सोमवार, 26 अक्टूबर को एशियाई बाजारों ने सतर्क शुरुआत की। शेयर सूचकांक कमजोर रहे, ब्रेंट कच्चा तेल छह महीने के ऊंचे स्तर से नीचे आया और सोने में मामूली वापसी हुई। निवेशक केंद्रीय बैंकों के फैसलों और बड़ी कंपनियों की कमाई से भरे हफ्ते के संकेतों का इंतजार कर रहे थे।
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एशियाई शेयर: हफ्ते की शुरुआत दबाव में
निक्केई 225 करीब 0.8% नीचे आया। इससे पहले पिछले हफ्ते जापान का यह प्रमुख शेयर सूचकांक 4% गिरा था। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का MSCI सूचकांक भी 0.1% फिसला।
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दक्षिण कोरिया के कोस्पी में शुरुआती कमजोरी और बाद की आंशिक वापसी, पिछले हफ्ते की 2.08% गिरावट या विदेशी निवेशकों की बिकवाली के सटीक आंकड़ों की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
तेल: ऊंचे स्तर से पीछे, लेकिन आपूर्ति की चिंता कायम
ब्रेंट वायदा 1.9% गिरकर 114.48 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट पिछले हफ्ते की 6.2% तेजी के बाद आई। कतर के मध्यस्थों के रविवार को तेहरान पहुंचने और अमेरिका के साथ मिलकर क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिश की खबरों के बाद तेल ने अपने हालिया लाभ का कुछ हिस्सा गंवाया।
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सऊदी अरब में हूती हमलों की खबरों ने ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका को बनाए रखा। इस वजह से तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद बाजार की चिंता पूरी तरह दूर नहीं हुई।
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11 महंगा तेल महंगाई पर दबाव डाल सकता है, इसलिए केंद्रीय बैंक भी ऊर्जा कीमतों पर नजर रख रहे थे।
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सोना: साप्ताहिक गिरावट के बाद मामूली उछाल
सोमवार को स्पॉट गोल्ड 0.4% बढ़कर 4,010.51 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। नरम तेल कीमतों से महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई, जिससे सोने को सहारा मिला।
3 पिछले कारोबारी सत्र में सोना जुलाई के मध्य के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा था। इससे पहले पूरे हफ्ते में इसमें 4% की गिरावट दर्ज हुई थी—जून के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट।
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सोमवार के शुरुआती कारोबार में सोना 0.2% नीचे था। बाद में हुई बढ़त को दिन के भीतर आई वापसी समझना चाहिए, न कि अलग-अलग रिपोर्टों के बीच विरोधाभास।
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ब्याज दरों पर नजर: क्या पुष्ट है, क्या नहीं
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने अक्टूबर की बैठक में फेड से दरें स्थिर रखने और दिसंबर में एक और बढ़ोतरी की संभावना जताई थी।
19 हालांकि, उपलब्ध सामग्री से यह पुष्टि नहीं होती कि बाजार, गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन—तीनों का अनुमान एक जैसा था।
फेड की 27–28 अक्टूबर की बैठक के लिए 3.75%–4% की दर-सीमा, सितंबर में 25 बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी, दिसंबर में लगभग 80% की दर-वृद्धि संभावना और वैश्विक स्तर पर सीमित दर-वृद्धि चक्र के दावों की भी यहां उपलब्ध स्रोतों से स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
बैंक ऑफ जापान के मामले में, शुक्रवार की बैठक में दरें स्थिर रखने के साथ महंगाई के लक्ष्य से ऊपर जाने के जोखिम पर सख्त संकेत देने की संभावना बताई गई थी। ऐसी भाषा दिसंबर में दर बढ़ाने की गुंजाइश का संकेत दे सकती थी।
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कमाई और महंगाई के आंकड़े: बाजार क्या देखेगा
इस हफ्ते निवेशकों के लिए बड़ा सवाल यह था कि कंपनियों के नतीजे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कारोबार को लेकर भरोसा बनाए रखेंगे या नहीं।
1 पहले की रिपोर्टिंग में डेटा सेंटरों पर कर्ज, AI ढांचे की फंडिंग और ऊंची ब्याज दरों को लेकर चिंताएं भी सामने आई थीं।
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7 SK hynix, Samsung Electronics, Alphabet, Microsoft, Amazon और Intel जैसी कंपनियों के संदर्भ में बाजार यह परख सकता है कि AI पर भारी खर्च से कमाई, मार्जिन और नकदी प्रवाह में कितना लाभ मिलता है। हालांकि, उपलब्ध स्रोत इन कंपनियों की रिपोर्टिंग तारीखों या इस दावे की पुष्टि नहीं करते कि S&P 500 की करीब एक-तिहाई कंपनियां इसी हफ्ते नतीजे दे रही थीं।
अमेरिका के सितंबर PCE महंगाई आंकड़े में कोर महंगाई 3.1% रहने की उम्मीद और ऑस्ट्रेलिया की तीसरी तिमाही की महंगाई रिपोर्ट के बाद नवंबर की शुरुआत में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा दर 4.85% करने की 60% से अधिक बाजार-आधारित संभावना—इन विशिष्ट दावों की भी यहां उपलब्ध सामग्री से पुष्टि नहीं होती।