CMS ने 13 TeV पर प्रोटॉन प्रोटॉन टक्करों के 138 fb⁻¹ डेटा में सूक्ष्म ब्लैक होल, स्ट्रिंग बॉल या इलेक्ट्रोवीक स्फैलेरॉन का कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण संकेत नहीं देखा। खोज में फेज़ स्पेस दूरी और सपोर्ट वेक्टर मशीन का उपयोग कर बहुत ऊर्जावान, अधिक कणों वाले असामान्य टक्कर पैटर्न को सामान्य स्टैंडर्ड मॉडल पृष्ठभूम...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did a CMS analysis of 138 fb⁻¹ of 2016–2018 LHC proton-proton collision data use a novel phase-space-distance machine-learning method to. Article summary: CMS found no statistically significant evidence for microscopic black holes, string balls, or electroweak sphalerons in 138 fb⁻¹ of 13 TeV proton-proton data from 2016–2018. It therefore strengthened model-dependent cons. Topic tags: general, education, government, academic, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
CERN के लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) में CMS प्रयोग ने 2016 से 2018 के पूरे रन-2 डेटा का अध्ययन किया—13 TeV ऊर्जा पर प्रोटॉन-प्रोटॉन टक्करों का 138 fb⁻¹ नमूना। नतीजा: सूक्ष्म ब्लैक होल, स्ट्रिंग बॉल या इलेक्ट्रोवीक स्फैलेरॉन का कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण प्रमाण नहीं मिला। इससे कुछ TeV-पैमाने की गुरुत्वाकर्षण और बड़े अतिरिक्त-आयाम वाले मॉडलों का संभावित क्षेत्र छोटा हुआ है, लेकिन अतिरिक्त आयामों के विचार को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है और न ही पदानुक्रम समस्या हल हुई है। 3
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लक्षित खोज उन टक्करों पर केंद्रित थी जिनमें बहुत-से ऊर्जावान कण अपेक्षाकृत सभी दिशाओं में फैले हों। यदि कोई सूक्ष्म ब्लैक होल बना हो, तो सिद्धांत के अनुसार वह लगभग तुरंत स्टैंडर्ड मॉडल के कणों के एक उफान में क्षय कर सकता है। ऐसी ही असामान्य टोपोलॉजी कुछ मानक इलेक्ट्रोवीक-स्फैलेरॉन संकेतों में भी अपेक्षित है।
CMS ने फेज़-स्पेस दूरी पर आधारित तरीका अपनाया। सरल शब्दों में, हर टक्कर-घटना की पुनर्निर्मित गतिज विशेषताओं को बहुआयामी स्थान में रखा गया और देखा गया कि दो घटनाएं वहां कितनी निकट हैं। इससे घटनाओं को सिर्फ एक मापदंड के आधार पर नहीं, बल्कि उनके पूरे गतिज पैटर्न की समानता के अनुसार व्यवस्थित किया जा सका। फिर सपोर्ट-वेक्टर मशीन (SVM) क्लासिफ़ायर को सिमुलेटेड सिग्नल-जैसी घटनाओं और सामान्य मल्टीजेट पृष्ठभूमि के बीच सीमा पहचानने के लिए प्रशिक्षित किया गया। 1
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यह मशीन-लर्निंग खोज एक अधिक समावेशी, मॉडल-स्वतंत्र रणनीति की पूरक थी। उस रणनीति में जेट, लेप्टॉन या फोटॉन वाली घटनाओं के अनुप्रस्थ संवेगों के अदिश योग, (S_\mathrm{T}), में असामान्य बढ़त खोजी गई। दोनों तरीकों का लक्ष्य डेटा के अत्यंत ऊर्जावान और अधिक-कण-बहुल छोर पर मौजूद दुर्लभ घटनाएं थीं। 4
न तो समावेशी खोज में और न ही फेज़-स्पेस आधारित विशेष क्षेत्रों में स्टैंडर्ड मॉडल की अपेक्षाओं से असंगत कोई अधिकता मिली। 3
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इस ‘नल रिज़ल्ट’ का अर्थ यह नहीं कि हर प्रकार का अतिरिक्त आयाम असंभव है। लेकिन CMS ने जिन विशिष्ट मॉडलों की जांच की, उनमें 95% विश्वास स्तर पर ये सीमाएं निकलीं:
