IIF के आंकड़ों के हवाले से Reuters ने बताया कि सितंबर में उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड से 26.3 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई—जून के बाद पहली बार। फेड ने 16 सितंबर को ब्याज दर चौथाई प्रतिशत अंक बढ़ाकर 3.75%–4.00% की। फैसला सर्वसम्मति से हुआ और बाजारों को इसकी व्यापक रूप से उम्मीद थी। मई और जून की निकासी के बाद जुल...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did the Federal Reserve’s surprise September 16, 2026, rate hike of 25 basis points to 3.75%–4.00%, ending the 2025 rate-cutting trend a. Article summary: The September hike made U.S. assets more attractive and helped lift the dollar, creating a plausible reason for investors to reduce emerging-market exposure. The IIF reports a $26.3 billion net withdrawal in September—th. Topic tags: general, news, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
सितंबर 2026 में विदेशी निवेशकों ने उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड से 26.3 अरब डॉलर निकाले। जून के बाद यह पहली मासिक शुद्ध निकासी थी। Reuters ने यह आंकड़ा Institute of International Finance (IIF)—अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों का संगठन—के हवाले से दिया। फेड की दर बढ़ोतरी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और मजबूत डॉलर ने निवेशकों पर दबाव डाला हो सकता है; लेकिन कुल निकासी से यह साबित नहीं होता कि इसमें फेड का कितना योगदान था।
16 सितंबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दर 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 3.75%–4.00% कर दी। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के सभी 12 सदस्यों ने इस फैसले का समर्थन किया। फेड चेयर केविन वॉर्श ने इसे मौद्रिक नीति से “कुछ राहत हटाने” की कार्रवाई बताया। 19
यह बढ़ोतरी बाजार के लिए पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं थी: Reuters के अनुसार निवेशकों को इसकी व्यापक रूप से उम्मीद थी। फिर भी, फेड के संकेत आगे की नीति को लेकर मायने रखते थे। उसके 18 नीति-निर्माताओं में से 16 ने साल खत्म होने से पहले कम-से-कम एक और चौथाई अंक की बढ़ोतरी का अनुमान जताया था—दो और बढ़ोतरी का नहीं। 17
18
भविष्य में दर बढ़ने की आशंका भी निवेशकों के फैसले बदल सकती है। Reuters ने सितंबर के फैसले के साथ अमेरिकी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती का जिक्र किया। ऐसी परिस्थितियों में अमेरिकी संपत्तियां उभरते बाजारों के निवेश के मुकाबले अधिक आकर्षक लग सकती हैं। 17
सितंबर की निकासी से पहले जुलाई में उभरते बाजारों के कर्ज और शेयरों में कुल 18.8 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश आया था। यह मई और जून की निकासी के बाद वापसी थी। IIF के आंकड़ों में मई में करीब 26.6 अरब डॉलर और जून में 17.8 अरब डॉलर की निकासी दर्ज है। 1
4
इससे पहले मार्च में उभरते बाजारों से पोर्टफोलियो निवेश की निकासी 66.2 अरब डॉलर रही थी; अप्रैल में इसके बाद उल्लेखनीय वापसी हुई। ऐसे तेज उतार-चढ़ाव बताते हैं कि निवेश का रुख जल्दी बदल सकता है। सितंबर की निकासी एक और पलटाव थी, पर अपने आप में यह नहीं बताती कि इसकी एकमात्र वजह फेड था। 10
सितंबर में फिक्स्ड इनकम—यानी बॉन्ड जैसे कर्ज निवेश—से भी 7 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई। मार्च के बाद यह पहली ऐसी निकासी थी। इससे संकेत मिलता है कि बिकवाली सिर्फ शेयरों तक सीमित नहीं रही, हालांकि यह आंकड़ा अलग-अलग देशों या निवेशकों के फैसलों का ब्योरा नहीं देता।
जब अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो निवेशकों को वहां के अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले निवेश से बेहतर संभावित रिटर्न दिख सकता है। इससे उभरते बाजारों की अधिक जोखिम वाली संपत्तियों की मांग घट सकती है। मजबूत डॉलर का असर भी पड़ता है: डॉलर में नापे गए निवेश का रिटर्न कम हो सकता है और डॉलर में लिया गया कर्ज स्थानीय मुद्रा में चुकाना महंगा पड़ सकता है। ये ऐसे संभावित रास्ते हैं जिनसे सख्त अमेरिकी मौद्रिक नीति उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ा सकती है—पर इससे यह साबित नहीं होता कि सितंबर की हर बिक्री फेड की वजह से हुई। 17
