रियल मैड्रिड के कोच जोसे मोरिन्यो ने कहा कि किलियन एम्बाप्पे के माओ ज़ेदोंग वाले मीम पर दिए बयान के बाद क्लब ने अपनी ओर से जरूरी कदम उठा दिए हैं। उन्होंने एम्बाप्पे की त्वरित माफी को जिम्मेदार और ‘बेहद शालीन’ बताया। मगर उनकी यह बात—“अक्सर सबसे अच्छा यही होता है कि आप चुप रहें”—इस विवाद का दूसरा पहलू भी सामने लाती है: क्लब के लिए मामला भले खत्म हो, चीन में उसके असर की खबरें जारी थीं।
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मोरिन्यो ने क्या कहा?
31 अक्टूबर को रेसिंग सांतांदेर के खिलाफ रियल मैड्रिड के ला लीगा मैच से पहले पत्रकारों से बात करते हुए मोरिन्यो ने कहा कि क्लब और खिलाड़ी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, किसी को ठेस पहुंच जाना “आज की दुनिया के खतरों” में से एक है। उन्होंने एम्बाप्पे की माफी को जिम्मेदार कदम बताया और कहा कि खिलाड़ी ने “बेहद शालीनता” दिखाई।
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मोरिन्यो का यह कहना कि मामला बंद है, रियल मैड्रिड की भूमिका के बारे में था: खिलाड़ी और क्लब माफी मांग चुके थे और उनके अनुसार क्लब ने जो करना चाहिए था, वह कर दिया। इसका अर्थ यह नहीं था कि विवाद के सभी परिणाम भी खत्म हो गए थे।
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मीम से माफी तक कैसे पहुंचा विवाद?
विवाद फ्रांसीसी कार्यक्रम द ब्रिज के एक वीडियो क्लिप से शुरू हुआ। एम्बाप्पे से पूछा गया था कि उनका कौन-सा इंटरनेट मीम उन्हें सबसे ज्यादा हंसाता है। खबरों के मुताबिक, उस मीम में उनका चेहरा माओ ज़ेदोंग की तस्वीर पर लगाया गया था। क्लिप में उन्होंने उस तस्वीर के व्यक्ति को “चीनी तानाशाह” कहा था—यह मीम में दिखाए गए व्यक्ति का वर्णन था, एम्बाप्पे का उपनाम नहीं।
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27 अक्टूबर को एम्बाप्पे ने फ्रेंच, चीनी और अंग्रेज़ी में माफी जारी की। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी “सोच-समझकर नहीं की गई थी”, उन्हें अब समझ आया कि इससे चीन और दुनिया भर के चीनी समुदायों के कई लोगों को चोट पहुंची, और उन्होंने अपने शब्दों से आहत लोगों से माफी मांगी।
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रियल मैड्रिड और ला लीगा ने भी माफी मांगी। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने एम्बाप्पे की माफी को गंभीरता से लिया है, लेकिन उसके बाद भी असर तुरंत थमता नहीं दिखा।
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माफी के बाद भी क्यों जारी रहा असर?
विवाद के बाद ला लीगा के पहले मैचों का चीन के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारण नहीं हुआ। एक अलग रिपोर्ट के मुताबिक, स्ट्रीमिंग सेवा मिगू ने 1 नवंबर को रेसिंग सांतांदेर के खिलाफ रियल मैड्रिड का मैच दिखाने का फैसला नहीं किया।
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कारोबारी असर की खबरें भी आईं। रिपोर्टिंग के अनुसार, मेंगनियू और डोंगपेंग समेत कंपनियों ने एम्बाप्पे के साथ अपनी साझेदारियां खत्म कर दीं। उपलब्ध खबरें बताती हैं कि माफी के बाद भी प्रसारण और कारोबारी स्तर पर असर जारी था; उनसे यह साबित नहीं होता कि माफी भर से वे फैसले पलट जाते।
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मोरिन्यो की बात का मुख्य फर्क यही था: क्लब ने अपनी प्रतिक्रिया को पूरा माना, लेकिन चीन से आ रही खबरें दिखा रही थीं कि विवाद के नतीजे अभी सामने आ रहे थे।