अनुकूल परिदृश्यों में यह विश्लेषण पुराने खोज-परिणामों की तुलना में ब्लैक-होल बहिष्करण-सीमा को लगभग 1–1.6 TeV तक आगे ले गया। यह सुधार किस बेंचमार्क मॉडल की बात हो रही है, उस पर निर्भर है।
बड़े अतिरिक्त-आयाम वाले मॉडल आंशिक रूप से ‘पदानुक्रम समस्या’ से प्रेरित हैं: दिखाई देने वाले चार-आयामी प्लैंक पैमाने और इलेक्ट्रोवीक पैमाने के बीच बेहद बड़ा अंतर क्यों है? इन मॉडलों के कुछ रूपों में गुरुत्वाकर्षण TeV पैमाने के पास बहुत मजबूत हो सकता है। ऐसी स्थिति में उच्च-ऊर्जा टक्करों में सूक्ष्म ब्लैक होल या उनसे जुड़ी वस्तुएं बनने की संभावना हो सकती है।
CMS के नतीजे ने इस व्यापक विचार को गलत सिद्ध नहीं किया है। उसने केवल उन विशिष्ट मॉडल-क्षेत्रों को बाहर किया है जिनमें ब्लैक होल या स्ट्रिंग बॉल इतनी पर्याप्त दर से और इतने कम द्रव्यमान पर बनते कि इस डेटा में दिखाई देने चाहिए थे। सीमाएं अतिरिक्त आयामों की ज्यामिति और आकार, मूल गुरुत्वाकर्षण पैमाने, ब्लैक-होल बनने की दहलीज और क्षय-मॉडल जैसी मान्यताओं पर निर्भर हैं। 3
इसीलिए किसी खास संख्या के अतिरिक्त आयामों वाले मॉडल का बहिष्करण, प्रकृति में स्थानिक आयामों की संख्या का प्रत्यक्ष मापन नहीं है। वह निष्कर्ष केवल उस निर्धारित मॉडल-ढांचे के भीतर लागू होता है। अलग-अलग अतिरिक्त-आयाम संरचनाओं में उनके विशिष्ट आकार लगभग उलटा-TeV पैमाने से लेकर मिलीमीटर तक हो सकते हैं। 1
हाई-ल्युमिनोसिटी LHC (HL-LHC) का सबसे बड़ा लाभ टक्करों का बहुत बड़ा नमूना होगा। अधिक डेटा दुर्लभ, उच्च-(S_\mathrm{T}), अधिक-कण-बहुल संकेतों और छोटी उत्पादन-दरों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ा सकता है।
उन्नत डिटेक्टरों, बेहतर ट्रिगर प्रणालियों और अधिक पाइल-अप परिस्थितियों के लिए तैयार विश्लेषण-विधियों के साथ यह भारी ब्लैक-होल या स्ट्रिंग-बॉल दहलीजों तथा छोटी स्फैलेरॉन संक्रमण संभावनाओं की जांच को आगे बढ़ा सकता है। मगर अधिक ल्युमिनोसिटी, टक्कर-ऊर्जा का विकल्प नहीं है: यदि किसी प्रक्रिया की वास्तविक दहलीज LHC में उपलब्ध पार्टॉनिक ऊर्जाओं से ऊपर है, तो अंततः अधिक ऊर्जा वाले कोलाइडर की जरूरत पड़ेगी।
फेज़-स्पेस दूरी वाली विधि ने CMS को विशाल टक्कर-डेटासेट में असामान्य घटना-संरचनाएं खोजने का एक नया रास्ता दिया। कोई नई भौतिक घटना नहीं मिली, पर जांचे गए मॉडलों पर सीमाएं मजबूत हुईं—ब्लैक होल के लिए 11.4 TeV तक, स्ट्रिंग बॉल के लिए 10.7 TeV तक और स्फैलेरॉन संक्रमण-दर पर कड़ी सीमा। ये TeV-पैमाने के गुरुत्वाकर्षण तक पहुंचने वाले कुछ विशिष्ट सैद्धांतिक रास्तों पर महत्वपूर्ण रोक हैं; अतिरिक्त आयामों, क्वांटम ग्रैविटी या पदानुक्रम समस्या पर अंतिम फैसला नहीं। 3
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CMS ने 13 TeV पर प्रोटॉन प्रोटॉन टक्करों के 138 fb⁻¹ डेटा में सूक्ष्म ब्लैक होल, स्ट्रिंग बॉल या इलेक्ट्रोवीक स्फैलेरॉन का कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण संकेत नहीं देखा।
CMS ने 13 TeV पर प्रोटॉन प्रोटॉन टक्करों के 138 fb⁻¹ डेटा में सूक्ष्म ब्लैक होल, स्ट्रिंग बॉल या इलेक्ट्रोवीक स्फैलेरॉन का कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण संकेत नहीं देखा। खोज में फेज़ स्पेस दूरी और सपोर्ट वेक्टर मशीन का उपयोग कर बहुत ऊर्जावान, अधिक कणों वाले असामान्य टक्कर पैटर्न को सामान्य स्टैंडर्ड मॉडल पृष्ठभूमि से अलग करने की कोशिश की गई।
परीक्षित मॉडलों में स्ट्रिंग बॉल के 9.0–10.7 TeV से कम द्रव्यमान बाहर किए गए, जबकि 9 TeV की नाममात्र स्फैलेरॉन सीमा के ऊपर संक्रमण अंश की 95% विश्वास स्तर सीमा 0.0034 रही।