जून 2026 के अंत में रूस में ईंधन का सबसे गंभीर संकट है। गैसोलीन उत्पादन में लगभग 25% की गिरावट और 50 से अधिक क्षेत्रों में कमी फैल गई है। पुतिन ने नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के आदेश दिए हैं। [2][3][7][8] पुतिन ने दोहरा रास्ता अपनाया है: रक्षात्मक उपाय (23 जून) और जवाबी हमलों की चेतावनी (12 जून)। उन्होंने कहा क...
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शोध उत्तर

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जून 2026 के अंत में, रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन परस्पर जुड़े घटनाक्रम नया आकार दे रहे हैं: रूस के अंदर गहराता ईंधन संकट, व्लादिमीर पुतिन का दोहरा जवाब, और युद्ध के मैदान पर बढ़ती हिंसा के साथ-साथ ठप राजनयिक प्रयास। आइए, तथ्यों के आधार पर समझते हैं।
यूक्रेन के रूसी नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों के जवाब में पुतिन ने दो तरह की कार्रवाई का आदेश दिया है।
बचाव के उपाय (23 जून): पुतिन ने 23 जून को रूसी सरकार और रक्षा मंत्रालय को यूक्रेनी हमलों के नतीजों को कम करने के उपाय करने का निर्देश दिया। उन्होंने आपात स्थिति मंत्रालय को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी । उन्होंने स्वीकार किया कि यूक्रेन रूसी नागरिक सुविधाओं को निशाना बना रहा है और इससे नुकसान हो रहा है ।
जवाबी कार्रवाई की धमकी (12 जून): पुतिन ने 12 जून को क्रेमलिन में एक बैठक में स्पष्ट किया कि "रूस जवाबी हमले बढ़ाएगा"। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य "दुश्मन की हमारे नागरिक ठिकानों पर हमला करने की इच्छा को खत्म करना" है । यह कोई खोखली धमकी नहीं थी। 14-15 जून की रात को रूसी सेना ने कम से कम 70 मिसाइलों के साथ कीव, निप्रो और खार्किव को निशाना बनाते हुए बड़ा हमला किया ।
आर्थिक रूप से, पुतिन ने स्वीकार किया कि यूक्रेन के हमले "रूसी अर्थव्यवस्था और समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं" लेकिन दावा किया कि अर्थव्यवस्था "जल्दी से उबर जाएगी" । हालांकि, 23 जून को ईंधन संकट पर ब्रीफिंग के बावजूद, उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि इसका युद्ध प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा ।
रूस गंभीर ईंधन संकट से जूझ रहा है, जो सीधे तौर पर यूक्रेन के समन्वित ड्रोन अभियान के कारण हुआ है। इस अभियान ने रिफाइनरियों, भंडारण सुविधाओं और परिवहन बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।
भौगोलिक विस्तार: जून के पहले पांच दिनों में गैसोलीन की कमी 15 से बढ़कर 25 से अधिक रूसी क्षेत्रों और छह कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में फैल गई । जून के अंत तक, स्वतंत्र समाचार आउटलेट 'द बेल' ने 53 क्षेत्रों (कब्जे वाले क्षेत्रों सहित) में ईंधन राशनिंग की सूचना दी । मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में भी राशनिंग शुरू हो गई है। टैटनेफ्ट श्रृंखला ने ग्राहकों को केवल 20 लीटर पेट्रोल तक ही सीमित कर दिया है । कब्जे वाले क्रीमिया में ईंधन की बिक्री लगभग ठप है। सेवस्तोपोल में मई के अंत से 20 लीटर की सीमा है और AI-95 केवल सार्वजनिक परिवहन के लिए कूपन के माध्यम से उपलब्ध है ।
उत्पादन में गिरावट: रॉयटर्स के उद्योग स्रोतों के अनुसार, जून के तीसरे सप्ताह में गैसोलीन उत्पादन पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 25% गिर गया । कुल तेल शोधन क्षमता में 20-30% की गिरावट का अनुमान है । जून के पहले सप्ताह तक, एनर्जी इंटेलिजेंस के अनुमान के अनुसार, रूस की लगभग एक तिहाई रिफाइनिंग क्षमता (लगभग 2.14 मिलियन बैरल प्रतिदिन) बेकार पड़ी थी ।
सरकारी प्रतिक्रिया: उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि रूस डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है और कमी को दूर करने के लिए ईंधन आयात पर भी विचार कर रहा है । रूसी रेलवे ने बढ़ते संकट के बीच ईंधन परिवहन के प्रबंधन के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया । कृषि क्षेत्र सबसे अधिक जोखिम में है। जैसा कि एक विश्लेषक ने कहा, रूस के पास 2026 की फसल बाधित होने से पहले ईंधन बाजार को स्थिर करने का सीमित समय है ।