विदेशी कर्ज वाले देशों के लिए मुद्रा का यह जोखिम खास अहम है। पाकिस्तान के 2025–26 के आधिकारिक आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, मार्च 2026 के अंत में उसका बाहरी सार्वजनिक कर्ज 92.2 अरब डॉलर था। यह आंकड़ा कर्ज का संदर्भ देता है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि सितंबर की पोर्टफोलियो निकासी में पाकिस्तान का कोई खास हिस्सा था।
Reuters ने सितंबर की कुल निकासी को IIF के आंकड़ों से जोड़ा है। IIF अपना Capital Flows Tracker भी प्रकाशित करता है, जिसमें पोर्टफोलियो निवेश के आंकड़े शामिल हैं। 5 यह कुल रकम उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड में निवेश के शुद्ध बदलाव को बताती है; यह इन अर्थव्यवस्थाओं में आने-जाने वाली हर तरह की पूंजी का हिसाब नहीं है।
मासिक कुल आंकड़ा यह भी नहीं बताता कि बिकवाली का कितना हिस्सा फेड के फैसले से जुड़ा था और कितना अन्य बाजार घटनाओं से। उपलब्ध रिपोर्टिंग में देशवार लेन-देन का इतना ब्योरा नहीं है कि आंकड़े का स्वतंत्र रूप से पूरा मिलान किया जा सके या फेड के अलग-अलग योगदान की गणना हो। इसलिए दर बढ़ोतरी को निकासी का एक संभावित कारक मानना बेहतर है, पक्का और अकेला कारण नहीं।
फेड की अगली बैठक 27–28 अक्टूबर को होनी थी। उस समय का फैसला, नीति पर दिए गए संकेत और बाजारों की प्रतिक्रिया यह समझने में मदद कर सकते थे कि सितंबर की सख्ती एक बार का कदम थी या लंबे बदलाव की शुरुआत।
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IIF के आंकड़ों के हवाले से Reuters ने बताया कि सितंबर में उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड से 26.3 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई—जून के बाद पहली बार।
IIF के आंकड़ों के हवाले से Reuters ने बताया कि सितंबर में उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड से 26.3 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई—जून के बाद पहली बार। फेड ने 16 सितंबर को ब्याज दर चौथाई प्रतिशत अंक बढ़ाकर 3.75%–4.00% की। फैसला सर्वसम्मति से हुआ और बाजारों को इसकी व्यापक रूप से उम्मीद थी।
मई और जून की निकासी के बाद जुलाई में 18.8 अरब डॉलर का निवेश आया था; सितंबर का आंकड़ा फिर से तेज पलटाव दिखाता है।
IIF के आंकड़ों के हवाले से Reuters ने बताया कि सितंबर में उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड से 26.3 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई—जून के बाद पहली बार। फेड ने 16 सितंबर को ब्याज दर चौथाई प्रतिशत अंक बढ़ाकर 3.75%–4.00% की। फैसला सर्वसम्मति से हुआ और बाजारों को इसकी व्यापक रूप से उम्मीद थी। मई और जून की निकासी के बाद जुल...
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did the Federal Reserve’s surprise September 16, 2026, rate hike of 25 basis points to 3.75%–4.00%, ending the 2025 rate-cutting trend a. Article summary: The September hike made U.S. assets more attractive and helped lift the dollar, creating a plausible reason for investors to reduce emerging-market exposure. The IIF reports a $26.3 billion net withdrawal in September—th. Topic tags: general, news, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
सितंबर 2026 में विदेशी निवेशकों ने उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड से 26.3 अरब डॉलर निकाले। जून के बाद यह पहली मासिक शुद्ध निकासी थी। Reuters ने यह आंकड़ा Institute of International Finance (IIF)—अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों का संगठन—के हवाले से दिया। फेड की दर बढ़ोतरी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और मजबूत डॉलर ने निवेशकों पर दबाव डाला हो सकता है; लेकिन कुल निकासी से यह साबित नहीं होता कि इसमें फेड का कितना योगदान था।
16 सितंबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दर 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 3.75%–4.00% कर दी। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के सभी 12 सदस्यों ने इस फैसले का समर्थन किया। फेड चेयर केविन वॉर्श ने इसे मौद्रिक नीति से “कुछ राहत हटाने” की कार्रवाई बताया। 19
यह बढ़ोतरी बाजार के लिए पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं थी: Reuters के अनुसार निवेशकों को इसकी व्यापक रूप से उम्मीद थी। फिर भी, फेड के संकेत आगे की नीति को लेकर मायने रखते थे। उसके 18 नीति-निर्माताओं में से 16 ने साल खत्म होने से पहले कम-से-कम एक और चौथाई अंक की बढ़ोतरी का अनुमान जताया था—दो और बढ़ोतरी का नहीं। 17
