2026 की पहली छमाही में पेट्रोल ओनली कारों की बिक्री साल दर साल 10% घटकर 2.025 करोड़ रही और नई कारों में उनकी हिस्सेदारी 49% पर पहुंची। 2021 में यह हिस्सेदारी 73% थी। बदलाव में ईंधन की कीमतें, बैटरी और कारों की किफायत तथा नीतिगत फैसले अहम हैं—लेकिन अलग अलग क्षेत्रों में रुझान एक जैसे नहीं हैं।
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did gasoline-only cars fall below half of global new-car sales for the first time in the first half of 2026, and what do the sales figur. Article summary: Gasoline-only cars fell below half of global new-car sales because buyers increasingly chose hybrids and electric vehicles—not because EVs alone took the other half. In a Nikkei analysis of Mobility Global data, gasoline. Topic tags: general, general web, user generated, news, education. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
वैश्विक नई कारों की बिक्री में पेट्रोल-ओनली मॉडल की हिस्सेदारी 2026 की पहली छमाही में पहली बार आधे से नीचे आ गई। जनवरी से जून के बीच इन कारों की बिक्री साल-दर-साल 10% गिरकर 2.025 करोड़ रही और कुल नई कारों में उनका हिस्सा 49% रहा। यह निक्केई का Mobility Global के आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण है, जिसमें कुछ बड़े वाहन शामिल नहीं हैं। 8
यह आंकड़ा बाज़ार में आए बदलाव का अहम संकेत है—पर इसे यह समझना ठीक नहीं होगा कि दुनिया में बिकने वाली आधी से अधिक नई कारें अब पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं।
इस गिनती में हाइब्रिड कारें शामिल नहीं हैं। हाइब्रिड में पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक पावर दोनों का इस्तेमाल हो सकता है, इसलिए उन्हें पेट्रोल-ओनली मॉडल से अलग गिना जाता है। नतीजतन, बाकी 51% बिक्री में हाइब्रिड, बैटरी-इलेक्ट्रिक और अन्य तरह के वाहन शामिल हो सकते हैं—यह हिस्सा सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों का नहीं है। 4
8
बदलाव की रफ्तार पिछले कुछ सालों के आंकड़ों में भी दिखती है: 2021 में पेट्रोल-ओनली कारें वैश्विक बिक्री का 73% थीं। हालांकि, केवल इन दो आंकड़ों से यह पता नहीं चलता कि घटी हुई हिस्सेदारी में कितनी बिक्री हाइब्रिड को गई और कितनी बैटरी-इलेक्ट्रिक कारों को। 8
तेल की ऊंची कीमतें इलेक्ट्रिक कार के कम चलने वाले खर्च को खरीदारों के लिए अधिक आकर्षक बना सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, महंगे तेल के माहौल में उपभोक्ता इलेक्ट्रिक कारों के आर्थिक फायदे पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। आम तौर पर उनकी ऊर्जा-दक्षता बेहतर होती है और चलाने का खर्च भी कम हो सकता है। यह बदलाव का एक कारण है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि ईंधन की कीमतें ही पूरी कहानी हैं। 12
बैटरी और गाड़ी की खरीद कीमत भी फैसला प्रभावित करती है। IEA के अनुसार, 2025 में बैटरी की औसत कीमत 8% घटी। BloombergNEF ने भी बैटरी की कम होती कीमतों और किफायती इलेक्ट्रिक मॉडल की उपलब्धता को ईवी अपनाने में मददगार कारकों में गिना है। फिर भी, कार खरीदने और चलाने का हिसाब हर बाज़ार में अलग होता है। 40
19
सरकारी नीतियों और खरीद प्रोत्साहनों में बदलाव से भी मांग ऊपर-नीचे हो सकती है। IEA ने 2026 की पहली छमाही में चीन और अमेरिका में कमजोर कार बिक्री को आर्थिक दबाव और नीतिगत बदलावों से जोड़ा। इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री पहली तिमाही में घटी, फिर दूसरी तिमाही में पहली तिमाही के मुकाबले 35% बढ़ी। इसलिए छह महीने का कुल आंकड़ा साल के भीतर हुए तेज उतार-चढ़ाव को छिपा सकता है। 9
निक्केई के विश्लेषण के मुताबिक, पेट्रोल-ओनली कारों की हिस्सेदारी में सबसे तेज गिरावट चीन और यूरोप में रही। वहीं, IEA के अनुसार, चीन और अमेरिका में कमजोर मांग ने पहली छमाही की कुल वैश्विक कार बिक्री पर भी असर डाला। यानी पेट्रोल-ओनली कारों का हिस्सा घट सकता है, भले ही किसी खास बाज़ार में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री धीमी हो या घट रही हो। 8
9
चीन और यूरोप में इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की बिक्री के एक अलग आकलन में, जिसमें प्लग-इन हाइब्रिड भी शामिल हैं, पहली छमाही के लिए चीन में 45.8 लाख और यूरोप में 23.5 लाख वाहन बताए गए। इन आंकड़ों को सिर्फ बैटरी-इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री नहीं समझना चाहिए। 1
BloombergNEF दक्षिण-पूर्व एशिया को उन क्षेत्रों में गिनता है जहां इलेक्ट्रिक कारों को अपनाने की गति बढ़ रही है। हालांकि, उपलब्ध स्रोत यहां दक्षिण-पूर्व एशिया, ओशिनिया और दक्षिण कोरिया के लिए ऐसे तुलनीय आंकड़े नहीं देते जिनसे 49% की वैश्विक पेट्रोल-ओनली हिस्सेदारी में हर क्षेत्र का योगदान साफ हो सके।
BloombergNEF का अनुमान है कि 2026 में दुनिया भर में बिकने वाली कारों में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 27% हो सकती है—2021 के 9% से अधिक। उसका अनुमान है कि 2035 तक यात्री वाहनों के बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों का हिस्सा 52% होगा। ये पूर्वानुमान हैं, तय नतीजे नहीं। साथ ही, 2026 का 27% अनुमान पेट्रोल-ओनली कारों के 49% हिस्से से सीधे तुलना योग्य नहीं है, क्योंकि दोनों में वाहनों की श्रेणियां अलग हैं। 19
फिलहाल सबसे साफ निष्कर्ष यही है: नई कारों की बिक्री में पेट्रोल-ओनली मॉडल आधे से कम रह गए हैं, जबकि हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक विकल्प बाजार का बड़ा हिस्सा बन रहे हैं। आगे बदलाव कितनी तेजी से होगा, यह क्षेत्रीय मांग, कार और बैटरी की कीमत, ईंधन लागत और नीतिगत फैसलों पर निर्भर करेगा।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
2026 की पहली छमाही में पेट्रोल ओनली कारों की बिक्री साल दर साल 10% घटकर 2.025 करोड़ रही और नई कारों में उनकी हिस्सेदारी 49% पर पहुंची।
2026 की पहली छमाही में पेट्रोल ओनली कारों की बिक्री साल दर साल 10% घटकर 2.025 करोड़ रही और नई कारों में उनकी हिस्सेदारी 49% पर पहुंची। 2021 में यह हिस्सेदारी 73% थी। बदलाव में ईंधन की कीमतें, बैटरी और कारों की किफायत तथा नीतिगत फैसले अहम हैं—लेकिन अलग अलग क्षेत्रों में रुझान एक जैसे नहीं हैं।