2025 2026 में AI जनित छवियों के विज्ञापन में उपयोग से जुड़े तीन मुख्य कॉपीराइट जोखिम हैं: (1) विशुद्ध AI छवियों पर कॉपीराइट नहीं मिलता, (2) छवि किसी और के कॉपीराइट का उल्लंघन कर सकती है, और (3) EU में अगस्त 2026 से एआ... अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2026 में AI कॉपीराइट चुनौती को खारिज कर 'मानव रचनाकार' की शर्त को...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for Are there copyright issues with using AI-generated images in ads?. Article summary: Yes — using AI-generated images in advertising carries significant copyright risks, and the legal landscape has become more developed in 2025–2026. The core issues fall into three categories: **no copyright ownership of . Topic tags: general, government, general web, education, academic. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, cli
विज्ञापनों में AI से बनी तस्वीरों (AI-generated images) का इस्तेमाल तेज़, सस्ता और देखने में आकर्षक है — लेकिन इससे जुड़े कानूनी जोखिम उतने ही गंभीर हैं, जितने कई मार्केटर्स समझते हैं। 2025 और 2026 में, अदालतों, नियामकों और कानून निर्माताओं ने कॉपीराइट स्वामित्व, उल्लंघन दायित्व और अनिवार्य खुलासे (disclosure) के आसपास स्पष्ट रेखाएँ खींच दी हैं। यहाँ आधिकारिक स्रोतों के आधार पर वह सब कुछ बताया गया है जो विज्ञापनदाताओं को जानना चाहिए।
विज्ञापनदाताओं के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि अमेरिका में विशुद्ध रूप से AI से बनाई गई छवियों पर कॉपीराइट नहीं मिल सकता। अमेरिकी कॉपीराइट कार्यालय (U.S. Copyright Office) ने बार-बार स्पष्ट किया है कि कॉपीराइट संरक्षण के लिए मानव रचनाकार (human authorship) ज़रूरी है । जनवरी 2025 में जारी उनकी रिपोर्ट के अनुसार, "कॉपीराइट कानून के मौजूदा सिद्धांत इस नई तकनीक पर लागू होने के लिए पर्याप्त लचीले हैं," लेकिन AI से बने आउटपुट तभी कॉपीराइट योग्य होंगे जब कोई मानव लेखक पर्याप्त अभिव्यंजक तत्वों (expressive elements) का निर्धारण करे
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मार्च 2026 में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिससे 'मानव रचनाकार' की शर्त मज़बूती से लागू रही । इसका मतलब है कि अगर आपका विज्ञापन पूरी तरह AI से बनी छवि का उपयोग करता है — भले ही वह विस्तृत प्रॉम्प्ट (prompts) से बनी हो — तो हो सकता है कि आपके पास किसी प्रतियोगी के खिलाफ़ लागू करने योग्य कॉपीराइट न हो
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यहाँ तक कि कठोर प्रॉम्प्टिंग (heavy prompting) से भी यह स्थिति नहीं बदलती। कॉपीराइट कार्यालय ने समझाया है कि प्रॉम्प्ट (उपयोगकर्ता के निर्देश) आउटपुट पर पर्याप्त मानवीय नियंत्रण प्रदान नहीं करते, जो रचनाकार (authorship) के योग्य हो । कॉपीराइट पंजीकरण तभी संभव है जब कोई मानव AI से बनी सामग्री में बोधगम्य रचनात्मक संशोधन (perceptible creative modifications) जोड़े — जैसे कि चयन, व्यवस्था, संपादन या महत्वपूर्ण बदलाव
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भले ही आप अपनी AI-जनित विज्ञापन छवि पर कॉपीराइट नहीं ले सकते, फिर भी इसके उपयोग के लिए आप पर मुकदमा हो सकता है। जनरेटिव AI टूल दो तरह से उल्लंघन संबंधी चिंताएँ पैदा करते हैं: कॉपीराइट सामग्री का प्रशिक्षण डेटा में उपयोग होना, और आउटपुट का संरक्षित कार्यों से मिलना । अगर कोई AI-जनित छवि किसी कॉपीराइट किए गए चरित्र, कलाकृति या फ़ोटो से काफ़ी मिलती-जुलती है, तो उसका उपयोग करने वाले विज्ञापनदाता पर उल्लंघन का खतरा मंडरा सकता है — और आमतौर पर AI विक्रेता (vendor) इसके लिए उत्तरदायी नहीं होता
