दक्षिण कोरिया में 13 सितंबर 2026 से जासूसी कानून का विस्तार लागू हो गया। पहले जासूसी का प्रावधान ‘शत्रु देश’ को लाभ पहुँचाने वाले कृत्यों पर केंद्रित था—व्यवहार में इसका संबंध उत्तर कोरिया से था। अब गंभीर मामलों में अभियोजकों को अन्य विदेशी देशों से जुड़ी राजकीय गोपनीय सूचनाओं की चोरी पर भी राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत आरोप लगाने का रास्ता मिला है। हालांकि, इसके लिए नए अपराध की कानूनी शर्तें पूरी होना ज़रूरी है।
1
11
13
अनुच्छेद 98-2 में क्या है?
संशोधित आपराधिक कानून का अनुच्छेद 98-2 तब लागू हो सकता है जब कोई व्यक्ति किसी विदेशी देश या उसके समकक्ष माने जाने वाले संगठन के निर्देश, उकसावे या उससे अन्य संपर्क के तहत राजकीय गोपनीय सूचनाएँ खोजे, जुटाए, उजागर करे, हस्तांतरित करे या उनके हस्तांतरण में बिचौलिये की भूमिका निभाए। रिपोर्टों के अनुसार, इस अपराध में न्यूनतम तीन और अधिकतम 30 साल की कैद का प्रावधान है। ‘शत्रु देश’ को लाभ पहुँचाने वाली जासूसी का पुराना प्रावधान भी बना हुआ है। इसे 1953 में बने जासूसी संबंधी प्रावधानों का पहला बड़ा विस्तार बताया गया है।
7
11
13
14
चिप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी संवेदनशील तकनीक ऐसे मामले का विषय बन सकती है। लेकिन किसी कंपनी की मूल्यवान गोपनीय जानकारी का विदेश पहुँचना, अपने-आप उसे कानून के तहत ‘राजकीय गोपनीय सूचना’ नहीं बना देता। उपलब्ध रिपोर्टों से यह भी स्पष्ट नहीं होता कि ‘राष्ट्रीय मुख्य तकनीक’ के रूप में चिह्नित हर तकनीक अनुच्छेद 98-2 की इस शर्त को स्वतः पूरा करती है या किन परिस्थितियों में कोई निजी विदेशी कंपनी ‘समकक्ष संगठन’ मानी जाएगी।
4
11
14
आँकड़े क्या बताते हैं—और क्या नहीं?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अभियोजकों को भेजे गए विदेश में तकनीक लीक के मामले 2021 में नौ से बढ़कर 2025 में 33 हो गए। दूसरी रिपोर्ट विदेश से जुड़े मामलों में चीन की हिस्सेदारी 54.5% बताती है। ये आँकड़े ऐसे मामलों की अहमियत दिखाते हैं, लेकिन उपलब्ध विवरणों से यह स्थापित नहीं होता कि दोनों रिपोर्टों ने मामलों की एक ही परिभाषा या एक ही आधार संख्या इस्तेमाल की है।
3
16
इन्हीं आँकड़ों के आधार पर 2025 में सभी तकनीकी लीक का विश्वसनीय कुल, क्षेत्रवार ब्योरा या कर्मचारियों और छोटी व मध्यम कंपनियों से जुड़े प्रतिशत निकालना संभव नहीं है। उपलब्ध सामग्री चीन के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया या सांगम्यंग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ली जोंग-ह्वान के विचारों को भी भरोसे के साथ दर्ज करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
सज़ा के साथ रोकथाम क्यों ज़रूरी है?
नया प्रावधान योग्य मामलों में मुकदमा चलाने के विकल्प बढ़ाता है; जानकारी एक बार बाहर जाने के बाद उसकी गोपनीयता वापस नहीं ला सकता। इसलिए संदिग्ध भर्ती-संपर्कों की समय रहते पहचान, अधिकृत पहुँच पर निगरानी और छोटे आपूर्तिकर्ताओं की सुरक्षा, अभियोजन के साथ अपनाए जाने वाले समझदार कदम हैं—यह दावा नहीं कि नया कानून अकेले लीक रोक देगा।
सांसद कोह डोंग-जिन से जुड़ा एक अलग प्रस्ताव विदेशी कंपनियों का स्पष्ट उल्लेख करने और रिपोर्ट की गई न्यूनतम सज़ा तीन से बढ़ाकर 10 साल करने का है। यह आगे का प्रस्तावित संशोधन है, 13 सितंबर से लागू हुई सज़ा नहीं।
5
14