समस्या का पता सबसे पहले 25 जून को शाम 4:03 UTC पर चला, जब बेस के स्टेटस पेज ने ब्लॉक प्रोडक्शन को "अनहेल्दी" (खराब) घोषित किया । ब्लॉक #47,806,542 के बाद ब्लॉक बनना बंद हो गया । यह आउटेज करीब 1 से 2 घंटे तक रहा, जिसके बाद करीब शाम 5:51 UTC तक नेटवर्क धीरे-धीरे सामान्य हो गया ।
इस आउटेज का कारण था एक कंसेंसस बग जिसके चलते एक अमान्य ब्लॉक को सीक्वेंस कर दिया गया। इससे चेन का सीक्वेंसर (sequencer) फ़्रीज़ हो गया और कोई नया ब्लॉक नहीं बन सका । बेस टीम ने पुष्टि की कि समस्या एक "असामान्य ब्लॉक" से शुरू हुई जिसने आगे के ब्लॉक बनने की प्रक्रिया में बाधा डाली । इंजीनियर्स को मैन्युअल हस्तक्षेप करना पड़ा, बग को पहचानकर अलग किया और ब्लॉक प्रोडक्शन फिर से शुरू कराया । टीम ने कहा कि वह मूल कारण की जांच जारी रखे हुए है और एक पूरी पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट (विस्तृत विश्लेषण) जारी करने का वादा किया है ।
ब्लॉक प्रोडक्शन पूरी तरह ठप हो गया था। इस दौरान डिपॉज़िट, विथड्रॉल और सभी ऑन-चेन ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ़्रीज़ हो गए । हालांकि, कॉइनबेस के आंतरिक डिजिटल एसेट ट्रेडिंग और फ़िएट एक्सचेंज सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा — सिर्फ बेस के ऑन-चेन ऑपरेशन प्रभावित हुए । बेस नोड ऑपरेटरों को सलाह दी गई कि वे अपने नोड्स को रीस्टार्ट करें ताकि सिंकिंग पूरी तरह से बहाल हो सके ।
हाँ, बिल्कुल। बेस टीम ने सभी आधिकारिक चैनलों पर स्पष्ट और बार-बार पुष्टि की कि सभी यूज़र के फंड्स पूरी तरह सुरक्षित रहे । कोई फंड नहीं खोया या जोखिम में नहीं था, क्योंकि यह एक कंसेंसस स्टॉल था, न कि कोई स्टेट करप्शन या एक्सप्लॉइट । एक विश्लेषक ने बताया कि आउटेज के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ, इसका कारण इसकी छोटी अवधि, उस समय नेटवर्क पर कम लोड और बग की प्रकृति (स्टॉल, डेटा करप्शन नहीं) था। लेकिन उन्होंने आगाह किया कि अगर ऐसा ही बग किसी भीड़-भाड़ वाले दिन आता, तो इससे कीमतों में बड़ा अंतर और आर्थिक नुकसान हो सकता था ।
यह आउटेज उसी दिन शाम 6:00 से 8:00 UTC के बीच निर्धारित Beryl हार्डफोर्क अपग्रेड से कुछ घंटे पहले हुआ । यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी थीं या नहीं, लेकिन इस समय ने यूज़र्स के बीच चिंता और सवाल खड़े कर दिए ।
यह बेस के लिए कोई अकेली घटना नहीं है। इस नेटवर्क पर लॉन्च के बाद से कई बार व्यवधान आए हैं:
अगस्त 2025 (33 मिनट का आउटेज): बेस में इसी तरह का ब्लॉक प्रोडक्शन रुकावट तब आया जब एक दोषपूर्ण सीक्वेंसर ट्रांज़िशन ने नेटवर्क को रोक दिया। उस आउटेज को भी मैन्युअल रूप से हल किया गया था और इसे नेटवर्क की एकमात्र सीक्वेंसर पर निर्भरता से जोड़ा गया । विश्लेषकों ने इसे "ब्लॉकचेन स्केलेबिलिटी के वादों के नीचे अस्थिर ज़मीन" करार दिया और L2 सेंट्रलाइज़ेशन पर बहस छेड़ दी ।
