ किया इनकार: बद्र अल-बुसैदी का बयान, मलक्का मॉडल और ईरान से खींचतान
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने 25 जून 2026 को मनामा में GCC अमेरिकी बैठक में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट... बुसैदी के इस बयान ने ईरान के साथ हुए संयुक्त बयान (23 जून) को कमजोर कर दिया, जिसमें जलडमरूमध्य क...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने 25 जून 2026 को मनामा में GCC अमेरिकी बैठक में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट...
बुसैदी के इस बयान ने ईरान के साथ हुए संयुक्त बयान (23 जून) को कमजोर कर दिया, जिसमें जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए 'सेवा लागत' का अध्ययन करने पर सहमति बनी थी [1][7]। ओमान ने इसे अनिवार्य शुल्क नहीं, बल्कि स्वैच्छिक सेवा...
ओमान ने एक स्वैच्छिक शुल्क प्रणाली का प्रस्ताव रखा, जो दक्षिण पूर्व एशिया में मलक्का जलडमरूमध्य के मॉडल पर आधारित है। इसके तहत ऊर्जा आयातक देशों और शिपिंग कंपनियों से अनिवार्य टोल के बजाय नेविगेशन सहायता के लिए छोटा,...
Search & fact-check with cited sources for What was Oman's official position on Strait of Hormuz transit fees as stated by Foreign MinisterThe Strait of Hormuz, a vital global shipping chokepoint, was at the center of a diplomatic confrontation between Oman and Iran over transit fees in late June 2026.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What was Oman's official position on Strait of Hormuz transit fees as stated by Foreign Minister. Article summary: Here is a fact-checked summary of Oman's official position and related events in late June 2026, drawn from multiple news reports, official statements, and expert analysis.. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny
openai.com
जून 2026 के अंत में, जैसे-जैसे अमेरिका-ईरान ढांचा समझौता हुआ और IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने फिर से धमकियां दीं, होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट गहराता गया। इसी बीच ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अल-बुसैदी ने एक बेहद स्पष्ट और अटल रुख पेश किया: कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं। उनके बयानों ने ईरान के दबाव को नाकाम कर दिया और एक नया कूटनीतिक विकल्प सामने रखा।
स्पष्ट इनकार: 'कोई ट्रांजिट फीस नहीं'
25 जून 2026 को बहरीन की राजधानी मनामा में हुई संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक में, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और खाड़ी देशों के विदेश मंत्री शामिल थे, बुसैदी ने कहा कि "जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए भविष्य की व्यवस्थाओं में ट्रांजिट शुल्क लागू नहीं किया जाएगा" । ओमान सरकार ने अलग से घोषणा की कि ट्रांजिट शुल्क समुद्री कानून (Law of the Sea) के तहत "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित" हैं ।
Studio Global AI
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ट्रांजिट शुल्क को साफ किया इनकार: बद्र अल-बुसैदी का बयान, मलक्का मॉडल और ईरान से खींचतान" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने 25 जून 2026 को मनामा में GCC अमेरिकी बैठक में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने 25 जून 2026 को मनामा में GCC अमेरिकी बैठक में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट... बुसैदी के इस बयान ने ईरान के साथ हुए संयुक्त बयान (23 जून) को कमजोर कर दिया, जिसमें जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए 'सेवा लागत' का अध्ययन करने पर सहमति बनी थी [1][7]। ओमान ने इसे अनिवार्य शुल्क नहीं, बल्कि स्वैच्छिक सेवा...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
ओमान ने एक स्वैच्छिक शुल्क प्रणाली का प्रस्ताव रखा, जो दक्षिण पूर्व एशिया में मलक्का जलडमरूमध्य के मॉडल पर आधारित है। इसके तहत ऊर्जा आयातक देशों और शिपिंग कंपनियों से अनिवार्य टोल के बजाय नेविगेशन सहायता के लिए छोटा,...
ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ट्रांजिट शुल्क को साफ किया इनकार: बद्र अल-बुसैदी का बयान, मलक्का मॉडल और ईरान से खींचतान
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने 25 जून 2026 को मनामा में GCC अमेरिकी बैठक में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट... बुसैदी के इस बयान ने ईरान के साथ हुए संयुक्त बयान (23 जून) को कमजोर कर दिया, जिसमें जलडमरूमध्य क...