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भविष्य में दर बढ़ने की आशंका भी निवेशकों के फैसले बदल सकती है। Reuters ने सितंबर के फैसले के साथ अमेरिकी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती का जिक्र किया। ऐसी परिस्थितियों में अमेरिकी संपत्तियां उभरते बाजारों के निवेश के मुकाबले अधिक आकर्षक लग सकती हैं। 17
सितंबर की निकासी से पहले जुलाई में उभरते बाजारों के कर्ज और शेयरों में कुल 18.8 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश आया था। यह मई और जून की निकासी के बाद वापसी थी। IIF के आंकड़ों में मई में करीब 26.6 अरब डॉलर और जून में 17.8 अरब डॉलर की निकासी दर्ज है। 1
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इससे पहले मार्च में उभरते बाजारों से पोर्टफोलियो निवेश की निकासी 66.2 अरब डॉलर रही थी; अप्रैल में इसके बाद उल्लेखनीय वापसी हुई। ऐसे तेज उतार-चढ़ाव बताते हैं कि निवेश का रुख जल्दी बदल सकता है। सितंबर की निकासी एक और पलटाव थी, पर अपने आप में यह नहीं बताती कि इसकी एकमात्र वजह फेड था। 10
सितंबर में फिक्स्ड इनकम—यानी बॉन्ड जैसे कर्ज निवेश—से भी 7 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई। मार्च के बाद यह पहली ऐसी निकासी थी। इससे संकेत मिलता है कि बिकवाली सिर्फ शेयरों तक सीमित नहीं रही, हालांकि यह आंकड़ा अलग-अलग देशों या निवेशकों के फैसलों का ब्योरा नहीं देता।
जब अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो निवेशकों को वहां के अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले निवेश से बेहतर संभावित रिटर्न दिख सकता है। इससे उभरते बाजारों की अधिक जोखिम वाली संपत्तियों की मांग घट सकती है। मजबूत डॉलर का असर भी पड़ता है: डॉलर में नापे गए निवेश का रिटर्न कम हो सकता है और डॉलर में लिया गया कर्ज स्थानीय मुद्रा में चुकाना महंगा पड़ सकता है। ये ऐसे संभावित रास्ते हैं जिनसे सख्त अमेरिकी मौद्रिक नीति उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ा सकती है—पर इससे यह साबित नहीं होता कि सितंबर की हर बिक्री फेड की वजह से हुई। 17
विदेशी कर्ज वाले देशों के लिए मुद्रा का यह जोखिम खास अहम है। पाकिस्तान के 2025–26 के आधिकारिक आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, मार्च 2026 के अंत में उसका बाहरी सार्वजनिक कर्ज 92.2 अरब डॉलर था। यह आंकड़ा कर्ज का संदर्भ देता है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि सितंबर की पोर्टफोलियो निकासी में पाकिस्तान का कोई खास हिस्सा था।
Reuters ने सितंबर की कुल निकासी को IIF के आंकड़ों से जोड़ा है। IIF अपना Capital Flows Tracker भी प्रकाशित करता है, जिसमें पोर्टफोलियो निवेश के आंकड़े शामिल हैं। 5 यह कुल रकम उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड में निवेश के शुद्ध बदलाव को बताती है; यह इन अर्थव्यवस्थाओं में आने-जाने वाली हर तरह की पूंजी का हिसाब नहीं है।
मासिक कुल आंकड़ा यह भी नहीं बताता कि बिकवाली का कितना हिस्सा फेड के फैसले से जुड़ा था और कितना अन्य बाजार घटनाओं से। उपलब्ध रिपोर्टिंग में देशवार लेन-देन का इतना ब्योरा नहीं है कि आंकड़े का स्वतंत्र रूप से पूरा मिलान किया जा सके या फेड के अलग-अलग योगदान की गणना हो। इसलिए दर बढ़ोतरी को निकासी का एक संभावित कारक मानना बेहतर है, पक्का और अकेला कारण नहीं।
फेड की अगली बैठक 27–28 अक्टूबर को होनी थी। उस समय का फैसला, नीति पर दिए गए संकेत और बाजारों की प्रतिक्रिया यह समझने में मदद कर सकते थे कि सितंबर की सख्ती एक बार का कदम थी या लंबे बदलाव की शुरुआत।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
IIF के आंकड़ों के हवाले से Reuters ने बताया कि सितंबर में उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड से 26.3 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई—जून के बाद पहली बार।
IIF के आंकड़ों के हवाले से Reuters ने बताया कि सितंबर में उभरते बाजारों के शेयरों और बॉन्ड से 26.3 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी हुई—जून के बाद पहली बार। फेड ने 16 सितंबर को ब्याज दर चौथाई प्रतिशत अंक बढ़ाकर 3.75%–4.00% की। फैसला सर्वसम्मति से हुआ और बाजारों को इसकी व्यापक रूप से उम्मीद थी।
मई और जून की निकासी के बाद जुलाई में 18.8 अरब डॉलर का निवेश आया था; सितंबर का आंकड़ा फिर से तेज पलटाव दिखाता है।