29 सितंबर को घोषित चीन का पैकेज सितंबर 2024 के बाद उसका सबसे बड़ा प्रोत्साहन प्रयास है। फिर भी, इसे व्यापक राजकोषीय राहत कहना ठीक नहीं होगा: इसमें मुख्य रूप से चुनिंदा क्षेत्रों के लिए सस्ता कर्ज़ और कुछ पहली बार के घर खरीदारों के लिए ब्याज सहायता शामिल है। विश्लेषकों के मुताबिक, इससे 2026 में 4.5%–5% के विकास लक्ष्य तक पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है, लेकिन कमजोर मांग या संपत्ति बाजार की लंबी गिरावट पलटने की उम्मीद इससे अकेले नहीं की जा सकती।
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पैकेज के तीन मुख्य हिस्से
- बुनियादी ढांचे के लिए सस्ता वित्त: चीन के केंद्रीय बैंक ने एक साल की प्रतिज्ञाबद्ध पूरक ऋण सुविधा—प्लेज्ड सप्लीमेंटरी लेंडिंग (PSL)—की दर 25 आधार अंक घटाकर 1.75% से 1.5% कर दी। साथ ही, PSL का दायरा “सिक्स नेटवर्क्स” तक बढ़ाया गया: जल नेटवर्क, नए प्रकार के बिजली ग्रिड, कंप्यूटिंग क्षमता नेटवर्क, अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क, शहरी भूमिगत पाइपलाइन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क। मकसद इन परियोजनाओं की वित्त लागत घटाकर निवेश को गति देना है।
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- लक्षित क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त कर्ज़: तकनीक और नवाचार, छोटे कारोबार तथा कृषि समेत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण देने के लिए 700 अरब युआन की अतिरिक्त री-लेंडिंग सीमा घोषित की गई। री-लेंडिंग सीमा बैंकों के लिए उपलब्ध वित्त की गुंजाइश बढ़ाती है; इससे यह तय नहीं होता कि कारोबार कर्ज़ लेंगे या उसे खर्च करेंगे।
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- पहली बार घर खरीदने वालों के लिए ब्याज सब्सिडी: 1 अक्टूबर से, तय शर्तें पूरी करने वाले पहली बार के खरीदारों को नए वाणिज्यिक आवास ऋण पर सालाना एक प्रतिशत-बिंदु के बराबर ब्याज सब्सिडी मिल सकती है। पात्र घर की कीमत अधिकतम 15 लाख युआन और क्षेत्रफल 120 वर्ग मीटर तक होना चाहिए। सब्सिडी के दायरे में आने वाले ऋण की सीमा प्रति परिवार 10 लाख युआन है। योजना की शुरुआती कार्यान्वयन अवधि एक वर्ष रखी गई है, जबकि पात्र उधारकर्ताओं को सहायता अधिकतम पांच वर्ष तक मिल सकती है। यानी एक वर्ष योजना की शुरुआती अवधि है—यह जरूरी नहीं कि हर लाभार्थी की ब्याज राहत भी केवल एक वर्ष की हो।
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असर की उम्मीद, पर सीमित दायरा
सस्ती वित्त व्यवस्था कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और प्राथमिकता वाले कारोबारों को सहारा दे सकती है। घर खरीदने की सहायता भी पात्र परिवारों की लागत घटाएगी। लेकिन शर्तों के कारण इसका लाभ सभी संभावित खरीदारों तक नहीं पहुंचेगा, और कर्ज़ की सीमा तभी वास्तविक खर्च में बदलेगी जब कारोबारी और परिवार उधार लेने के इच्छुक हों।
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बाजार की प्रतिक्रिया उत्साहपूर्ण नहीं रही। निवेशक कमजोर मांग से निपटने के लिए और मजबूत कदमों की उम्मीद कर रहे थे। विश्लेषकों ने भी माना कि मौजूदा उपाय अपने दम पर संपत्ति बाजार में टिकाऊ सुधार लाने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते।
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आगे और राजकोषीय सहायता आ सकती है, लेकिन इन घोषणाओं से यह तय नहीं होता कि अतिरिक्त कदम कब या किस रूप में आएंगे। विश्लेषकों की सावधानी की वजह कमजोर घरेलू और कारोबारी मांग, लंबे समय से दबाव में चल रहा आवास बाजार और कर्ज़ सस्ता होने के बावजूद उधार लेने की सीमित इच्छा है। इसी कारण मौद्रिक ढील को व्यापक मांग बढ़ाने का विकल्प नहीं, बल्कि चुनिंदा क्षेत्रों को सहारा देने का साधन माना जा रहा है।
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