2. एक शुरुआती परिकल्पना बनाएं (या छोड़ें)। कुछ विशेषज्ञ AI चलाने से पहले 4-8 अनुमानित सेगमेंट लिखने की सलाह देते हैं — इससे आपके पास परीक्षण योग्य धारणाएं होती हैं । दूसरे लोग बिना किसी पूर्व धारणा के K-means या हाइरार्किकल क्लस्टरिंग जैसे अनसुपरवाइज्ड एल्गोरिदम को डेटा पर छोड़ देते हैं, जो पूरी तरह से अप्रत्याशित समूहों को उजागर करता है ।
3. AI-संचालित क्लस्टरिंग और विश्लेषण चलाएं। मशीन लर्निंग मॉडल पूरे डेटासेट को स्कैन करते हैं और साझा व्यवहार, खरीद इरादे, जीवन-चरण या अंतर्निहित प्रेरणाओं के आधार पर ग्राहकों को समूहित करते हैं । एक सामान्य तकनीकी तरीका: सर्वे टेक्स्ट को OpenAI जैसे API से एम्बेडिंग में बदलें, फिर scikit-learn से उन एम्बेडिंग को क्लस्टर करें ।
4. क्लस्टर से डेटा-संचालित पर्सोना बनाएं। AI हर स्टैटिस्टिकली प्राप्त सेगमेंट पर डेमोग्राफिक, बिहेवियरल और साइकोग्राफिक विशेषताओं को जोड़कर विस्तृत पर्सोना तैयार करता है । इन पर्सोना का उपयोग मैसेजिंग टेस्ट करने में करें: अपनी मौजूदा कॉपी हर AI पर्सोना को दिखाएं और पूछें कि वे क्यों खरीदेंगे या क्यों नहीं ।
2. एक शुरुआती परिकल्पना बनाएं (या छोड़ें)। कुछ विशेषज्ञ AI चलाने से पहले 4-8 अनुमानित सेगमेंट लिखने की सलाह देते हैं — इससे आपके पास परीक्षण योग्य धारणाएं होती हैं । दूसरे लोग बिना किसी पूर्व धारणा के K-means या हाइरार्किकल क्लस्टरिंग जैसे अनसुपरवाइज्ड एल्गोरिदम को डेटा पर छोड़ देते हैं, जो पूरी तरह से अप्रत्याशित समूहों को उजागर करता है ।
3. AI-संचालित क्लस्टरिंग और विश्लेषण चलाएं। मशीन लर्निंग मॉडल पूरे डेटासेट को स्कैन करते हैं और साझा व्यवहार, खरीद इरादे, जीवन-चरण या अंतर्निहित प्रेरणाओं के आधार पर ग्राहकों को समूहित करते हैं । एक सामान्य तकनीकी तरीका: सर्वे टेक्स्ट को OpenAI जैसे API से एम्बेडिंग में बदलें, फिर scikit-learn से उन एम्बेडिंग को क्लस्टर करें ।
4. क्लस्टर से डेटा-संचालित पर्सोना बनाएं। AI हर स्टैटिस्टिकली प्राप्त सेगमेंट पर डेमोग्राफिक, बिहेवियरल और साइकोग्राफिक विशेषताओं को जोड़कर विस्तृत पर्सोना तैयार करता है । इन पर्सोना का उपयोग मैसेजिंग टेस्ट करने में करें: अपनी मौजूदा कॉपी हर AI पर्सोना को दिखाएं और पूछें कि वे क्यों खरीदेंगे या क्यों नहीं ।