यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र के रूसी-कब्ज़े वाले ओलेश्की में करीब 2,000 नागरिकों के अब भी रहने की खबर है। वहाँ भोजन, साफ़ पानी और दवाओं की भारी कमी बताई गई है। कुछ निवासियों ने गुज़ारे के लिए बगीचे की जंगली घास तक खाने की बात कही है। बारूदी सुरंगों से घिरे रास्ते, गोलाबारी और सहायता व निकासी में रुकावटों की खबरों ने लोगों तक ज़रूरी सामान पहुँचाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल कर दिया है।
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ज़रूरी सामान की कमी और ख़तरे भरे रास्ते
ओलेश्की में भोजन की नियमित आपूर्ति बाधित हो गई है। रिपोर्टों में पानी, बिजली और चिकित्सा सुविधा तक सीमित पहुँच का भी ज़िक्र है। यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप है कि रूसी सेना राहत सामग्री को शहर तक पहुँचने और नागरिकों को बाहर जाने से रोक रही है। रास्तों में बारूदी सुरंगें होने की खबर है, जबकि ड्रोन गतिविधि और जारी लड़ाई से सफ़र करना या राहत पहुँचाना और जोखिम भरा हो गया है।
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शहर में कितने लोग बचे हैं, इसका आँकड़ा अनुमानित है। ज़्यादातर रिपोर्टें संख्या करीब 2,000 बताती हैं, हालांकि एक आकलन इसे 2,000 से 4,000 के बीच रखता है।
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यूक्रेन की ड्रोन से राहत पहुँचाने की कोशिश
ज़मीनी रास्तों से पहुँचना बेहद मुश्किल होने के कारण यूक्रेन ने सामान पहुँचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है। सितंबर के आख़िर में हुए एक अभियान में यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन से शहर की 100 जगहों पर करीब 4,000 किलोग्राम भोजन गिराया गया। इसके बाद की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 400 पैकेटों की एक और खेप भेजी गई, जिसका वज़न करीब चार टन था और उसमें भोजन व दवाएँ थीं। ये खेपें मदद तो पहुँचाती हैं, लेकिन नियमित और भरोसेमंद मानवीय पहुँच की व्यापक ज़रूरत पूरी नहीं करतीं।
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मानवीय पहुँच और सुरक्षित निकासी की माँग
यूक्रेनी अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप, मानवीय राहत दलों को शहर में प्रवेश और नागरिकों के लिए सुरक्षित निकासी गलियारा बनाने की माँग की है। यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) में प्रतिनिधियों ने ओलेश्की तक मानवीय मिशनों को पहुँच देने और निकासी गलियारा खोलने की अपील की। संगठन में ब्रिटेन के एक बयान में भी रूस से अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत अपने दायित्वों का पालन करने को कहा गया।
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ईयू की आयुक्त हाजा लाहबीब ने कहा कि मानवीय सहायता ज़रूरतमंदों तक पहुँचनी चाहिए और नागरिकों को वहाँ से जाने दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राहत संगठनों को सुरक्षित और लगातार पहुँच की ज़रूरत है। यूरोपीय संसद के सदस्यों ने भी शहर के नागरिकों के लिए तत्काल मदद की माँग की है।
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ज़िम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावे
यूक्रेन का कहना है कि रूसी सेना ने ओलेश्की को अलग-थलग कर दिया है, सहायता रोक रही है और लोगों की निकासी में बाधा डाल रही है। रूस ने आपूर्ति में रुकावट के लिए कीव को ज़िम्मेदार ठहराया है। क्रेमलिन ने स्थिति को गंभीर और भोजन व दवाओं की आपूर्ति में समस्या वाला माना, लेकिन कहा कि उसकी सेना इसे सुलझाने की कोशिश कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टें हर कथित रुकावट या हमले के लिए ज़िम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करतीं।
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फिलहाल यूक्रेनी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की माँगें साफ़ हैं: सुरक्षित और लगातार मानवीय पहुँच, नागरिकों के लिए ज़रूरी सामान और बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता। इन कदमों को लागू किया जा सकेगा या नहीं, यह अभी अनिश्चित है।