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2025 में, अदालतों ने AI डेवलपर्स के खिलाफ़ उल्लंघन के दावों की सुनवाई शुरू की। अब AI प्लेटफ़ॉर्म और उनका उपयोग करने वाली एजेंसियों के खिलाफ़ 80 से अधिक सक्रिय मुकदमे चल रहे हैं । कॉपीराइट कार्यालय की मई 2025 की रिपोर्ट ने AI प्रशिक्षण और उचित उपयोग (fair use) पर निष्कर्ष दिया कि प्रशिक्षण के लिए कॉपीराइट सामग्री के कुछ उपयोगों को "उचित उपयोग के रूप में बचाव नहीं किया जा सकता"
। विज्ञापनदाताओं को प्रकाशन से पहले AI-जनित इमेजरी की गहन उल्लंघन जांच (infringement checks) करनी चाहिए।
यूरोपीय संघ (EU) में बिक्री करने वाले विज्ञापनदाताओं के लिए, अगस्त 2026 से नए पारदर्शिता दायित्व (transparency obligations) लागू होंगे। EU AI अधिनियम के अनुसार, जनरेटिव AI प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि AI-जनित सामग्री पहचानी जा सके । विशेष रूप से, अनुच्छेद 50 (Article 50) में आवश्यक है कि कुछ AI-जनित सामग्री — जिसमें डीपफेक और सार्वजनिक हित के मामलों पर जानकारी देने वाला टेक्स्ट शामिल है — को स्पष्ट और दृश्य रूप से लेबल किया जाए
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गैर-अनुपालन पर जुर्माना 15 मिलियन यूरो या वैश्विक वार्षिक कारोबार के 3 प्रतिशत तक हो सकता है । यह नियम केवल यूरोप में स्थित कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि किसी भी ऐसे विज्ञापनदाता पर लागू होता है जिसकी सामग्री EU उपभोक्ताओं तक पहुँचती है।
यूरोपीय संघ में AI-जनित कार्यों की कॉपीराइट योग्यता पर कोई विशिष्ट संघ-व्यापी नियम नहीं हैं, लेकिन मौजूदा मामला कानून (case law) और सदस्य राज्यों के विकास मानव रचनात्मकता की आवश्यकता पर जोर देते हैं । यूरोपीय संसद की सामग्रियों में कहा गया है कि "पूरी तरह से मशीन-जनित आउटपुट असुरक्षित रहने चाहिए, जबकि AI-सहायता प्राप्त कार्यों के लिए सामंजस्यपूर्ण संरक्षण मानदंडों की आवश्यकता है"
। यह अमेरिकी स्थिति को प्रतिध्वनित करता है: AI अधिनियम कॉपीराइट लेखकत्व पर "खामोश" है, जो मौजूदा मानव-रचनात्मकता ढाँचे को ही लागू रखता है
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विज्ञापनदाता इन जोखिमों को कुछ ठोस कदमों से प्रबंधित कर सकते हैं:
Studio Global AI
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2025 2026 में AI जनित छवियों के विज्ञापन में उपयोग से जुड़े तीन मुख्य कॉपीराइट जोखिम हैं: (1) विशुद्ध AI छवियों पर कॉपीराइट नहीं मिलता, (2) छवि किसी और के कॉपीराइट का उल्लंघन कर सकती है, और (3) EU में अगस्त 2026 से एआ...
2025 2026 में AI जनित छवियों के विज्ञापन में उपयोग से जुड़े तीन मुख्य कॉपीराइट जोखिम हैं: (1) विशुद्ध AI छवियों पर कॉपीराइट नहीं मिलता, (2) छवि किसी और के कॉपीराइट का उल्लंघन कर सकती है, और (3) EU में अगस्त 2026 से एआ... अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2026 में AI कॉपीराइट चुनौती को खारिज कर 'मानव रचनाकार' की शर्त को बरकरार रखा [5][11]। भारी भरकम प्रॉम्प्ट देने से भी कॉपीराइट नहीं मिलता; इसे मानवीय रचनात्मकता नहीं माना गया [21][23]।