टुचेल की टीम पहले हाफ में अनुशासित पनामा रक्षापंक्ति को तोड़ने में संघर्ष करती रही । सबसे बड़ा बदलाव हाफ टाइम के बाद आक्रमण की गति बढ़ाना था — इंग्लैंड ने ज्यादा सीधा और आक्रामक खेल दिखाया, और ब्रेकथ्रू सेट-पीस (कॉर्नर) से आया
। टुचेल ने बाद में कहा कि यह जीत "डिज़र्व्ड" थी और उनकी टीम "टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के साथ बेहतर होती जाएगी"
। उन्होंने बुकायो साका की जगह नोनी मादुएके (63') को उतारा और पीले कार्ड के जोखिम को देखते हुए जरेल क्वांसा को बदला
।
पिकफोर्ड का यह 15वां विश्व कप मैच था, जो किसी इंग्लिश खिलाड़ी के लिए दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने इस मैच में भी क्लीन शीट बनाए रखी और ग्रुप चरण के तीनों मैचों में सिर्फ दो गोल खाए ।