सरकारी प्रवक्ता मोहम्मद मोमानी ने कहा कि ये फांसी "देश की रक्षा करते हुए जान गंवाने वालों को न्याय दिलाने" के लिए दी गई है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि मौत की सजा पाए 100 से अधिक कैदी हैं और आगे भी "एक-एक करके" फांसी दी जाएगी ।
ये छह दोषी तीन अलग-अलग श्रेणियों के मामलों से जुड़े थे, जिनमें सभी सुरक्षा बलों की जान लेने से संबंधित थे :
1. 2018 का साल्ट आतंकी सेल (दो व्यक्ति)
2. 2022 का अल-दलाबीह हत्याकांड (एक व्यक्ति)
3. ड्रग्स संबंधित अभियानों में अधिकारियों की हत्या (तीन व्यक्ति)
प्रवक्ता मोमानी ने इस बात की पुष्टि की कि ये सभी मौत की सजाएं राज्य सुरक्षा न्यायालय (State Security Court) द्वारा दी गई थीं। अपील की सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ये सजाएं अंतिम हो गईं थीं। फांसी को जॉर्डन के आपराधिक प्रक्रिया कानून की धारा 359 के तहत राज्य सुरक्षा न्यायालय के लोक अभियोजक की देखरेख में दी गई ।
सरकारी प्रवक्ता मोहम्मद मोमानी ने कहा कि ये फांसी "देश की रक्षा करते हुए जान गंवाने वालों को न्याय दिलाने" के लिए दी गई है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि मौत की सजा पाए 100 से अधिक कैदी हैं और आगे भी "एक-एक करके" फांसी दी जाएगी ।
ये छह दोषी तीन अलग-अलग श्रेणियों के मामलों से जुड़े थे, जिनमें सभी सुरक्षा बलों की जान लेने से संबंधित थे :
1. 2018 का साल्ट आतंकी सेल (दो व्यक्ति)
2. 2022 का अल-दलाबीह हत्याकांड (एक व्यक्ति)
3. ड्रग्स संबंधित अभियानों में अधिकारियों की हत्या (तीन व्यक्ति)
प्रवक्ता मोमानी ने इस बात की पुष्टि की कि ये सभी मौत की सजाएं राज्य सुरक्षा न्यायालय (State Security Court) द्वारा दी गई थीं। अपील की सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ये सजाएं अंतिम हो गईं थीं। फांसी को जॉर्डन के आपराधिक प्रक्रिया कानून की धारा 359 के तहत राज्य सुरक्षा न्यायालय के लोक अभियोजक की देखरेख में दी गई ।