WEF और Oliver Wyman की संयुक्त रिपोर्ट 'डीपनिंग डिवाइड्स' के मुताबिक, पूर्ण पूर्व पश्चिम आर्थिक विभाजन (ईस्ट वेस्ट डिकपलिंग) की स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था को 6.9 ट्रिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। यह विखंडन पहले से ही सालाना 213 307 अरब डॉलर का नुकसान दे रहा है और वैश्विक मुद्रास्फीति में 0.2 0.3 फीसदी का इ...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What did the World Economic Forum's June 2025 report warn about the economic cost of East-West de. Article summary: The WEF's June 2026 report *Deepening Divides: The Cost of a More Fragmented Financial System* (produced with Oliver Wyman) marks 2025–2026 as a critical turning point from globalization to geoeconomic fragmentation. Her. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
भू-आर्थिक विखंडन (जियोइकोनॉमिक फ्रैग्मेंटेशन) एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) की जून 2026 में जारी रिपोर्ट डीपनिंग डिवाइड्स: द कॉस्ट ऑफ अ मोर फ्रैग्मेंटेड फाइनेंशियल सिस्टम (Oliver Wyman के सहयोग से), वर्ष 2025-26 को वैश्वीकरण से एक संरचनात्मक रूप से विभाजित विश्व अर्थव्यवस्था में बदलाव का टर्निंग पॉइंट बताती है। यहाँ रिपोर्ट की प्रमुख चेतावनियों, अनुमानों और नीतिगत सिफारिशों का एक तथ्य-आधारित विश्लेषण प्रस्तुत है।
पूर्ण पूर्व-पश्चिम आर्थिक विभाजन (फुल ईस्ट-वेस्ट इकोनॉमिक डिकपलिंग) की चरम स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था को 6.9 ट्रिलियन डॉलर तक का जीडीपी नुकसान हो सकता है । यह आंकड़ा WEF की जनवरी 2025 की पिछली रिपोर्ट, नेविगेटिंग ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम फ्रैग्मेंटेशन के अनुमानों को अपडेट करता है, जिसमें बहुत अधिक विखंडन की स्थिति में 0.6 ट्रिलियन डॉलर से 5.7 ट्रिलियन डॉलर (वैश्विक जीडीपी का लगभग 5%) तक के उत्पादन नुकसान का अनुमान लगाया गया था - यह प्रभाव 2008 के वित्तीय संकट या COVID-19 महामारी से भी बड़ा है । 6.9 ट्रिलियन डॉलर तक का बढ़ा हुआ अनुमान 2025-26 के दौरान व्यापार बाधाओं, निवेश प्रतिबंधों और वित्तीय डी-रिस्किंग नीतियों के लगातार बढ़ने को दर्शाता है ।
यह विखंडन सिर्फ भविष्य का जोखिम नहीं है; यह पहले से ही एक मापने योग्य नुकसान पहुंचा रहा है। WEF रिपोर्ट के अनुसार, भू-आर्थिक विखंडन वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था को खोई हुई जीडीपी के रूप में सालाना 213-307 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा रहा है । साथ ही, यह वैश्विक मुद्रास्फीति में 0.2-0.3 प्रतिशत अंक का इजाफा कर रहा है, जिससे अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं में क्रय शक्ति (खरीदारी क्षमता) कम हो रही है । ये लागतें कम हुए व्यापार की मात्रा, सीमाओं के पार पूंजी प्रवाह (क्रॉस-बॉर्डर कैपिटल फ्लो) में कमी और एकीकृत बाजारों द्वारा प्रदान की जाने वाली आर्थिक दक्षताओं के नुकसान के कारण उत्पन्न होती हैं ।
रिपोर्ट का एक चौंकाने वाला निष्कर्ष यह है कि विखंडन अब केवल भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों (जैसे अमेरिका-चीन) तक सीमित नहीं है। यह पारंपरिक रूप से गठबंधन वाली अर्थव्यवस्थाओं (एलाइड इकॉनमीज़) में भी फैल गया है, क्योंकि एक ही भू-राजनीतिक गुट के देशों के बीच भी व्यापार बाधाएं, वित्तीय डी-रिस्किंग नीतियां और आर्थिक सुरक्षा उपाय बढ़ रहे हैं । इस प्रवृत्ति को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन (WTO) जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं के कमजोर पड़ने से तेजी मिली है, जिनकी विवाद-निपटान भूमिका कम हो गई है, जिसके कारण देश तेजी से द्विपक्षीय समझौतों और स्थानीय मुद्रा में निपटान पर निर्भर हो रहे हैं ।
