अक्टूबर 2026 की शुरुआत में प्रशांत महासागर में अल नीनो मजबूत हो रहा था। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) के पूर्वानुमान के मुताबिक इसके बहुत मजबूत होने की संभावना काफी अधिक थी। फिर भी, इसे सदियों या 1,000 साल में सबसे ताकतवर घटना कहना अभी जल्दबाजी होती। दैनिक तापमान का रिकॉर्ड, कुछ महीनों का औसत, भविष्य का अनुमान और प्रवालों में दर्ज पुराना जलवायु इतिहास—इनमें से हर एक अलग सवाल का जवाब देता है।
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प्रशांत महासागर के आंकड़े क्या बताते हैं?
29 सितंबर को नीनो 3.4 क्षेत्र में समुद्र की सतह का दैनिक औसत तापमान 85.73°F (लगभग 29.85°C) दर्ज हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह उस क्षेत्र का रिकॉर्ड था। लेकिन यह एक दिन का तापमान है; इससे अपने-आप यह तय नहीं होता कि पूरी अल नीनो घटना रिकॉर्ड में सबसे ताकतवर है।
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NOAA का जून–अगस्त का तीन महीने का ओशैनिक नीनो इंडेक्स (ONI) +1.8°C था, जो मजबूत अल नीनो की श्रेणी में आता है। अलग से, NOAA ने पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र-सतह के तापमान में औसत से +3.0°C से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की। ये आंकड़े अलग-अलग माप और क्षेत्रों से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें एक-दूसरे के बदले नहीं पढ़ना चाहिए।
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NOAA का पूर्वानुमान क्या कहता है—और क्या नहीं?
NOAA के जलवायु पूर्वानुमान केंद्र ने अनुमान लगाया कि उत्तरी गोलार्ध की 2026–27 की शरद और सर्दियों में अल नीनो के बहुत मजबूत होने की संभावना 90% से अधिक है। साथ ही, अक्टूबर–दिसंबर के तीन महीने के सापेक्ष ओशैनिक नीनो इंडेक्स (RONI) के कम-से-कम +2.5°C तक पहुंचने की 75% संभावना बताई गई। ऐसा होने पर यह 1950 से उपलब्ध रिकॉर्ड में पिछली घटनाओं से अधिक मजबूत होगा।
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ये पूर्वानुमान हैं, इस बात की पुष्टि नहीं कि रिकॉर्ड पहले ही टूट चुका है। NOAA यह भी कहता है कि बहुत मजबूत अल नीनो से उससे जुड़े मौसमी असर की संभावना बढ़ती है, लेकिन वे असर निश्चित नहीं होते।
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प्रवालों के अध्ययन का ‘1,000 साल’ से क्या संबंध है?
गैलापागोस द्वीपों के आधुनिक और प्राचीन प्रवालों का अध्ययन करते हुए शोधकर्ताओं ने अल नीनो की गतिविधि को आधुनिक उपकरणों के रिकॉर्ड से कहीं पीछे तक समझने की कोशिश की। अध्ययन के मुताबिक, पिछले चार दशकों में अल नीनो की गतिविधि औद्योगिक-पूर्व दौर की तुलना में करीब 40% अधिक मजबूत रही। यह नतीजा हाल के दशकों को लगभग 1,000 साल के संदर्भ में देखने में मदद करता है।
लेकिन यह निष्कर्ष अपने-आप यह साबित नहीं करता कि 2026 की अभी जारी घटना ही पिछले 1,000 साल की सबसे ताकतवर है। हाल के दशकों की गतिविधि के बारे में अध्ययन का निष्कर्ष और किसी एक घटना के अंततः कितनी ताकतवर होने का अनुमान—दो अलग दावे हैं। अक्टूबर की शुरुआत में दूसरे सवाल का जवाब अभी पूर्वानुमान पर निर्भर था।
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मौसम पर क्या असर पड़ सकता है?
अल नीनो प्रशांत क्षेत्र में समुद्र और वायुमंडल की स्थितियों को बदलकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के मौसम को प्रभावित करता है। कुछ जगहों पर गर्मी, सूखे या पानी की कमी का जोखिम बढ़ सकता है, जबकि कहीं और तेज बारिश और बाढ़ की आशंका हो सकती है। रिपोर्टों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चरम मौसम के असर उभरने की बात कही गई, लेकिन इसके प्रभाव क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं।
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अमेरिका के लिए भी मौसमी पूर्वानुमान और स्थानीय मौसम की जानकारी देखना अधिक उपयोगी है—यह मान लेना नहीं कि हर इलाके में एक जैसा असर होगा। NOAA के अनुसार, ऐतिहासिक रूप से बहुत मजबूत घटना में अल नीनो से जुड़े असर की संभावना अधिक हो सकती है, लेकिन उनकी गारंटी नहीं है।
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अभी से तैयारी पर जोर क्यों?
पूर्वानुमान एक बहुत मजबूत घटना की ओर इशारा कर रहे थे, और इससे जुड़े कुछ खतरे—जैसे गर्मी, बाढ़ और सूखा—पहले से योजना बनाने की जरूरत पैदा कर सकते हैं। यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र के विश्लेषण में भी अनुमानित जोखिमों को घटना के चरम पर पहुंचने से पहले समझने और तैयारी करने पर जोर दिया गया है।
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‘अलर्टा अल नीनो’ अभियान से जुड़े वैज्ञानिकों और अन्य लोगों ने भी सरकारों से अभी से रोकथाम और अनुकूलन के कदम उठाने की अपील की। मकसद है कि जोखिमों के असर सामने आने के बाद ही कार्रवाई शुरू करने के बजाय पहले से तैयारी की जा सके।
सीधी बात: अक्टूबर 2026 की शुरुआत में अल नीनो मजबूत था और उसके और तीव्र होने की संभावना थी। लेकिन उसकी अंतिम ताकत, ऐतिहासिक रैंक और अलग-अलग जगहों पर होने वाले असर अभी निश्चित नहीं थे। चेतावनी को गंभीरता से लेना और सबसे बड़े दावों को तय तथ्य न मानना—दोनों बातें साथ-साथ जरूरी हैं।
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