Gemini ऐप की ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर कैरोल वालपोर्ट ने इसे "एक इंटरैक्टिव और एडेप्टिव स्पेस बताया, जहां हर पाठ छात्र के रिजल्ट के आधार पर खुद को रीकैलिब्रेट करता है।" यह फीचर मुफ़्त है, दुनिया भर में पर्सनल Google अकाउंट पर उपलब्ध है, और किसी भी विषय के लिए काम करता है। स्कूल-मैनेज्ड अकाउंट के लिए यह सुविधा आने वाले महीनों में उपलब्ध होगी।
Google ने Gemini के भीतर एक ‘Connected Classroom’ ऐप भी पेश किया। यह टूल शिक्षकों की क्लास के रियल कॉन्टेक्स्ट—जैसे असाइनमेंट, ग्रेड और मटीरियल—का उपयोग करके उनके काम को आसान बनाता है। यह छात्रों की प्रोग्रेस का विश्लेषण करने, टेलर-मेड एक्टिविटीज़ तैयार करने और रोज़मर्रा के टीचिंग टास्क में मदद करता है।
यह डेटा Google Workspace for Education के भीतर ही प्रोसेस होता है, और Google का कहना है कि इस डेटा का उपयोग AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाता। इसका मतलब है कि शिक्षकों को अब मैन्युअली टॉपिक और ग्रेड लेवल Gemini में कॉपी-पेस्ट नहीं करने पड़ेंगे; मॉडल खुद ही संबंधित कॉन्टेक्स्ट पुल कर लेगा।
Google ने घोषणा की कि वह आने वाले महीनों में टीचर-लेड AI एक्टिविटीज़ का विस्तार ‘Guided Learning’, ‘Study Notebooks’ और ‘NotebookLM’ तक करेगा। ये गतिविधियाँ स्कूल के करिकुलम पर आधारित होंगी और शिक्षकों को यह नियंत्रण देंगी कि छात्र AI के साथ कैसे इंटरैक्ट करें। इसका उद्देश्य शिक्षकों को यह स्पष्ट जानकारी देना है कि छात्र वास्तव में कितना समझ पाए हैं, ताकि वे अधिक प्रभावी ढंग से उनकी मदद कर सकें।
प्रिंसटन रिव्यू के साथ साझेदारी में, Google GRE और ACT के फुल-लेंथ प्रैक्टिस टेस्ट मुफ़्त प्रदान कर रहा है। ये टेस्ट सीधे Gemini ऐप में ‘Study Notebooks’ फीचर के हिस्से के रूप में उपलब्ध होंगे। इसका मकसद छात्रों को वास्तविक परीक्षा का अनुभव देना है, बिना उन पर महंगे कोचिंग सेंटरों का आर्थिक बोझ डाले।
Google ने पुष्टि की है कि वह एक फर्स्ट-पार्टी Google Classroom MCP सर्वर विकसित कर रहा है। यह बाहरी EdTech प्लेटफॉर्म्स को Classroom के कॉन्टेक्स्ट को सुरक्षित रूप से एक्सेस करने में सक्षम बनाएगा। यह MCP (Model Context Protocol) नामक ओपन स्टैंडर्ड का उपयोग करेगा, जिसे 2024 में Anthropic ने पेश किया था और इसे "AI के लिए USB-C पोर्ट" का दर्जा दिया गया है। इससे पहले कई थर्ड-पार्टी MCP सर्वर मौजूद थे, लेकिन Google के अपने आधिकारिक सर्वर से अतिरिक्त सुरक्षा और सपोर्ट मिलेगा।
प्रोडक्ट घोषणाओं के अलावा, Google.org ने ISTE 2026 में तीन दीर्घकालिक पार्टनर्स के लिए नई फंडिंग की घोषणा की: aiEDU (K-12 जिलों के लिए AI रेडीनेस स्ट्रैटेजी), ISTE+ASCD (AI-आधारित असेसमेंट पर फील्ड स्टडी), और रेनेसां फिलैंथ्रॉपी (शिक्षा पहल)।
