ESCB चाहता है कि MiCA में स्टेबलकॉइन पर मिलने वाले अप्रत्यक्ष रिटर्न को भी रोका जाए, ताकि लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग के जरिए मौजूदा रोक को दरकिनार न किया जा सके। [2][8] केंद्रीय बैंक 30%—और महत्वपूर्ण टोकनों के लिए 60%—रिज़र्व को बैंक डिपॉजिट में रखने की शर्त हटाकर एक और पांच कार्यदिवस में परिपक्व होने वाली परिसंप...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What changes has the European System of Central Banks asked the European Commission to make in its 2027 review of MiCA—including extending t. Article summary: The ESCB has asked the Commission to close MiCA’s stablecoin-yield loopholes, replace fixed bank-deposit reserve quotas with short-maturity liquidity requirements, and tighten supervision. Its core view is that e-money t. Topic tags: general, news, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
यूरोपीय सेंट्रल बैंकों की प्रणाली (ESCB)—जिसमें यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) और EU सदस्य देशों के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंक शामिल हैं—ने यूरोपीय आयोग से कहा है कि भविष्य में Markets in Crypto-Assets Regulation (MiCA) की समीक्षा के दौरान स्टेबलकॉइन से जुड़े नियम कड़े किए जाएं। मुख्य चिंता यह है कि स्टेबलकॉइन पर सीधे ब्याज या रिटर्न देने की मौजूदा रोक को ऐसे क्रिप्टो उत्पादों के जरिए बायपास किया जा सकता है, जो परोक्ष रूप से यील्ड देते हैं। 2
8
ये अभी केवल सिफारिशें हैं, कानून नहीं। बदलाव का प्रस्ताव लाना यूरोपीय आयोग के हाथ में है और फिर उसे EU की विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा। 4
MiCA के तहत स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनियों और क्रिप्टो-एसेट सेवा प्रदाताओं को इन टोकनों पर पारिश्रमिक या ब्याज देने की अनुमति नहीं है। ESCB चाहता है कि यह रोक बनी रहे और उन उत्पादों तक भी प्रभावी ढंग से पहुंचे जिनका आर्थिक नतीजा वही है, भले ही उन्हें किसी दूसरे कानूनी या तकनीकी ढांचे में पेश किया जाए। 2
केंद्रीय बैंकों का निशाना स्टेबलकॉइन होल्डिंग से जुड़ी अप्रत्यक्ष यील्ड है। उनके मुताबिक क्रिप्टो लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग सेवाएं ऐसा रिटर्न दे सकती हैं जो व्यवहार में पारिश्रमिक जैसा ही हो, भले ही टोकन जारीकर्ता स्वयं ब्याज न दे रहा हो। 2
8
इस दृष्टिकोण में लेबल से अधिक आर्थिक प्रभाव अहम होगा—यानी कोई सेवा वास्तव में स्टेबलकॉइन रखने या इस्तेमाल करने पर रिटर्न दे रही है या नहीं। इसका असर DeFi-जैसी व्यवस्थाओं और स्टेबलकॉइन के इस्तेमाल से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं पर पड़ सकता है।
ESCB का तर्क है कि इलेक्ट्रॉनिक मनी का उपयोग भुगतान के लिए होना चाहिए, बचत के साधन के रूप में नहीं। यदि टोकन धारक दूसरे उत्पादों के जरिए रिटर्न कमाने लगें, तो भुगतान-केंद्रित टोकन व्यवहार में बचत उत्पाद जैसा बन सकता है। 8
केंद्रीय बैंकों के अनुसार इससे इलेक्ट्रॉनिक मनी और बैंक डिपॉजिट के बीच व्यावहारिक अंतर धुंधला पड़ सकता है। प्रतिस्पर्धा का पहलू भी है: बैंक-जैसी आर्थिक गतिविधियां ऐसे क्रिप्टो ढांचों में हो सकती हैं जिन पर डिपॉजिट लेने वाले बैंकों जैसा प्रूडेंशियल नियमन लागू नहीं होता। 2
ESCB ने MiCA के उस तय नियम को हटाने की भी मांग की है, जिसके तहत स्टेबलकॉइन रिज़र्व का कम-से-कम 30% बैंक डिपॉजिट में रखना होता है। महत्वपूर्ण टोकनों के लिए यह सीमा 60% है। 1