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ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने 25 जून 2026 को मनामा में GCC अमेरिकी बैठक में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट...
बुसैदी के इस बयान ने ईरान के साथ हुए संयुक्त बयान (23 जून) को कमजोर कर दिया, जिसमें जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए 'सेवा लागत' का अध्ययन करने पर सहमति बनी थी [1][7]। ओमान ने इसे अनिवार्य शुल्क नहीं, बल्कि स्वैच्छिक सेवा...
ओमान ने एक स्वैच्छिक शुल्क प्रणाली का प्रस्ताव रखा, जो दक्षिण पूर्व एशिया में मलक्का जलडमरूमध्य के मॉडल पर आधारित है। इसके तहत ऊर्जा आयातक देशों और शिपिंग कंपनियों से अनिवार्य टोल के बजाय नेविगेशन सहायता के लिए छोटा,...
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जून 2026 के अंत में, जैसे-जैसे अमेरिका-ईरान ढांचा समझौता हुआ और IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने फिर से धमकियां दीं, होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट गहराता गया। इसी बीच ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अल-बुसैदी ने एक बेहद स्पष्ट और अटल रुख पेश किया: कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं। उनके बयानों ने ईरान के दबाव को नाकाम कर दिया और एक नया कूटनीतिक विकल्प सामने रखा।
स्पष्ट इनकार: 'कोई ट्रांजिट फीस नहीं'
25 जून 2026 को बहरीन की राजधानी मनामा में हुई संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक में, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और खाड़ी देशों के विदेश मंत्री शामिल थे, बुसैदी ने कहा कि "जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए भविष्य की व्यवस्थाओं में ट्रांजिट शुल्क लागू नहीं किया जाएगा" । ओमान सरकार ने अलग से घोषणा की कि ट्रांजिट शुल्क समुद्री कानून (Law of the Sea) के तहत "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित" हैं ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ट्रांजिट शुल्क को साफ किया इनकार: बद्र अल-बुसैदी का बयान, मलक्का मॉडल और ईरान से खींचतान" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने 25 जून 2026 को मनामा में GCC अमेरिकी बैठक में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने 25 जून 2026 को मनामा में GCC अमेरिकी बैठक में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट... बुसैदी के इस बयान ने ईरान के साथ हुए संयुक्त बयान (23 जून) को कमजोर कर दिया, जिसमें जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए 'सेवा लागत' का अध्ययन करने पर सहमति बनी थी [1][7]। ओमान ने इसे अनिवार्य शुल्क नहीं, बल्कि स्वैच्छिक सेवा...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
ओमान ने एक स्वैच्छिक शुल्क प्रणाली का प्रस्ताव रखा, जो दक्षिण पूर्व एशिया में मलक्का जलडमरूमध्य के मॉडल पर आधारित है। इसके तहत ऊर्जा आयातक देशों और शिपिंग कंपनियों से अनिवार्य टोल के बजाय नेविगेशन सहायता के लिए छोटा,...
