दक्षिण कोरिया और जापान के शिपयार्ड कुशल कामगारों की कमी, लंबे ऑर्डर बैकलॉग और चीन की कम लागत वाली प्रतिस्पर्धा के बीच वेल्डिंग, पेंटिंग और दूसरे दोहराए जाने वाले या जोखिम वाले कामों में रोबोट लगा रहे हैं। [6][12][13] Clarksons के आंकड़ों के मुताबिक, चीन के शिपयार्ड ने पिछले साल वैश्विक नए जहाज़ ऑर्डर का 63% हासिल कि...
प्रकाशितकर्ताGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How are South Korean and Japanese shipbuilders using robots to address labor shortages, aging workforces, long order backlogs and competitio. Article summary: South Korean and Japanese shipbuilders are putting robots into welding, painting and other repetitive or hazardous work to stretch scarce skilled labour, keep production moving through long backlogs and compete with lowe. Topic tags: general web, ai, automation, workflow, productivity. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks,
दक्षिण कोरिया और जापान के शिपयार्ड वेल्डिंग, पेंटिंग और दूसरे दोहराए जाने वाले या जोखिम वाले कामों में रोबोट का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। वजह है कुशल कामगारों की कमी, लंबे ऑर्डर बैकलॉग और कम लागत पर जहाज़ बनाने वाले चीनी प्रतिस्पर्धियों का दबाव। लक्ष्य ऐसे “स्मार्ट शिपयार्ड” बनाना है जहां कुछ काम अधिक लगातार और स्वचालित ढंग से हो सकें—न कि यह साबित करना कि रोबोट कुशल कर्मचारियों की जगह ले सकते हैं। 6
12
13
जहाज़रानी उद्योग के आंकड़े देने वाली Clarksons के मुताबिक, चीनी शिपयार्ड ने पिछले साल दुनिया के नए जहाज़ ऑर्डर का 63% हासिल किया। यह नए ऑर्डर में चीन की हिस्सेदारी है; इसे उस साल बने जहाज़ों के उत्पादन की हिस्सेदारी नहीं समझना चाहिए। 12
13
दक्षिण कोरिया और जापान के जहाज़-उत्पादन की अलग-अलग हिस्सेदारी के भरोसेमंद आंकड़े यहां उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए चीन के ऑर्डर वाले आंकड़े से उनकी उत्पादन हिस्सेदारी की सीधी तुलना करना संभव नहीं है।
HD Hyundai अपने शिपयार्ड में रोबोटिक वेल्डिंग का इस्तेमाल कर रही है और AI से निर्देशित बहुउद्देशीय मशीनों पर काम कर रही है। HD Hyundai Samho में एक रोबोट एक दिन में अधिकतम 50 वेल्डिंग सेल कर सकता है, जबकि कुशल कर्मचारी अधिकतम 30 करते हैं। यह उस खास काम में लगभग 67% ज्यादा क्षमता है—इसे पूरे जहाज़ की उत्पादकता में 67% बढ़ोतरी नहीं माना जा सकता। कंपनी AI, डेटा और डिजिटल ट्विन तकनीक से उत्पादन के कुछ हिस्सों को और स्वचालित करने की दिशा में भी काम कर रही है। 7
8
13
Hanwha Ocean के Geoje शिपयार्ड में AI और रोबोट लगभग 67% इनडोर वेल्डिंग में मदद करते हैं। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक तय वेल्डिंग प्रक्रिया को पूरी तरह स्वचालित करना और सतह तैयार करने व पेंटिंग के 50% काम को स्वचालित करना है। ये लक्ष्य हैं, पूरे शिपयार्ड में हासिल हो चुका ऑटोमेशन नहीं। 15
41
जापान की Fanuc ने जहाज़ निर्माण के लिए खास तौर पर वेल्डिंग और पेंटिंग करने वाले दो रोबोट विकसित किए हैं। कंपनी ने जापान के जहाज़ निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले करीब 75,000 कर्मचारियों के बराबर संख्या में रोबोट लगाने और रात में भी काम कराने की महत्वाकांक्षा जताई है। यह योजना या लक्ष्य है—इतने रोबोट लगाए जाने या उनसे उत्पादकता बढ़ने का प्रमाण नहीं। 12
13
जहाज़ कारखाने की एक जैसी उत्पादन लाइन से अलग होते हैं: हर जहाज़ का डिजाइन और ढांचा बदल सकता है, और काम अक्सर तंग, अनियमित जगहों में होता है। इसलिए रोबोट को हर प्रक्रिया में लगाना मुश्किल है और कई कामों में अनुभवी कर्मचारियों की जरूरत बनी रहती है। 6
उपकरण खरीदने और उन्हें शिपयार्ड की प्रक्रियाओं के साथ जोड़ने में निवेश भी करना पड़ता है; उपलब्ध जानकारी से इसकी कोई भरोसेमंद लागत बताना संभव नहीं। ऑटोमेशन से रोजगार पर असर को लेकर भी चिंता है: दक्षिण कोरिया की मेटलवर्कर्स यूनियन ने AI और रोबोट अपनाने के बीच नौकरी की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। 1
कुल मिलाकर, रोबोट कुछ कामों की गति और निरंतरता बढ़ा सकते हैं, लेकिन स्मार्ट शिपयार्ड की राह अभी तकनीकी, आर्थिक और श्रम-संबंधी चुनौतियों से भरी है।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
दक्षिण कोरिया और जापान के शिपयार्ड कुशल कामगारों की कमी, लंबे ऑर्डर बैकलॉग और चीन की कम लागत वाली प्रतिस्पर्धा के बीच वेल्डिंग, पेंटिंग और दूसरे दोहराए जाने वाले या जोखिम वाले कामों में रोबोट लगा रहे हैं। [6][12][13]
दक्षिण कोरिया और जापान के शिपयार्ड कुशल कामगारों की कमी, लंबे ऑर्डर बैकलॉग और चीन की कम लागत वाली प्रतिस्पर्धा के बीच वेल्डिंग, पेंटिंग और दूसरे दोहराए जाने वाले या जोखिम वाले कामों में रोबोट लगा रहे हैं। [6][12][13] Clarksons के आंकड़ों के मुताबिक, चीन के शिपयार्ड ने पिछले साल वैश्विक नए जहाज़ ऑर्डर का 63% हासिल किया। यह ऑर्डर का हिस्सा है, जहाज़ों के उत्पादन का नहीं। [12][13]
HD Hyundai Samho में एक रोबोट एक दिन में 50 तक वेल्डिंग सेल कर सकता है, जबकि कुशल कर्मचारी 30 तक करते हैं। यह उस खास काम में करीब 67% अधिक क्षमता है—पूरे जहाज़ निर्माण में इतनी बढ़ोतरी नहीं। [8]