इसके स्थान पर केंद्रीय बैंक परिपक्वता-अवधि आधारित लिक्विडिटी शर्तें चाहते हैं। प्रस्ताव के अनुसार MiCA में यह तय होना चाहिए कि रिज़र्व परिसंपत्तियों का न्यूनतम हिस्सा एक कार्यदिवस और पांच कार्यदिवस के भीतर परिपक्व हो। 1
नीति का मकसद यह देखना है कि जारीकर्ता रिडेम्प्शन यानी टोकन भुनाने की मांग को कितनी जल्दी पूरा कर सकता है। ESCB ने चेतावनी दी है कि रिज़र्व का बड़ा निश्चित हिस्सा बैंक डिपॉजिट में रखने की मजबूरी, स्टेबलकॉइन पर अचानक निकासी की स्थिति में, बैंक फंडिंग और डिपॉजिट स्थिरता पर दबाव डाल सकती है। 1
ESCB ने क्रिप्टो कंपनियों के लिए ज्यादा सख्त और एकरूप निगरानी की मांग भी की है। रिपोर्ट की गई सिफारिशों में क्रिप्टो-एसेट सेवा प्रदाताओं के लिए स्पष्ट प्रूडेंशियल नियम, वैधानिक ऑडिट की शर्तों पर स्पष्टीकरण और जोखिम के अनुरूप अपनी पूंजी (own funds) की आवश्यकताएं शामिल हैं। 2
कुल मिलाकर केंद्रीय बैंक चाहते हैं कि सिर्फ तकनीकी या कानूनी संरचना बदलने से जोखिम नियामकीय दायरे से बाहर न निकल जाए। लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग इसके प्रमुख उदाहरण हैं, क्योंकि इनमें समान आर्थिक जोखिम पैदा हो सकते हैं लेकिन ये आंशिक रूप से MiCA के मौजूदा नियामकीय दायरे के बाहर हो सकते हैं। 2
8
यदि यूरोपीय आयोग इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाता है, तो स्टेबलकॉइन रिवॉर्ड देने वाले उत्पादों की जांच अधिक व्यापक हो सकती है। प्लेटफॉर्म को केवल सीधे ब्याज देने वाले बैलेंस के लिए नहीं, बल्कि ऐसे उत्पादों के लिए भी जवाब देना पड़ सकता है जो आर्थिक रूप से वैसा ही रिटर्न उपलब्ध कराते हों।
स्टेबलकॉइन जारीकर्ताओं के लिए रिज़र्व नियमों की दिशा अलग होगी: बैंक डिपॉजिट में तय हिस्सेदारी से कम और तेज़ी से परिपक्व या नकदी में बदली जा सकने वाली परिसंपत्तियों पर ज्यादा जोर। अंतिम सीमाएं EU के कानून निर्माता तय करेंगे; ESCB ने एक और पांच कार्यदिवस वाले लिक्विडिटी बकेट्स सुझाए हैं, लेकिन उसने अंतिम प्रतिशत तय नहीं किए हैं। 1
ESCB चाहता है कि MiCA नियमों में केवल उत्पाद के नाम या ढांचे को नहीं, बल्कि उसके वास्तविक आर्थिक असर को देखा जाए। उसका प्रस्ताव अप्रत्यक्ष स्टेबलकॉइन यील्ड को रोककर भुगतान टोकनों को बचत-जैसे उत्पाद बनने से रोकने और रिज़र्व की मजबूती को तय बैंक-डिपॉजिट कोटे के बजाय निकट-अवधि की लिक्विडिटी से मापने पर केंद्रित है। 1
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ESCB चाहता है कि MiCA में स्टेबलकॉइन पर मिलने वाले अप्रत्यक्ष रिटर्न को भी रोका जाए, ताकि लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग के जरिए मौजूदा रोक को दरकिनार न किया जा सके। [2][8]
ESCB चाहता है कि MiCA में स्टेबलकॉइन पर मिलने वाले अप्रत्यक्ष रिटर्न को भी रोका जाए, ताकि लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग के जरिए मौजूदा रोक को दरकिनार न किया जा सके। [2][8] केंद्रीय बैंक 30%—और महत्वपूर्ण टोकनों के लिए 60%—रिज़र्व को बैंक डिपॉजिट में रखने की शर्त हटाकर एक और पांच कार्यदिवस में परिपक्व होने वाली परिसंपत्तियों पर आधारित लिक्विडिटी नियम चाहते हैं। [1]
ESCB चाहता है कि MiCA में स्टेबलकॉइन पर मिलने वाले अप्रत्यक्ष रिटर्न को भी रोका जाए, ताकि लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग के जरिए मौजूदा रोक को दरकिनार न किया जा सके। [2][8] केंद्रीय बैंक 30%—और महत्वपूर्ण टोकनों के लिए 60%—रिज़र्व को बैंक डिपॉजिट में रखने की शर्त हटाकर एक और पांच कार्यदिवस में परिपक्व होने वाली परिसंप...