मार्च 2024 (ट्रांजैक्शन में देरी): बेस ने ट्रैफिक बढ़ने के बीच यूज़र्स को ट्रांजैक्शन के "स्टक" होने की चेतावनी दी थी, जो पहले से क्षमता और सीक्वेंसिंग पर दबाव दिखाता है ।
सितंबर 2023 (45 मिनट का चेन स्टॉल): लॉन्च के कुछ ही समय बाद, बेस में एक चेन स्टॉल आया, जिसे "बढ़ते दर्द" (growing pains) करार दिया गया। टीम ने कहा कि यह आंतरिक इंफ्रास्ट्रक्चर में रिफ्रेश की आवश्यकता के कारण हुआ ।
2025 और 2026 के दोनों आउटेज एक ही आर्किटेक्चरल कमजोरी की ओर इशारा करते हैं: कॉइनबेस द्वारा संचालित एक सिंगल सीक्वेंसर पर बेस की निर्भरता । आलोचकों और विश्लेषकों ने कहा है कि यह डिज़ाइन एक सिंगल पॉइंट ऑफ़ फ़ेलियर है, जो नेटवर्क को कंसेंसस बग के प्रति कमज़ोर बनाता है और इसके डिसेंट्रलाइज़ेशन रोडमैप पर सवाल उठाता है । एक चीनी वित्तीय विश्लेषण ने कहा कि "ब्लॉक प्रोडक्शन की दो घटनाएं नेटवर्क की एक सीक्वेंसर पर उच्च निर्भरता को दर्शाती हैं, जो बेस के संभावित सेंट्रलाइज़ेशन जोखिम और परिचालन कमजोरी को उजागर करती हैं" । अन्य उद्योग पर्यवेक्षकों ने निष्कर्ष निकाला कि ये घटनाएं "कॉइनबेस के सेंट्रलाइज़्ड दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण कमजोरियों को उजागर करती हैं" ।
जहाँ बेस के रोडमैप में भविष्य में डिसेंट्रलाइज़ेशन शामिल है, वहीं ये आउटेज वर्तमान संचालन और उस लक्ष्य के बीच की खाई को दर्शाते हैं। जैसा कि एक विश्लेषण ने कहा, इन घटनाओं ने "उद्योग की डिसेंट्रलाइज़ेशन प्रगति और वास्तविक खराबी के प्रति लचीलेपन के बीच संज्ञानात्मक अंतर को उजागर किया" ।
समस्या का पता सबसे पहले 25 जून को शाम 4:03 UTC पर चला, जब बेस के स्टेटस पेज ने ब्लॉक प्रोडक्शन को "अनहेल्दी" (खराब) घोषित किया । ब्लॉक #47,806,542 के बाद ब्लॉक बनना बंद हो गया । यह आउटेज करीब 1 से 2 घंटे तक रहा, जिसके बाद करीब शाम 5:51 UTC तक नेटवर्क धीरे-धीरे सामान्य हो गया ।
इस आउटेज का कारण था एक कंसेंसस बग जिसके चलते एक अमान्य ब्लॉक को सीक्वेंस कर दिया गया। इससे चेन का सीक्वेंसर (sequencer) फ़्रीज़ हो गया और कोई नया ब्लॉक नहीं बन सका । बेस टीम ने पुष्टि की कि समस्या एक "असामान्य ब्लॉक" से शुरू हुई जिसने आगे के ब्लॉक बनने की प्रक्रिया में बाधा डाली । इंजीनियर्स को मैन्युअल हस्तक्षेप करना पड़ा, बग को पहचानकर अलग किया और ब्लॉक प्रोडक्शन फिर से शुरू कराया । टीम ने कहा कि वह मूल कारण की जांच जारी रखे हुए है और एक पूरी पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट (विस्तृत विश्लेषण) जारी करने का वादा किया है ।
ब्लॉक प्रोडक्शन पूरी तरह ठप हो गया था। इस दौरान डिपॉज़िट, विथड्रॉल और सभी ऑन-चेन ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ़्रीज़ हो गए । हालांकि, कॉइनबेस के आंतरिक डिजिटल एसेट ट्रेडिंग और फ़िएट एक्सचेंज सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा — सिर्फ बेस के ऑन-चेन ऑपरेशन प्रभावित हुए । बेस नोड ऑपरेटरों को सलाह दी गई कि वे अपने नोड्स को रीस्टार्ट करें ताकि सिंकिंग पूरी तरह से बहाल हो सके ।