Gemini ऐप की ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर कैरोल वालपोर्ट ने इसे "एक इंटरैक्टिव और एडेप्टिव स्पेस बताया, जहां हर पाठ छात्र के रिजल्ट के आधार पर खुद को रीकैलिब्रेट करता है।" यह फीचर मुफ़्त है, दुनिया भर में पर्सनल Google अकाउंट पर उपलब्ध है, और किसी भी विषय के लिए काम करता है। स्कूल-मैनेज्ड अकाउंट के लिए यह सुविधा आने वाले महीनों में उपलब्ध होगी।
Google ने Gemini के भीतर एक ‘Connected Classroom’ ऐप भी पेश किया। यह टूल शिक्षकों की क्लास के रियल कॉन्टेक्स्ट—जैसे असाइनमेंट, ग्रेड और मटीरियल—का उपयोग करके उनके काम को आसान बनाता है। यह छात्रों की प्रोग्रेस का विश्लेषण करने, टेलर-मेड एक्टिविटीज़ तैयार करने और रोज़मर्रा के टीचिंग टास्क में मदद करता है।
यह डेटा Google Workspace for Education के भीतर ही प्रोसेस होता है, और Google का कहना है कि इस डेटा का उपयोग AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाता। इसका मतलब है कि शिक्षकों को अब मैन्युअली टॉपिक और ग्रेड लेवल Gemini में कॉपी-पेस्ट नहीं करने पड़ेंगे; मॉडल खुद ही संबंधित कॉन्टेक्स्ट पुल कर लेगा।
Google ने घोषणा की कि वह आने वाले महीनों में टीचर-लेड AI एक्टिविटीज़ का विस्तार ‘Guided Learning’, ‘Study Notebooks’ और ‘NotebookLM’ तक करेगा। ये गतिविधियाँ स्कूल के करिकुलम पर आधारित होंगी और शिक्षकों को यह नियंत्रण देंगी कि छात्र AI के साथ कैसे इंटरैक्ट करें। इसका उद्देश्य शिक्षकों को यह स्पष्ट जानकारी देना है कि छात्र वास्तव में कितना समझ पाए हैं, ताकि वे अधिक प्रभावी ढंग से उनकी मदद कर सकें।
प्रिंसटन रिव्यू के साथ साझेदारी में, Google GRE और ACT के फुल-लेंथ प्रैक्टिस टेस्ट मुफ़्त प्रदान कर रहा है। ये टेस्ट सीधे Gemini ऐप में ‘Study Notebooks’ फीचर के हिस्से के रूप में उपलब्ध होंगे। इसका मकसद छात्रों को वास्तविक परीक्षा का अनुभव देना है, बिना उन पर महंगे कोचिंग सेंटरों का आर्थिक बोझ डाले।
Google ने पुष्टि की है कि वह एक फर्स्ट-पार्टी Google Classroom MCP सर्वर विकसित कर रहा है। यह बाहरी EdTech प्लेटफॉर्म्स को Classroom के कॉन्टेक्स्ट को सुरक्षित रूप से एक्सेस करने में सक्षम बनाएगा। यह MCP (Model Context Protocol) नामक ओपन स्टैंडर्ड का उपयोग करेगा, जिसे 2024 में Anthropic ने पेश किया था और इसे "AI के लिए USB-C पोर्ट" का दर्जा दिया गया है। इससे पहले कई थर्ड-पार्टी MCP सर्वर मौजूद थे, लेकिन Google के अपने आधिकारिक सर्वर से अतिरिक्त सुरक्षा और सपोर्ट मिलेगा।
प्रोडक्ट घोषणाओं के अलावा, Google.org ने ISTE 2026 में तीन दीर्घकालिक पार्टनर्स के लिए नई फंडिंग की घोषणा की: aiEDU (K-12 जिलों के लिए AI रेडीनेस स्ट्रैटेजी), ISTE+ASCD (AI-आधारित असेसमेंट पर फील्ड स्टडी), और रेनेसां फिलैंथ्रॉपी (शिक्षा पहल)।