इस बयान का समय बेहद अहम था: यह मात्र दो दिन पहले ईरान और ओमान द्वारा "होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासन में प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए शुल्क का अध्ययन" करने पर सहमति जताने वाले संयुक्त बयान और एक दिन बाद ईरान द्वारा फंसे जहाजों को निकालने की ओमानी योजना को ठुकराने के बाद आया। बुसैदी के मनामा बयान ने मस्कट (ओमान) और तेहरान (ईरान) के बीच साफ लकीर खींच दी।
स्वैच्छिक विकल्प: मलक्का जलडमरूमध्य मॉडल
अनिवार्य टोल के बजाय, ओमान ने एक स्वैच्छिक शुल्क प्रणाली का प्रस्ताव रखा, जो दक्षिण पूर्व एशिया के मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के तंत्र पर आधारित है । इस समझौता योजना के तहत, ऊर्जा आयातक देशों और शिपिंग कंपनियों से अनिवार्य टोल के बजाय नेविगेशन सहायता और सेवाओं के लिए एक छोटा, गैर-अनिवार्य योगदान देने को कहा जाएगा। यह प्रस्ताव ओमान और ईरान को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के दायरे में रहते हुए राजस्व का एक नया स्रोत देगा ।
मस्कट ने 24 जून को अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के सहयोग से एक अस्थायी समुद्री गलियारा भी खोला, जो मुक्त और सुरक्षित मार्ग के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है । ओमानी बयान में जोर देकर कहा गया कि इस गलियारे से गुजरना "बिना किसी ट्रांजिट फीस के" होगा, जो सीधे तौर पर ईरान के उस प्रयास को निशाना बनाता है जिसमें वह जलडमरूमध्य को संयुक्त प्रबंधन और अनिवार्य शुल्क वाले स्थान के रूप में पेश कर रहा था ।
अहम अंतर: फीस बनाम समुद्री सेवाएं
बुसैदी ने कानूनी रूप से एक स्पष्ट रेखा खींची। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ चर्चा स्वैच्छिक समुद्री सेवाओं — जैसे पायलटेज, नेविगेशन सहायता और ट्रैफिक प्रबंधन — पर है, न कि अनिवार्य पारगमन शुल्क पर ।
23 जून के संयुक्त ईरान-ओमान बयान में कहा गया था कि दोनों देश "होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासन में प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए लागत का अध्ययन करेंगे" । ओमान ने तब से यही जोर देकर कहा है कि इसका मतलब वैकल्पिक सेवा शुल्क है, न कि ट्रांजिट टोल । जैसा कि बुसैदी ने 29 जून को द गार्जियन को बताया: "हम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर टोल लगाने का समर्थन नहीं करते, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित है — जबकि सेवा शुल्क अनुमेय हैं, और इस पर ईरानी पक्ष के साथ चर्चा चल रही है" ।
ईरान की ओमान को चेतावनी: वेलायती की फटकार
अली अकबर वेलायती, जो ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार हैं , ने जून के अंत में लगातार चेतावनी जारी की। इसे ओमान के ईरान के शुल्क-दबाव से अलग होने पर सीधी फटकार के रूप में देखा गया।
6 जून को उन्होंने तर्क दिया कि ईरान की बढ़ती शक्ति ने अमेरिका को समझौता करने को 'मजबूर' कर दिया है और "पश्चिम का लंबे समय से डरा हुआ सपना सच हो गया है" ।
8 जून को उन्होंने चेतावनी दी कि "प्रतिरोध के पास होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडब, दोनों को बंद करने की क्षमता है" ।
सबसे सीधा तीर 26 जून को आया, जब वेलायती ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि फारस की खाड़ी के अरब राज्यों — जिसमें ओमान भी शामिल है — की स्थिरता "ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के कारण है" ।
हालांकि ये टिप्पणियां व्यापक रूप से अरब खाड़ी राज्यों के लिए थीं, विश्लेषकों ने कहा कि ईरान के रुख से कूटनीतिक रूप से दूर जाने के कारण ओमान ही इसका मुख्य निशाना था।
ईरान-ओमान संयुक्त होर्मुज समिति की पहली बैठक