हाँ, बिल्कुल। बेस टीम ने सभी आधिकारिक चैनलों पर स्पष्ट और बार-बार पुष्टि की कि सभी यूज़र के फंड्स पूरी तरह सुरक्षित रहे । कोई फंड नहीं खोया या जोखिम में नहीं था, क्योंकि यह एक कंसेंसस स्टॉल था, न कि कोई स्टेट करप्शन या एक्सप्लॉइट । एक विश्लेषक ने बताया कि आउटेज के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ, इसका कारण इसकी छोटी अवधि, उस समय नेटवर्क पर कम लोड और बग की प्रकृति (स्टॉल, डेटा करप्शन नहीं) था। लेकिन उन्होंने आगाह किया कि अगर ऐसा ही बग किसी भीड़-भाड़ वाले दिन आता, तो इससे कीमतों में बड़ा अंतर और आर्थिक नुकसान हो सकता था ।
यह आउटेज उसी दिन शाम 6:00 से 8:00 UTC के बीच निर्धारित Beryl हार्डफोर्क अपग्रेड से कुछ घंटे पहले हुआ । यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी थीं या नहीं, लेकिन इस समय ने यूज़र्स के बीच चिंता और सवाल खड़े कर दिए ।
यह बेस के लिए कोई अकेली घटना नहीं है। इस नेटवर्क पर लॉन्च के बाद से कई बार व्यवधान आए हैं:
अगस्त 2025 (33 मिनट का आउटेज): बेस में इसी तरह का ब्लॉक प्रोडक्शन रुकावट तब आया जब एक दोषपूर्ण सीक्वेंसर ट्रांज़िशन ने नेटवर्क को रोक दिया। उस आउटेज को भी मैन्युअल रूप से हल किया गया था और इसे नेटवर्क की एकमात्र सीक्वेंसर पर निर्भरता से जोड़ा गया । विश्लेषकों ने इसे "ब्लॉकचेन स्केलेबिलिटी के वादों के नीचे अस्थिर ज़मीन" करार दिया और L2 सेंट्रलाइज़ेशन पर बहस छेड़ दी ।
मार्च 2024 (ट्रांजैक्शन में देरी): बेस ने ट्रैफिक बढ़ने के बीच यूज़र्स को ट्रांजैक्शन के "स्टक" होने की चेतावनी दी थी, जो पहले से क्षमता और सीक्वेंसिंग पर दबाव दिखाता है ।
सितंबर 2023 (45 मिनट का चेन स्टॉल): लॉन्च के कुछ ही समय बाद, बेस में एक चेन स्टॉल आया, जिसे "बढ़ते दर्द" (growing pains) करार दिया गया। टीम ने कहा कि यह आंतरिक इंफ्रास्ट्रक्चर में रिफ्रेश की आवश्यकता के कारण हुआ ।
2025 और 2026 के दोनों आउटेज एक ही आर्किटेक्चरल कमजोरी की ओर इशारा करते हैं: कॉइनबेस द्वारा संचालित एक सिंगल सीक्वेंसर पर बेस की निर्भरता । आलोचकों और विश्लेषकों ने कहा है कि यह डिज़ाइन एक सिंगल पॉइंट ऑफ़ फ़ेलियर है, जो नेटवर्क को कंसेंसस बग के प्रति कमज़ोर बनाता है और इसके डिसेंट्रलाइज़ेशन रोडमैप पर सवाल उठाता है । एक चीनी वित्तीय विश्लेषण ने कहा कि "ब्लॉक प्रोडक्शन की दो घटनाएं नेटवर्क की एक सीक्वेंसर पर उच्च निर्भरता को दर्शाती हैं, जो बेस के संभावित सेंट्रलाइज़ेशन जोखिम और परिचालन कमजोरी को उजागर करती हैं" । अन्य उद्योग पर्यवेक्षकों ने निष्कर्ष निकाला कि ये घटनाएं "कॉइनबेस के सेंट्रलाइज़्ड दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण कमजोरियों को उजागर करती हैं" ।
जहाँ बेस के रोडमैप में भविष्य में डिसेंट्रलाइज़ेशन शामिल है, वहीं ये आउटेज वर्तमान संचालन और उस लक्ष्य के बीच की खाई को दर्शाते हैं। जैसा कि एक विश्लेषण ने कहा, इन घटनाओं ने "उद्योग की डिसेंट्रलाइज़ेशन प्रगति और वास्तविक खराबी के प्रति लचीलेपन के बीच संज्ञानात्मक अंतर को उजागर किया" ।