17 जून 2026 को रूस के ब्रायंस्क क्षेत्र में एक फिक्स्ड विंग ड्रोन ने बेलारूसी युवा फुटबॉल टीम को ले जा रही एक नागरिक बस को निशाना बनाया। इस हमले में कोच की गर्भवती पत्नी की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए, जिनमें पांच बच्चे शामिल थे। बेलारूस ने इसे 'यूक्रेन का जानबूझकर किया गया आतंकी हमला' बताते हुए संयुक्त राष्ट्र...

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17 जून, 2026 को रूस के ब्रायंस्क क्षेत्र में एक नागरिक बस पर हुए ड्रोन हमले ने एक बड़ा कूटनीतिक संकट पैदा कर दिया। इस हमले ने बेलारूस को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने तक का कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। इस घटना में कोच की गर्भवती पत्नी की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए, जिनमें बेलारूसी युवा फुटबॉल टीम के पांच बच्चे शामिल थे । आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
17 जून की सुबह, एक फिक्स्ड-विंग ड्रोन ने रूस के ब्रायंस्क क्षेत्र में एक बस को निशाना बनाया। यह बस बेलारूस के गोमेल क्षेत्र के रेचित्सा शहर से रूस के काला सागर तट पर स्थित रिसॉर्ट शहर गेलेंदज़िक जा रही थी । बस में कुल 44 लोग सवार थे, जिनमें रेचित्सा यूथ स्पोर्ट्स स्कूल नंबर 2 के फुटबॉल टीम के 28 बच्चे शामिल थे
।
इस हमले में एक महिला की मौत हो गई, जो बच्चों की फुटबॉल टीम के कोच की गर्भवती पत्नी थी । संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक दस्तावेजों में भी मृतका को एक गर्भवती महिला बताया गया है
। शुरुआती रिपोर्टों में सात लोगों के घायल होने की बात कही गई, जिसमें पांच बच्चे शामिल थे
। बाद में बेलारूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने आठ घायलों की पुष्टि की, जिनमें छह बच्चे शामिल थे और दो की हालत गंभीर बताई गई
। हमले के बाद कई दिनों तक छह लोग ब्रायंस्क क्षेत्र के अस्पतालों में भर्ती रहे
।
बेलारूस के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे 'नागरिकों को निशाना बनाने वाला एक और आतंकी कृत्य' करार दिया और यूक्रेन से 'विस्तृत स्पष्टीकरण' की मांग की । मिन्स्क ने इस जानबूझकर किए गए 'आतंकी हमले' के विरोध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया
। रूस ने बेलारूस की इस पहल का समर्थन किया और 26 जून को UN सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई
। इस सत्र में रूस के उप-स्थायी प्रतिनिधि ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कीव की कार्रवाइयों की निंदा करने का आह्वान किया
।
रूसी अन्वेषण समिति (Investigative Committee) ने आतंकवाद की धारा में आपराधिक मामला दर्ज किया और इसके लिए यूक्रेनी सेना को जिम्मेदार ठहराया । क्रेमलिन ने हमले को नागरिकों के खिलाफ एक जानबूझकर किया गया 'आतंकी हमला' बताया
। ब्रायंस्क के कार्यवाहक गवर्नर येगोर कोवलचुक ने इसे एक 'योजनाबद्ध ऑपरेशन' करार देते हुए कहा कि यह बस स्पष्ट रूप से एक नागरिक वाहन थी और उस पर कोई सैन्य चिह्न नहीं थे
।
इस हमले पर चर्चा के लिए 19 जून को मिन्स्क में स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल (CIS) के स्थायी प्रतिनिधियों की एक असाधारण बैठक बुलाई गई । CIS में बेलारूस के स्थायी प्रतिनिधि इगोर नज़रुक ने कहा कि बेलारूस अपने नागरिकों के जीवन और सुरक्षा की रक्षा के लिए 'यूक्रेनी पक्ष के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है'
।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने 'नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले' की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे हमले 'अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी कानून द्वारा निषिद्ध हैं' ।
रूस ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि यूक्रेनी ड्रोन ने जानबूझकर इस बस को निशाना बनाया ।
बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने 18 जून को कहा कि ड्रोन 'यूक्रेनी मूल का' था, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मिन्स्क 'कोई निष्कर्ष निकालने की जल्दबाजी नहीं कर रहा है' और इस घटना को एक 'उकसावे की कार्रवाई' (provocation) बताया, जिसका मकसद बेलारूस को यूक्रेन के साथ युद्ध में सीधे तौर पर खींचना है ।
इस हमले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी । रूस और बेलारूस ने ड्रोन के यूक्रेनी मूल का हवाला दिया, जबकि यूक्रेन ने एक रूसी दस्तावेज पेश किया जिसमें उस समय उस क्षेत्र में कोई यूक्रेनी ड्रोन न होने की बात कही गई
। परस्पर विरोधी सबूतों के कारण हमले की जिम्मेदारी का सवाल अनसुलझा बना हुआ है।
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17 जून 2026 को रूस के ब्रायंस्क क्षेत्र में एक फिक्स्ड विंग ड्रोन ने बेलारूसी युवा फुटबॉल टीम को ले जा रही एक नागरिक बस को निशाना बनाया।
17 जून 2026 को रूस के ब्रायंस्क क्षेत्र में एक फिक्स्ड विंग ड्रोन ने बेलारूसी युवा फुटबॉल टीम को ले जा रही एक नागरिक बस को निशाना बनाया। इस हमले में कोच की गर्भवती पत्नी की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए, जिनमें पांच बच्चे शामिल थे।
बेलारूस ने इसे 'यूक्रेन का जानबूझकर किया गया आतंकी हमला' बताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की, जिसे रूस का समर्थन मिला।
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