29 जून 2026 को, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी और ओमान के विदेश मामलों के राज्य मंत्री अब्दुलअज़ीज़ अल-हिनाई ने मस्कट में 'होर्मुज संयुक्त समिति' की पहली बैठक की । ग़रीबाबादी ने कहा कि उन्होंने "होर्मुज जलडमरूमध्य के नए प्रबंधन पर संयुक्त बयान के प्रावधानों के कार्यान्वयन पर विचारों का आदान-प्रदान किया," लेकिन जोर दिया कि तकनीकी वार्ता का पहला दौर तभी होगा जब सभी शर्तें पूरी हों ।
यह समिति पहली बार 23 जून को ईरानी विदेश मंत्री अरागची और संसद अध्यक्ष गालिबाफ की मस्कट यात्रा के दौरान तय हुई थी। युद्ध अध्ययन संस्थान (आईएसडब्ल्यू) ने चेतावनी दी थी कि यह तंत्र ईरान को "जलडमरूमध्य के माध्यम से पारगमन को नियंत्रित करने और अपने विवेक से मार्ग को प्रतिबंधित करने में सक्षम बना सकता है" ।
व्यापक परिदृश्य: अमेरिका-ईरान सौदा, GCC विरोध और दोहा वार्ता
ओमान के रुख को अलगाव में नहीं समझा जा सकता। जून 2026 के अंत का भू-राजनीतिक परिदृश्य जटिल था:
अमेरिका-ईरान ढांचा समझौता: 17 जून को राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने शत्रुता समाप्त करने और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए । ओमान ने इस सौदे का समर्थन किया ।
GCC (खाड़ी सहयोग परिषद) का विरोध: मनामा बैठक में मार्को रुबियो और GCC विदेश मंत्रियों ने जलडमरूमध्य में किसी भी टोल का विरोध करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया ।
ईरान द्वारा UN-समर्थित योजना अस्वीकार: 25 जून को ईरान ने फंसे जहाजों को निकालने की UN-समर्थित ओमानी योजना को खारिज कर दिया ।
दोहा वार्ता: कतर के प्रधान मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने 24 जून को मस्कट का दौरा किया । होर्मुज के भविष्य के संचालन पर यह बहुपक्षीय वार्ता दोहा में होने वाली है, जिसे अगला बड़ा कूटनीतिक मंच माना जा रहा है।
ईरान की लगातार कार्रवाइयां: IRGC ने इस क्षेत्र में अपने नियंत्रण को मजबूत करने के लिए जहाजों पर हमले और धमकियां जारी रखीं ।
jns.orgIran envoy: Hormuz to stay open; transit fees may be imposed
इस बयान का समय बेहद अहम था: यह मात्र दो दिन पहले ईरान और ओमान द्वारा "होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासन में प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए शुल्क का अध्ययन" करने पर सहमति जताने वाले संयुक्त बयान और एक दिन बाद ईरान द्वारा फंसे जहाजों को निकालने की ओमानी योजना को ठुकराने के बाद आया। बुसैदी के मनामा बयान ने मस्कट (ओमान) और तेहरान (ईरान) के बीच साफ लकीर खींच दी।
स्वैच्छिक विकल्प: मलक्का जलडमरूमध्य मॉडल
अनिवार्य टोल के बजाय, ओमान ने एक स्वैच्छिक शुल्क प्रणाली का प्रस्ताव रखा, जो दक्षिण पूर्व एशिया के मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के तंत्र पर आधारित है । इस समझौता योजना के तहत, ऊर्जा आयातक देशों और शिपिंग कंपनियों से अनिवार्य टोल के बजाय नेविगेशन सहायता और सेवाओं के लिए एक छोटा, गैर-अनिवार्य योगदान देने को कहा जाएगा। यह प्रस्ताव ओमान और ईरान को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के दायरे में रहते हुए राजस्व का एक नया स्रोत देगा ।
मस्कट ने 24 जून को अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के सहयोग से एक अस्थायी समुद्री गलियारा भी खोला, जो मुक्त और सुरक्षित मार्ग के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है । ओमानी बयान में जोर देकर कहा गया कि इस गलियारे से गुजरना "बिना किसी ट्रांजिट फीस के" होगा, जो सीधे तौर पर ईरान के उस प्रयास को निशाना बनाता है जिसमें वह जलडमरूमध्य को संयुक्त प्रबंधन और अनिवार्य शुल्क वाले स्थान के रूप में पेश कर रहा था ।
अहम अंतर: फीस बनाम समुद्री सेवाएं
बुसैदी ने कानूनी रूप से एक स्पष्ट रेखा खींची। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ चर्चा स्वैच्छिक समुद्री सेवाओं — जैसे पायलटेज, नेविगेशन सहायता और ट्रैफिक प्रबंधन — पर है, न कि अनिवार्य पारगमन शुल्क पर ।
