अजय बंगा के अनुसार, डेटा सेंटर के लिए इमारत और निवेश के साथ भरोसेमंद बिजली, कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा तक पहुंच और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होती है। [1] जहां बिजली सीमित है, वहां एआई के लिए बड़े पैमाने पर बिजली उपलब्ध कराना दूसरी विकास जरूरतों से टकरा सकता है। [1][12] अनुमान है कि दुनिया भर के सभी डेटा सेंटरों क...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Why does World Bank Group President Ajay Banga believe data centers are unlikely to expand significantly into emerging markets, given their. Article summary: Ajay Banga’s point is that an AI data center needs more than a building: it needs dependable, abundant power alongside computing equipment, data access, skilled workers and capital.. Topic tags: general web, ai, privacy, growth, video. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, ico
न्यूयॉर्क में क्लाइमेट वीक के दौरान विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं में डेटा सेंटरों के बड़े पैमाने पर फैलने की संभावना कम है। उनकी दलील है कि एआई डेटा सेंटर के लिए सिर्फ भवन बनाना काफी नहीं: उसे बड़ी कंप्यूटिंग क्षमता और लगातार भरपूर बिजली चाहिए। इसके साथ डेटा तक पहुंच, कुशल कर्मचारी और निवेश पूंजी भी जरूरी हैं। जहां बिजली पहले से कीमती और सीमित संसाधन है, वहां उसका बड़ा हिस्सा एआई को देना आसान प्राथमिकता नहीं होगी। 1
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, एआई डेटा सेंटरों की बढ़ती बिजली मांग का सबसे बड़ा चालक होगा। उपलब्ध अनुमान में सभी डेटा सेंटरों—सिर्फ एआई वाले केंद्रों नहीं—की सालाना खपत 2025 के लगभग 485 टेरावाट-घंटे से बढ़कर 2030 में करीब 950 टेरावाट-घंटे पहुंचती है। यह उस समय वैश्विक बिजली मांग का लगभग 3% होगा। 13
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यही वृद्धि बंगा की बात को विकास की प्राथमिकताओं का सवाल बनाती है। क्लाइमेट वीक के कार्यक्रम में भी कहा गया है कि बढ़ते डेटा सेंटर स्वच्छ और किफायती बिजली के लिए उद्योगों, परिवहन और शहरों से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इसलिए बहस केवल एआई को बिजली देने के तरीके पर नहीं, बल्कि यह तय करने पर भी है कि सीमित आपूर्ति में किसकी जरूरत पहले पूरी हो। 12
नहीं। बंगा का आकलन बड़े पैमाने पर विस्तार को लेकर है, हर नई परियोजना को लेकर नहीं। अफ्रीका में डेटा सेंटर उद्योग के बढ़ने की खबरें भी हैं, हालांकि भरोसेमंद बिजली वहां एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। 1
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बड़ी तस्वीर यह है: अगर एआई में निवेश उन जगहों पर केंद्रित रहता है जहां बिजली, कौशल और पूंजी पहले से उपलब्ध हैं, तो कम संसाधन वाले देशों के लिए अपनी कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करना कठिन हो सकता है। बंगा की चेतावनी इसी असमानता और बिजली के इस्तेमाल में होने वाले चुनाव की ओर ध्यान खींचती है। 1
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अजय बंगा के अनुसार, डेटा सेंटर के लिए इमारत और निवेश के साथ भरोसेमंद बिजली, कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा तक पहुंच और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होती है। [1]
अजय बंगा के अनुसार, डेटा सेंटर के लिए इमारत और निवेश के साथ भरोसेमंद बिजली, कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा तक पहुंच और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होती है। [1] जहां बिजली सीमित है, वहां एआई के लिए बड़े पैमाने पर बिजली उपलब्ध कराना दूसरी विकास जरूरतों से टकरा सकता है। [1][12]
अनुमान है कि दुनिया भर के सभी डेटा सेंटरों की बिजली खपत 2025 के लगभग 485 टेरावाट घंटे से बढ़कर 2030 में करीब 950 टेरावाट घंटे हो सकती है; एआई इस बढ़ोतरी का प्रमुख कारण है। [13][14]