करीब 1,000 कलाकारों, एजेंटों, अभिभावकों और उद्योग के पेशेवरों ने इस प्रथा की निंदा करते हुए और अनुबंध की भाषा पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए एक खुला पत्र लिखा है । यह पत्र शुरू में पेप्पा पिग का नाम नहीं लेता था, लेकिन कई मीडिया आउटलेट्स ने पुष्टि की कि यह फ्रेंचाइजी ही इस विवाद का केंद्र है
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आलोचकों का तर्क है कि बाल कलाकार और उनके माता-पिता बातचीत में समान स्थिति में नहीं हैं और वे एक नाबालिग की आवाज़ को हमेशा के लिए क्लोन करने के लिए सार्थक सहमति नहीं दे सकते । यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मनोरंजन उद्योग में 11 महीने की हड़ताल के बाद AI द्वारा कलाकारों की आवाज़ और छवि के अधिकारों को लेकर बहस चल रही है
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पेप्पा पिग का यह मामला AI क्लोनिंग पर एक बड़े श्रम विवाद का नवीनतम हिस्सा है:
मुख्य तनाव हर जगह एक जैसा है: मनोरंजन कंपनियां AI आवाज़ के स्थायी स्वामित्व को एक मूल्यवान संपत्ति के रूप में देखती हैं, जबकि कलाकारों का तर्क है कि आवाज़ कोई वस्तु नहीं, बल्कि पहचान का एक रूप है ।