रिपोर्ट अमेरिकी श्रमिकों की वास्तविक मजदूरी पर प्रभाव का विस्तृत अनुमान प्रस्तुत करती है, जिसमें उच्च कुशल श्रमिकों को सबसे अधिक गिरावट का सामना करना पड़ रहा है:
यह खोज कि उच्च कुशल अमेरिकी श्रमिकों को सबसे तेज मजदूरी कटौती का सामना करना पड़ रहा है, वैश्विक रूप से एकीकृत क्षेत्रों (जैसे वित्त, प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण) में उनके अधिक जोखिम के कारण है, जो विखंडन से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं ।
प्रमुख भू-राजनीतिक गुटों के बाहर के देशों को असमान रूप से अधिक आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट का अनुमान है कि गुट-निरपेक्ष देशों के लिए जीडीपी वृद्धि पर 10.7% का असर पड़ सकता है, जबकि गुट-संबद्ध अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह 6.4% है । उभरते बाजार तीन मुख्य कारणों से विशेष रूप से संवेदनशील हैं:
अफ्रीका के लिए विशेष रूप से, आर्थिक नुकसान पहले से ही स्पष्ट है। अफ्रीकी विकास बैंक के 2025 के आउटलुक में कहा गया है कि टैरिफ-प्रेरित वैश्विक अनिश्चितता के कारण विकास दर में 0.2-0.4 प्रतिशत अंकों की कमी आई है, जो 2025 में 3.9% और 2026 में 4.0% रहने का अनुमान है । एक IMF कार्य पत्र में पाया गया कि उप-सहारा अफ्रीका विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि इस क्षेत्र के व्यापार और वित्तीय संबंध कम विविध हैं, जिससे व्यापार संबंधों में कमी से उत्पन्न झटकों को अवशोषित करना कठिन हो जाता है । WEF की रिपोर्ट इस बात को पुष्ट करती है कि अफ्रीका सहित गुट-निरपेक्ष देशों को किसी भी डिकपलिंग परिदृश्य में सबसे अधिक उत्पादन हानि का सामना करना पड़ता है ।
रिपोर्ट पांच ठोस कदमों की पहचान करती है जो नीति निर्माता विखंडन को प्रबंधित और कम करने के लिए उठा सकते हैं :
रिपोर्ट का केंद्रीय संदेश स्पष्ट है: वैश्विक अर्थव्यवस्था एक टिपिंग पॉइंट पार कर चुकी है, और जानबूझकर नीतिगत हस्तक्षेप के बिना, विभाजन की लागत सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए बढ़ती रहेगी - लेकिन सबसे अधिक उन लोगों के लिए जो झटके को सहन करने में सबसे कम सक्षम हैं।
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WEF और Oliver Wyman की संयुक्त रिपोर्ट 'डीपनिंग डिवाइड्स' के मुताबिक, पूर्ण पूर्व पश्चिम आर्थिक विभाजन (ईस्ट वेस्ट डिकपलिंग) की स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था को 6.9 ट्रिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है।
WEF और Oliver Wyman की संयुक्त रिपोर्ट 'डीपनिंग डिवाइड्स' के मुताबिक, पूर्ण पूर्व पश्चिम आर्थिक विभाजन (ईस्ट वेस्ट डिकपलिंग) की स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था को 6.9 ट्रिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। यह विखंडन पहले से ही सालाना 213 307 अरब डॉलर का नुकसान दे रहा है और वैश्विक मुद्रास्फीति में 0.2 0.3 फीसदी का इजाफा कर रहा है। उभरते बाजारों (जिनमें भारत और अफ्रीका के देश शामिल हैं) को सबसे ज्यादा नुकसान का सामना करन...
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह विभाजन अब सिर्फ प्रतिद्वंद्वी देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि पारंपरिक रूप से गठबंधन वाली अर्थव्यवस्थाओं (एलाइड इकॉनमीज़) में भी फैल गया है। WEF ने इससे निपटने के लिए पांच नीतिगत उपाय सुझाए...