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Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What changes has the European System of Central Banks asked the European Commission to make in its 2027 review of MiCA—including extending t. Article summary: The ESCB has asked the Commission to close MiCA’s stablecoin-yield loopholes, replace fixed bank-deposit reserve quotas with short-maturity liquidity requirements, and tighten supervision. Its core view is that e-money t. Topic tags: general, news, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermar
यूरोपीय सेंट्रल बैंकों की प्रणाली (ESCB)—जिसमें यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) और EU सदस्य देशों के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंक शामिल हैं—ने यूरोपीय आयोग से कहा है कि भविष्य में Markets in Crypto-Assets Regulation (MiCA) की समीक्षा के दौरान स्टेबलकॉइन से जुड़े नियम कड़े किए जाएं। मुख्य चिंता यह है कि स्टेबलकॉइन पर सीधे ब्याज या रिटर्न देने की मौजूदा रोक को ऐसे क्रिप्टो उत्पादों के जरिए बायपास किया जा सकता है, जो परोक्ष रूप से यील्ड देते हैं। 2
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ये अभी केवल सिफारिशें हैं, कानून नहीं। बदलाव का प्रस्ताव लाना यूरोपीय आयोग के हाथ में है और फिर उसे EU की विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा। 4
MiCA के तहत स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनियों और क्रिप्टो-एसेट सेवा प्रदाताओं को इन टोकनों पर पारिश्रमिक या ब्याज देने की अनुमति नहीं है। ESCB चाहता है कि यह रोक बनी रहे और उन उत्पादों तक भी प्रभावी ढंग से पहुंचे जिनका आर्थिक नतीजा वही है, भले ही उन्हें किसी दूसरे कानूनी या तकनीकी ढांचे में पेश किया जाए। 2
केंद्रीय बैंकों का निशाना स्टेबलकॉइन होल्डिंग से जुड़ी अप्रत्यक्ष यील्ड है। उनके मुताबिक क्रिप्टो लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग सेवाएं ऐसा रिटर्न दे सकती हैं जो व्यवहार में पारिश्रमिक जैसा ही हो, भले ही टोकन जारीकर्ता स्वयं ब्याज न दे रहा हो। 2
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इस दृष्टिकोण में लेबल से अधिक आर्थिक प्रभाव अहम होगा—यानी कोई सेवा वास्तव में स्टेबलकॉइन रखने या इस्तेमाल करने पर रिटर्न दे रही है या नहीं। इसका असर DeFi-जैसी व्यवस्थाओं और स्टेबलकॉइन के इस्तेमाल से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं पर पड़ सकता है।
ESCB का तर्क है कि इलेक्ट्रॉनिक मनी का उपयोग भुगतान के लिए होना चाहिए, बचत के साधन के रूप में नहीं। यदि टोकन धारक दूसरे उत्पादों के जरिए रिटर्न कमाने लगें, तो भुगतान-केंद्रित टोकन व्यवहार में बचत उत्पाद जैसा बन सकता है। 8
केंद्रीय बैंकों के अनुसार इससे इलेक्ट्रॉनिक मनी और बैंक डिपॉजिट के बीच व्यावहारिक अंतर धुंधला पड़ सकता है। प्रतिस्पर्धा का पहलू भी है: बैंक-जैसी आर्थिक गतिविधियां ऐसे क्रिप्टो ढांचों में हो सकती हैं जिन पर डिपॉजिट लेने वाले बैंकों जैसा प्रूडेंशियल नियमन लागू नहीं होता। 2
ESCB ने MiCA के उस तय नियम को हटाने की भी मांग की है, जिसके तहत स्टेबलकॉइन रिज़र्व का कम-से-कम 30% बैंक डिपॉजिट में रखना होता है। महत्वपूर्ण टोकनों के लिए यह सीमा 60% है। 1