आर्थिक प्रभाव: रूस के केंद्रीय बैंक ने ईंधन संकट और युद्ध की लागत के कारण तेजी से बढ़ती मुद्रास्फीति के जोखिमों का संकेत दिया । कुछ प्रमुख कृषि क्षेत्रों में डीजल की कीमतें वसंत स्तर की तुलना में 40-90% बढ़ गई हैं ।
युद्ध आपसी बढ़ोत्तरी के चक्र में है। यूक्रेन, रूसी पिछले इलाकों पर हमला करके बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है, जबकि रूस बुनियादी ढांचे पर बमबारी बढ़ा रहा है और शांति प्रस्तावों को खारिज कर रहा है ।
राजनयिक प्रयास ठप: 4 जून को राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने पुतिन को एक खुला पत्र लिखकर मौजूदा मोर्चे पर तत्काल युद्ध विराम और तीसरे देश में आमने-सामने बैठक का प्रस्ताव दिया । पुतिन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, और विदेश मंत्री लावरोव ने रूस के कठोर रुख को दोहराया । अमेरिका समर्थित एक शांति पहल, जिसका उद्देश्य जून 2026 तक एक समझौता करना था, प्रमुख शर्तों के अनसुलझे रहने के कारण ठप हो गई है ।
नागरिक हताहतों का रिकॉर्ड: यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन ने बताया कि मई 2026 में नागरिक हताहतों की संख्या अप्रैल 2022 के बाद से सबसे अधिक रही, जो रूस के तीव्र लंबी दूरी के हमले अभियान के कारण थी: कम से कम 274 मारे गए और 1,763 घायल हुए ।
यूक्रेन की रणनीति: यूक्रेन जानबूझकर रूस के अंदर गहरे तक हमला कर रहा है (मॉस्को सिटी सहित) ताकि यह प्रदर्शित किया जा सके कि रूस अपनी मातृभूमि की रक्षा करने में असमर्थ है और आर्थिक दबाव बनाया जा सके। इसका उद्देश्य 2026 के पतन तक पुतिन को बातचीत की मेज पर लाना है । इन हमलों ने रूस की वायु रक्षा प्रणाली की कमजोरियों को उजागर कर दिया है ।
रूसी सैन्य प्रदर्शन में गिरावट: युद्ध अध्ययन संस्थान सहित कई स्रोतों ने आकलन किया है कि विभिन्न मैपिंग पद्धतियों के बावजूद, रूसी सैन्य प्रदर्शन में गिरावट आ रही है । रूसी सेना अग्रिम पंक्ति पर अपने आक्रामक अभियान जारी रखे हुए है, लेकिन बढ़ते रसद तनाव के साथ ।
मुख्य निष्कर्ष: ये तीनों घटनाक्रम आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। यूक्रेन का लंबी दूरी के हमलों का सामरिक अभियान रूस के ईंधन उत्पादन और रसद को नष्ट कर रहा है, जिससे एक आंतरिक आर्थिक संकट पैदा हो रहा है। पुतिन का जवाब रक्षात्मक उपायों का आदेश देना और साथ ही यूक्रेनी शहरों पर बुनियादी ढांचे के हमलों को बढ़ाना और संकेत देना है कि युद्ध धीमा नहीं होगा। लेकिन ईंधन संकट अब इतना गंभीर है कि इससे कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बाधित हो सकते हैं और रूस की मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ सकता है। दोनों पक्षों के रुख सख्त होने के कारण राजनयिक प्रयास ठप हैं।
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जून 2026 के अंत में रूस में ईंधन का सबसे गंभीर संकट है। गैसोलीन उत्पादन में लगभग 25% की गिरावट और 50 से अधिक क्षेत्रों में कमी फैल गई है। पुतिन ने नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के आदेश दिए हैं। [2][3][7][8]
जून 2026 के अंत में रूस में ईंधन का सबसे गंभीर संकट है। गैसोलीन उत्पादन में लगभग 25% की गिरावट और 50 से अधिक क्षेत्रों में कमी फैल गई है। पुतिन ने नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के आदेश दिए हैं। [2][3][7][8] पुतिन ने दोहरा रास्ता अपनाया है: रक्षात्मक उपाय (23 जून) और जवाबी हमलों की चेतावनी (12 जून)। उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन के बुनियादी ढांचे पर हमले बढ़ाएगा ताकि वह रूसी नागरिक स्थलों पर हमला करने की हिम्मत न कर सके। [5...
राजनयिक प्रयास ठप हैं। ज़ेलेंस्की के 4 जून के युद्धविराम और बैठक के प्रस्ताव को पुतिन ने खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र ने मई 2026 में यूक्रेन में रिकॉर्ड नागरिक हताहतों की सूचना दी। [36][34]