23 जून के संयुक्त ईरान-ओमान बयान में कहा गया था कि दोनों देश "होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासन में प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए लागत का अध्ययन करेंगे" । ओमान ने तब से यही जोर देकर कहा है कि इसका मतलब वैकल्पिक सेवा शुल्क है, न कि ट्रांजिट टोल । जैसा कि बुसैदी ने 29 जून को द गार्जियन को बताया: "हम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर टोल लगाने का समर्थन नहीं करते, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित है — जबकि सेवा शुल्क अनुमेय हैं, और इस पर ईरानी पक्ष के साथ चर्चा चल रही है" ।
ईरान की ओमान को चेतावनी: वेलायती की फटकार
अली अकबर वेलायती, जो ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार हैं , ने जून के अंत में लगातार चेतावनी जारी की। इसे ओमान के ईरान के शुल्क-दबाव से अलग होने पर सीधी फटकार के रूप में देखा गया।
6 जून को उन्होंने तर्क दिया कि ईरान की बढ़ती शक्ति ने अमेरिका को समझौता करने को 'मजबूर' कर दिया है और "पश्चिम का लंबे समय से डरा हुआ सपना सच हो गया है" ।
8 जून को उन्होंने चेतावनी दी कि "प्रतिरोध के पास होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडब, दोनों को बंद करने की क्षमता है" ।
सबसे सीधा तीर 26 जून को आया, जब वेलायती ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि फारस की खाड़ी के अरब राज्यों — जिसमें ओमान भी शामिल है — की स्थिरता "ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के कारण है" ।
हालांकि ये टिप्पणियां व्यापक रूप से अरब खाड़ी राज्यों के लिए थीं, विश्लेषकों ने कहा कि ईरान के रुख से कूटनीतिक रूप से दूर जाने के कारण ओमान ही इसका मुख्य निशाना था।
ईरान-ओमान संयुक्त होर्मुज समिति की पहली बैठक
29 जून 2026 को, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी और ओमान के विदेश मामलों के राज्य मंत्री अब्दुलअज़ीज़ अल-हिनाई ने मस्कट में 'होर्मुज संयुक्त समिति' की पहली बैठक की । ग़रीबाबादी ने कहा कि उन्होंने "होर्मुज जलडमरूमध्य के नए प्रबंधन पर संयुक्त बयान के प्रावधानों के कार्यान्वयन पर विचारों का आदान-प्रदान किया," लेकिन जोर दिया कि तकनीकी वार्ता का पहला दौर तभी होगा जब सभी शर्तें पूरी हों ।
यह समिति पहली बार 23 जून को ईरानी विदेश मंत्री अरागची और संसद अध्यक्ष गालिबाफ की मस्कट यात्रा के दौरान तय हुई थी। युद्ध अध्ययन संस्थान (आईएसडब्ल्यू) ने चेतावनी दी थी कि यह तंत्र ईरान को "जलडमरूमध्य के माध्यम से पारगमन को नियंत्रित करने और अपने विवेक से मार्ग को प्रतिबंधित करने में सक्षम बना सकता है" ।
व्यापक परिदृश्य: अमेरिका-ईरान सौदा, GCC विरोध और दोहा वार्ता
ओमान के रुख को अलगाव में नहीं समझा जा सकता। जून 2026 के अंत का भू-राजनीतिक परिदृश्य जटिल था:
अमेरिका-ईरान ढांचा समझौता: 17 जून को राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने शत्रुता समाप्त करने और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए । ओमान ने इस सौदे का समर्थन किया ।
GCC (खाड़ी सहयोग परिषद) का विरोध: मनामा बैठक में मार्को रुबियो और GCC विदेश मंत्रियों ने जलडमरूमध्य में किसी भी टोल का विरोध करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया ।
ईरान द्वारा UN-समर्थित योजना अस्वीकार: 25 जून को ईरान ने फंसे जहाजों को निकालने की UN-समर्थित ओमानी योजना को खारिज कर दिया ।
दोहा वार्ता: कतर के प्रधान मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने 24 जून को मस्कट का दौरा किया । होर्मुज के भविष्य के संचालन पर यह बहुपक्षीय वार्ता दोहा में होने वाली है, जिसे अगला बड़ा कूटनीतिक मंच माना जा रहा है।
ईरान की लगातार कार्रवाइयां: IRGC ने इस क्षेत्र में अपने नियंत्रण को मजबूत करने के लिए जहाजों पर हमले और धमकियां जारी रखीं ।
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