इसके स्थान पर केंद्रीय बैंक परिपक्वता-अवधि आधारित लिक्विडिटी शर्तें चाहते हैं। प्रस्ताव के अनुसार MiCA में यह तय होना चाहिए कि रिज़र्व परिसंपत्तियों का न्यूनतम हिस्सा एक कार्यदिवस और पांच कार्यदिवस के भीतर परिपक्व हो। 1
नीति का मकसद यह देखना है कि जारीकर्ता रिडेम्प्शन यानी टोकन भुनाने की मांग को कितनी जल्दी पूरा कर सकता है। ESCB ने चेतावनी दी है कि रिज़र्व का बड़ा निश्चित हिस्सा बैंक डिपॉजिट में रखने की मजबूरी, स्टेबलकॉइन पर अचानक निकासी की स्थिति में, बैंक फंडिंग और डिपॉजिट स्थिरता पर दबाव डाल सकती है। 1
ESCB ने क्रिप्टो कंपनियों के लिए ज्यादा सख्त और एकरूप निगरानी की मांग भी की है। रिपोर्ट की गई सिफारिशों में क्रिप्टो-एसेट सेवा प्रदाताओं के लिए स्पष्ट प्रूडेंशियल नियम, वैधानिक ऑडिट की शर्तों पर स्पष्टीकरण और जोखिम के अनुरूप अपनी पूंजी (own funds) की आवश्यकताएं शामिल हैं। 2
कुल मिलाकर केंद्रीय बैंक चाहते हैं कि सिर्फ तकनीकी या कानूनी संरचना बदलने से जोखिम नियामकीय दायरे से बाहर न निकल जाए। लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग इसके प्रमुख उदाहरण हैं, क्योंकि इनमें समान आर्थिक जोखिम पैदा हो सकते हैं लेकिन ये आंशिक रूप से MiCA के मौजूदा नियामकीय दायरे के बाहर हो सकते हैं। 2
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यदि यूरोपीय आयोग इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाता है, तो स्टेबलकॉइन रिवॉर्ड देने वाले उत्पादों की जांच अधिक व्यापक हो सकती है। प्लेटफॉर्म को केवल सीधे ब्याज देने वाले बैलेंस के लिए नहीं, बल्कि ऐसे उत्पादों के लिए भी जवाब देना पड़ सकता है जो आर्थिक रूप से वैसा ही रिटर्न उपलब्ध कराते हों।
स्टेबलकॉइन जारीकर्ताओं के लिए रिज़र्व नियमों की दिशा अलग होगी: बैंक डिपॉजिट में तय हिस्सेदारी से कम और तेज़ी से परिपक्व या नकदी में बदली जा सकने वाली परिसंपत्तियों पर ज्यादा जोर। अंतिम सीमाएं EU के कानून निर्माता तय करेंगे; ESCB ने एक और पांच कार्यदिवस वाले लिक्विडिटी बकेट्स सुझाए हैं, लेकिन उसने अंतिम प्रतिशत तय नहीं किए हैं। 1
ESCB चाहता है कि MiCA नियमों में केवल उत्पाद के नाम या ढांचे को नहीं, बल्कि उसके वास्तविक आर्थिक असर को देखा जाए। उसका प्रस्ताव अप्रत्यक्ष स्टेबलकॉइन यील्ड को रोककर भुगतान टोकनों को बचत-जैसे उत्पाद बनने से रोकने और रिज़र्व की मजबूती को तय बैंक-डिपॉजिट कोटे के बजाय निकट-अवधि की लिक्विडिटी से मापने पर केंद्रित है। 1
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Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
ESCB चाहता है कि MiCA में स्टेबलकॉइन पर मिलने वाले अप्रत्यक्ष रिटर्न को भी रोका जाए, ताकि लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग के जरिए मौजूदा रोक को दरकिनार न किया जा सके। [2][8]
ESCB चाहता है कि MiCA में स्टेबलकॉइन पर मिलने वाले अप्रत्यक्ष रिटर्न को भी रोका जाए, ताकि लेंडिंग, बॉरोइंग और स्टेकिंग के जरिए मौजूदा रोक को दरकिनार न किया जा सके। [2][8] केंद्रीय बैंक 30%—और महत्वपूर्ण टोकनों के लिए 60%—रिज़र्व को बैंक डिपॉजिट में रखने की शर्त हटाकर एक और पांच कार्यदिवस में परिपक्व होने वाली परिसंपत्तियों पर आधारित लिक्विडिटी नियम चाहते हैं। [1]