21 मार्च की शाम ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें दक्षिणी इज़राइल के दिमोना और अराद शहरों में गिरीं। उसी दिन कुछ घंटे पहले ईरान के नतांज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हमला हुआ था। तेहरान ने मिसाइल हमलों को उसका जवाब बताया। दिमोना के पास इज़राइल का प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र है, लेकिन रिपोर्ट किए गए मिसाइल प्रभाव शहरों के आबादी वाले इलाकों में हुए, केंद्र में नहीं।
3
13
शहरों में कितना नुकसान हुआ?
दोनों शहर अलग-अलग हमलों की चपेट में आए और इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। बचावकर्मियों के अनुसार, अराद में कम-से-कम 10 अपार्टमेंट इमारतों को नुकसान पहुँचा। शुरुआती रिपोर्टों में दर्जनों घायलों की बात थी; बाद में इज़राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुल 180 घायलों की जानकारी दी—अराद में 116 और दिमोना में 64। कुछ की हालत गंभीर थी। शुरुआती और बाद के आँकड़े अलग-अलग समय की गिनती हैं, जिन्हें जोड़ना नहीं चाहिए।
2
3
4
ईरानी सरकारी टेलीविज़न ने कहा कि हमले नतांज़ पर हुए हमले के जवाब में थे। इज़राइली सेना ने नतांज़ हमले की ज़िम्मेदारी से इनकार किया। इसलिए ईरान ने जवाबी कार्रवाई का जो कारण बताया, उसे नतांज़ हमले के लिए ज़िम्मेदार पक्ष का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
3
13
मिसाइलें क्यों नहीं रोकी जा सकीं? परमाणु केंद्र की क्या स्थिति थी?
इज़राइली सेना के मुताबिक उसकी हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय थी, लेकिन दिमोना और अराद में गिरी मिसाइलों को रोक नहीं सकी। बाद के एक विश्लेषण में बताया गया कि सेना ने दोनों नाकामियों के लिए अलग-अलग, असंबंधित परिस्थितियाँ बताईं। इससे दोनों के पीछे एक ही वजह होने का निष्कर्ष नहीं निकलता।
2
11
संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा कि उसे दिमोना से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र में नुकसान की जानकारी नहीं है। विकिरण का स्तर असामान्य होने की भी कोई रिपोर्ट नहीं आई। यह निष्कर्ष केंद्र के बारे में है; शहरों में हुई तबाही और लोगों को लगी चोटों के बारे में नहीं।
3
13
इज़राइल की प्रतिक्रिया और आगे क्या हुआ?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “बेहद कठिन शाम” बताया और ईरान पर हमले जारी रखने की बात कही। यह घटनाक्रम अमेरिका और इज़राइल के ईरान के साथ व्यापक युद्ध के चौथे सप्ताह की शुरुआत में हुआ।
4
9
7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर खोलने से जुड़ी दो सप्ताह की युद्धविराम घोषणा की; 8 अप्रैल तक लड़ाई काफी हद तक थमने की खबरें आईं। घोषणा के समय ईरान में 1,900 से अधिक मौतों और पूरे क्षेत्र में हज़ारों मौतों की रिपोर्ट थी। ये उस समय उपलब्ध अधूरे आँकड़े थे, अंतिम संख्या नहीं। विराम स्थायी समाधान नहीं बना: सितंबर की रिपोर्टों में संघर्ष जारी बताया गया।
21
सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध का बचाव किया और ईरान के साथ समझौते या उसे “मिटा देने” के बीच चुनाव की बात कही। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कड़ा रुख अपनाते हुए भाषण दिया, जबकि उनकी सरकार ने बातचीत की संभावनाओं को कम बताया। मार्च के हमलों के महीनों बाद भी विवाद सुलझा नहीं था।
17
18