ग्रिनकेविच के मुताबिक, रूस से जुड़ी तोड़फोड़, साइबर हमलों और ड्रोन गतिविधियों का मकसद यूक्रेन को समर्थन देने वाले देशों की इच्छाशक्ति कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि जब सबूतों से जिम्मेदारी तय हो सके, तो सहयोगियों को हमलों के पीछे मॉस्को का नाम सार्वजनिक करना चाहिए; नाटो खुफिया जानकारी साझा करने की रफ्तार भी बढ़ा रहा...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did NATO’s Supreme Allied Commander Europe, Alexus Grynkewich, tell EU lawmakers about the purpose of Russia’s escalating sabotage, cyb. Article summary: Grynkewich told EU lawmakers that Russia’s sabotage, cyberattacks and drone incursions were meant to break the will of Ukraine’s allies to keep supporting it.. Topic tags: general web, workflow, security, regulation, marketing. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and
नाटो के यूरोप में सर्वोच्च सैन्य कमांडर, जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने यूरोपीय संघ के सांसदों से कहा कि रूस से जुड़ी तोड़फोड़, साइबर हमलों और ड्रोन गतिविधियों का मकसद यूक्रेन के सहयोगियों का हौसला तोड़ना और उनका समर्थन कमजोर करना है। उनका तर्क था कि ऐसे हमलों का जवाब यूक्रेन के समर्थन में एकजुटता बनाए रखकर दिया जाना चाहिए—न कि डर या दबाव में पीछे हटकर। 2
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ग्रिनकेविच ने सहयोगी देशों से कहा कि जब उपलब्ध सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय करने में भरोसा हो, तो हमले के पीछे रूस का नाम सार्वजनिक किया जाए। इससे मॉस्को को यह संदेश जाएगा कि ऐसे कदम सहयोगियों को यूक्रेन का साथ देने से नहीं रोक रहे। 2
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उन्होंने यह भी कहा कि नाटो रूस से जुड़ी मानी जा रही तोड़फोड़ और अन्य घटनाओं के जवाब में सहयोगियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करना बढ़ा रहा है। 5 इस बातचीत का जोर केवल हमलों की पहचान पर नहीं, बल्कि यूक्रेन का समर्थन जारी रखने और अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने पर भी था।
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पोलैंड के हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन घुसपैठ के बाद नाटो ने ईस्टर्न सेंट्री नाम की सैन्य गतिविधि शुरू की। इसका उद्देश्य पूर्वी मोर्चे पर गठबंधन की सतर्कता और प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करना है; इसमें ब्रिटेन, डेनमार्क, फ्रांस और जर्मनी समेत सहयोगियों की सैन्य क्षमताएं शामिल की गईं। 16
ग्रिनकेविच ने यह भी आगाह किया कि लंबी दूरी तक जाने वाले ड्रोन का खतरा केवल रूस से सटे देशों तक सीमित नहीं रहता। 6 हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टिंग में उन्होंने ईस्टर्न सेंट्री से हासिल किसी खास, मापने योग्य नतीजे का स्पष्ट ब्योरा नहीं दिया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए उनका संदेश यह था कि नाटो का रुख रक्षात्मक है, लेकिन गठबंधन अपने सदस्यों की रक्षा के लिए दृढ़ है। इसे संकल्प की कमी नहीं समझा जाना चाहिए। यह उनके रुख का सार है, सीधा उद्धरण नहीं। 6
ग्रिनकेविच ने सुरक्षा माहौल को और जटिल बताते हुए कहा कि रूस, चीन, ईरान और उत्तर कोरिया ऐसे तरीकों से सहयोग कर रहे हैं जो नाटो सहयोगियों के हितों के खिलाफ हैं। 6
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ग्रिनकेविच के मुताबिक, रूस से जुड़ी तोड़फोड़, साइबर हमलों और ड्रोन गतिविधियों का मकसद यूक्रेन को समर्थन देने वाले देशों की इच्छाशक्ति कमजोर करना है।
ग्रिनकेविच के मुताबिक, रूस से जुड़ी तोड़फोड़, साइबर हमलों और ड्रोन गतिविधियों का मकसद यूक्रेन को समर्थन देने वाले देशों की इच्छाशक्ति कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि जब सबूतों से जिम्मेदारी तय हो सके, तो सहयोगियों को हमलों के पीछे मॉस्को का नाम सार्वजनिक करना चाहिए; नाटो खुफिया जानकारी साझा करने की रफ्तार भी बढ़ा रहा है।
उन्होंने ईस्टर्न सेंट्री को नाटो के पूर्वी मोर्चे की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने की पहल बताया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टिंग में इसके किसी खास मापने योग्य नतीजे का उल्लेख नहीं है।