6 नवंबर 2026 को एम्स्टर्डम के स्लोटरडाइक इलाके में कार्यकर्ता एक निर्माण स्थल में घुस गए। यह कार्रवाई ‘स्टॉप डर्टी डेटा सेंटर्स’ गठबंधन के यूरोपभर में दो दिन के प्रदर्शनों की शुरुआत थी। निशाने पर माइक्रोसॉफ्ट के लिए विकसित किया जा रहा डेटा सेंटर था; प्रदर्शन ने एआई से जुड़े बुनियादी ढांचे के तेज विस्तार पर कार्यकर्ताओं की चिंताओं को सुर्खियों में ला दिया।
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एम्स्टर्डम के निर्माण स्थल पर क्या हुआ?
प्रदर्शनकारियों ने निर्माण स्थल की बाड़ पार की और परिसर में दाखिल हुए। खबरों के मुताबिक, कुछ लोग क्रेन पर चढ़े और गुब्बारे लटकाए; कुछ ने फ्लेयर भी जलाए और प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई।
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11 कार्रवाई का आयोजन डच समूह ‘खेफ तेखेन्स’ (Geef Tegengas) ने किया था—नाम का अर्थ है “पीछे धकेलो” या “विरोध करो।”
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भीतर दाखिल हुए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आए। रॉयटर्स के एक प्रत्यक्षदर्शी ने संख्या करीब 100 बताई, जबकि आयोजक के प्रवक्ता ने स्थानीय प्रसारक एटी5 से कहा कि यह आंकड़ा लगभग 500 के करीब था। ये अलग-अलग पक्षों के अनुमान हैं, आधिकारिक अंतिम गिनती नहीं।
7 अल जज़ीरा ने भी स्थल पर कई सौ कार्यकर्ताओं के जुटने की खबर दी।
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प्रदर्शन पर रोक और गिरफ्तारियां
कैपेसिटी की रिपोर्ट के अनुसार, एम्स्टर्डम की मेयर ने प्रदर्शन पर रोक लगाई थी और दंगा-रोधी पुलिस ने स्थल पर कई लोगों को गिरफ्तार किया।
7 एक अन्य खबर में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 150 से 200 बताई गई, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों से आधिकारिक अंतिम आंकड़े की पुष्टि नहीं होती।
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परियोजना का मालिक कौन है और माइक्रोसॉफ्ट की भूमिका क्या है?
डच न्यूज़ के अनुसार, परियोजना प्योर डेटा सेंटर्स विकसित कर रही है और वही स्थल की मालिक है; केंद्र को माइक्रोसॉफ्ट को पट्टे पर दिया जाना है। परियोजना पर एक रिपोर्ट में प्योर डेटा सेंटर्स की एक अरब डॉलर से अधिक निवेश की योजना का उल्लेख है। इसलिए फर्क समझना जरूरी है: खबरों में इसे माइक्रोसॉफ्ट के लिए बन रहा प्योर डेटा सेंटर्स का प्रोजेक्ट बताया गया है, न कि माइक्रोसॉफ्ट के स्वामित्व वाला निर्माण स्थल।
रिपोर्टों के मुताबिक, प्योर डेटा सेंटर्स ने प्रदर्शनकारियों से सुरक्षित तरीके से बाहर जाने और उनकी चिंताओं पर बातचीत करने की पेशकश की। एक अन्य खबर में कहा गया कि माइक्रोसॉफ्ट ने शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति के अधिकार का समर्थन किया, लेकिन गैरकानूनी कार्रवाई का विरोध किया।
यूरोप में दो दिन का अभियान
एम्स्टर्डम की कार्रवाई ‘स्टॉप डर्टी डेटा सेंटर्स’ के बैनर तले व्यापक लामबंदी का हिस्सा थी। खबरों में 15 यूरोपीय देशों में 100 से अधिक समूहों की भागीदारी बताई गई, जबकि रॉयटर्स के अनुसार गठबंधन ने 16 देशों में कार्यक्रमों की घोषणा की थी। उपलब्ध रिपोर्टें इन संख्याओं के अंतर की वजह नहीं बतातीं।
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योजनाबद्ध कार्यक्रमों में डबलिन में मार्च, वारसॉ में पोलैंड की संसद के बाहर प्रदर्शन और डेनमार्क में माइक्रोसॉफ्ट के डेटा सेंटर के बाहर एक रैली शामिल थी।
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9 गठबंधन की मांग है कि सरकारें स्पष्ट नियम तय करें, तब तक बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर निर्माण पर विराम लगाया जाए।
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कार्यकर्ता निर्माण रोकने की मांग क्यों कर रहे हैं?
कार्यकर्ताओं ने डेटा सेंटरों के विस्तार से बिजली, पानी, जमीन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर पड़ सकने वाले दबाव को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने आवास, रोजगार और जीवन-यापन की लागत पर संभावित असर का भी मुद्दा उठाया।
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6 ये गठबंधन की बताई गई चिंताएं हैं—इसका मतलब यह नहीं कि सूचीबद्ध हर असर इस परियोजना में पहले ही हुआ है।
मांग बड़े नए प्रोजेक्ट्स पर अस्थायी विराम की है, ताकि सामाजिक और पर्यावरणीय चिंताओं पर विचार किया जा सके; यह मौजूदा डेटा सेंटर बंद करने या तकनीकी प्रगति का विरोध करने की मांग नहीं है।
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14 इस बहस का केंद्र यह है कि नए बुनियादी ढांचे का निर्माण किन शर्तों पर हो: अभियानकर्ता चाहते हैं कि विस्तार जारी रहने से पहले सरकारें स्पष्ट नियम बनाएं। एम्स्टर्डम के प्रदर्शन ने यह मांग सीधे एक बड़े निर्माण स्थल तक पहुंचा दी।
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