मई 2022 में, हाई कोर्ट की न्यायाधीश श्रीमती जस्टिस सारा फॉक ने फैसला दिया कि सैमसंग ने स्वैच के पंजीकृत ट्रेडमार्क का उल्लंघन किया है । अदालत ने पाया कि सैमसंग मुख्य रूप से उत्तरदायी था — उसने उन एप्स के गैलेक्सी एप स्टोर में आने से पहले उनकी समीक्षा, अनुमोदन और क्यूरेशन सक्रिय रूप से की थी। सैमसंग का तर्क कि वह सिर्फ एक निष्क्रिय मध्यस्थ था, जिसे ई-कॉमर्स डायरेक्टिव जैसे सुरक्षित-बंदरगाह (सेफ-हार्बर) कानूनों का संरक्षण प्राप्त है, को सिरे से खारिज कर दिया गया ।
अपील कोर्ट ने दिसंबर 2023 में इस फैसले को बरकरार रखा और सैमसंग की अपील खारिज कर दी । यह मामला यूरोप में एप स्टोर संचालकों की देनदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल बन गया है।
अक्टूबर 2015 और फरवरी 2019 के बीच, उल्लंघन करने वाले एप्स को यूके और यूरोपीय संघ में लगभग 157,715 बार डाउनलोड किया गया, जो मीडिया में बताए गए 160,000 के आंकड़े के करीब है ।
दोनों पक्षों के आंकड़ों के बीच चौंका देने वाला अंतर हर्जाने की सुनवाई का केंद्र बिंदु है।
स्वैच का तर्क: हर्जाने की गणना काल्पनिक लाइसेंसिंग फीस के आधार पर की जानी चाहिए — वह राशि जो सैमसंग को ट्रेडमार्क के कानूनी उपयोग के लिए उचित रूप से चुकानी पड़ती। स्वैच का तर्क है कि ओमेगा, ब्रेगेट, टिसोट और लॉन्गाइन्स जैसे प्रीमियम ब्रांडों के मूल्य को देखते हुए यह प्रति डाउनलोड एक बड़ी रॉयल्टी होगी, जो $170 मिलियन के दावे की ओर ले जाती है ।
सैमसंग का तर्क: सैमसंग का कहना है कि एप्स से उसका वास्तविक राजस्व हिस्सा केवल $300 के आसपास था — यह एक बेहद छोटी राशि है, क्योंकि अधिकांश वॉच फेस एप्स मुफ्त या बहुत कम कीमत वाले थे, और किसी भी भुगतान वाली बिक्री में सैमसंग का हिस्सा नगण्य था। सैमसंग का तर्क है कि उसके वास्तविक लाभ से हजारों गुना अधिक हर्जाना देना अनुपातहीन होगा ।
एक ब्रिटिश न्यायाधीश जल्द ही हर्जाने की राशि पर फैसला सुनाने वाले हैं । चूंकि इस कार्यवाही में यूरोपीय संघ के पंजीकृत ट्रेडमार्क शामिल हैं (उल्लंघन की अवधि के दौरान ब्रिटेन अभी भी यूरोपीय संघ का हिस्सा था), स्वैच सिर्फ ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोपीय संघ के लिए हर्जाने की मांग कर रहा है । इसलिए इस फैसले के पूरे यूरोपीय संघ के बाजार में हर्जाने की गणना पर सीमा-पार प्रभाव होंगे।
स्वैच ने डिजिटल वॉच फेस से संबंधित इसी तरह के ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोपों में संयुक्त राज्य अमेरिका में भी सैमसंग के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, हालांकि उपलब्ध यूके-केंद्रित रिपोर्टिंग में अमेरिकी कार्रवाइयों की विशिष्ट स्थिति और मांगी गई राशियों का विवरण नहीं दिया गया है ।
इस मामले को इसलिए बारीकी से देखा जा रहा है क्योंकि यह स्पष्ट करता है कि एप स्टोर संचालक जो थर्ड-पार्टी सामग्री की सक्रिय रूप से समीक्षा और क्यूरेशन करते हैं, उन्हें ट्रेडमार्क उल्लंघन के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी ठहराया जा सकता है। हर्जाने पर यह फैसला यह तय करने में एक बेंचमार्क स्थापित करेगा कि डिजिटल बाजार में बौद्धिक संपदा का मूल्यांकन कैसे किया जाए — चाहे वह ब्रांड के लिए काल्पनिक लाइसेंसिंग फीस पर आधारित हो, या प्लेटफॉर्म द्वारा उत्पन्न वास्तविक राजस्व पर।
इसका परिणाम पूरे यूरोप में एप स्टोर प्रदाताओं के कानूनी दायित्वों को नया आकार दे सकता है और टेक्नोलॉजी प्लेटफार्मों के लिए एक चेतावनी के रूप में काम कर सकता है: सामग्री को क्यूरेट करने का मतलब उसकी जिम्मेदारी लेना है।