उत्तर कोरिया ने 20 सितंबर को वोंसान क्षेत्र से करीब तीन घंटे के अंतर पर दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; उनकी रिपोर्टेड दूरी लगभग 450 किमी और 600 किमी से अधिक थी। [1] किम जोंग उन ने परीक्षण की निगरानी की और इसे सैन्य तैयारी में प्रगति बताया; उन्होंने कहा कि यह हथियार विरोधियों के लिए “लाइलाज सिरदर्द” बनेगा। [...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What happened in North Korea’s September 20 test of a Hwasong-11-class short-range ballistic missile reportedly fitted with a hypersonic gli. Article summary: North Korea’s September 20 launches appear to have combined a conventional short-range ballistic-missile test with a claimed advance in maneuverable hypersonic weaponry. Pyongyang portrayed the event as a successful “new. Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
उत्तर कोरिया ने 20 सितंबर को अपने पूर्वी तट के वोंसान क्षेत्र से करीब तीन घंटे के अंतर पर दो प्रक्षेपण किए। दक्षिण कोरिया ने इन्हें कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें बताया। पहली मिसाइल करीब 450 किलोमीटर और दूसरी 600 किलोमीटर से अधिक दूर पूर्वी सागर की दिशा में गई। इस जलक्षेत्र को जापान में सागर-ए-जापान भी कहा जाता है। 1
घटना का सबसे अहम पहलू प्रक्षेपणों के बाद सामने आया। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने किम जोंग-उन की निगरानी में एक नए हथियार तंत्र के सफल परीक्षण का दावा किया। जारी तस्वीरों का अध्ययन करने वाले बाहरी विश्लेषकों ने आकलन किया कि यह ह्वासोंग-11 परिवार की उन्नत मिसाइल हो सकती है, जिसमें दिशा बदल सकने वाला हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन लगा हो। हालांकि प्योंगयांग ने हथियार का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए इसकी पहचान और बताई जा रही क्षमताओं को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं, बल्कि विश्लेषकों का आकलन माना जाना चाहिए। 17
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दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, पहला प्रक्षेपण स्थानीय समयानुसार लगभग दोपहर 3 बजे वोंसान इलाके से हुआ और मिसाइल ने करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय की। उसी क्षेत्र से दूसरी मिसाइल शाम लगभग 5:50 बजे दागी गई, जो 600 किलोमीटर से अधिक दूर गई। 1
जापानी रिपोर्टिंग के मुताबिक, दूसरी मिसाइल की उड़ान दूरी लगभग 590 किलोमीटर थी और वह जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के बाहर सागर-ए-जापान में गिरी। 5
इसलिए ये अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल परीक्षण नहीं, बल्कि क्षेत्रीय दायरे के प्रक्षेपण थे। इनका रणनीतिक महत्व मुख्यतः रिपोर्ट किए गए पेलोड विन्यास में है, न कि केवल उड़ान दूरी में।
उत्तर कोरिया के आधिकारिक विवरण में इसे हथियार प्रौद्योगिकी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नया तंत्र कहा गया, लेकिन मिसाइल का नाम नहीं बताया गया। 17
कोरिया हेराल्ड द्वारा उद्धृत विशेषज्ञों ने सरकारी तस्वीरों में दिख रहे एक मॉनिटर समेत दृश्य संकेतों के आधार पर इसे उन्नत हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल बताया। 18
यदि यह आकलन सही है, तो यह ह्वासोंग-11 कम दूरी की मिसाइल-श्रृंखला को एक ऐसे ग्लाइड वाहन के साथ जोड़ने की कोशिश होगी जो उड़ान के दौरान दिशा बदल सकता है। पारंपरिक बैलिस्टिक पथ की तुलना में ऐसा पेलोड मिसाइल की दिशा को कम अनुमानित बना सकता है और उसकी निगरानी व अवरोधन को अधिक कठिन कर सकता है। लेकिन यह विशेषज्ञों का आकलन है—इस बात का प्रमाण नहीं कि उत्तर कोरिया ने इस क्षमता को वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में सिद्ध कर दिया है। 18
उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, 20 सितंबर के परीक्षण की निगरानी किम जोंग-उन ने की। उन्होंने इसे देश की युद्ध-तैयारी में सुधार का संकेत बताया और कहा कि विरोधी उत्तर कोरिया की प्रगति का अर्थ “बिना किसी स्पष्टीकरण” के समझेंगे। रॉयटर्स के अनुसार, किम ने हथियार को ऐसा बताया जो दुश्मन को “लाइलाज सिरदर्द” देगा। 17
ये बयान प्योंगयांग के राजनीतिक संदेश का भी हिस्सा हैं। इनसे यह पता चलता है कि उत्तर कोरिया क्या दावा कर रहा है, लेकिन मिसाइल की सटीकता, जीवित रहने की क्षमता या मिसाइल रक्षा को भेदने की योग्यता का स्वतंत्र माप नहीं मिलता।
20 सितंबर के ये प्रक्षेपण लगभग एक सप्ताह में उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों का दूसरा दौर थे। इससे पहले प्योंगयांग ने आरोप लगाया था कि अमेरिकी सैन्य गतिविधियां कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा रही हैं। 1
दक्षिण कोरिया ने कहा कि वह प्रक्षेपणों की निगरानी कर रहा है और अमेरिका तथा जापान के साथ जानकारी साझा कर रहा है। अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने अपने शुरुआती आकलन में कहा कि घटना से अमेरिकी कर्मियों, क्षेत्र या सहयोगियों को कोई तत्काल खतरा नहीं दिखा। 1
जापान ने प्रक्षेपणों की निंदा की और जापानी रिपोर्टिंग के अनुसार बीजिंग स्थित अपने दूतावास चैनल के माध्यम से उत्तर कोरिया के सामने विरोध दर्ज कराया। 5
उपलब्ध स्रोत सामग्री संयुक्त राष्ट्र महासभा में मंत्रिस्तरीय स्तर की किसी खास बातचीत या संयुक्त वक्तव्य का स्वतंत्र दस्तावेज नहीं देती। इसलिए संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की किसी त्रिपक्षीय प्रतिक्रिया संबंधी दावों को आधिकारिक अमेरिकी, दक्षिण कोरियाई या जापानी विवरण से सत्यापित किया जाना चाहिए।
घटना का पुष्ट हिस्सा स्पष्ट है: उत्तर कोरिया ने वोंसान से दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनकी रिपोर्टेड दूरी करीब 450 किलोमीटर और 600 किलोमीटर से अधिक रही। 1
बड़ा रणनीतिक सवाल उस हथियार को लेकर है जो बाद में तस्वीरों में दिखा। उपलब्ध छवियों ने विश्लेषकों को इसे हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन से लैस ह्वासोंग-11 का संभावित संस्करण मानने के लिए प्रेरित किया, जबकि उत्तर कोरिया ने इसे एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि के रूप में पेश किया। यह विकास गंभीर ध्यान मांगता है, लेकिन मिसाइल की निश्चित पहचान या वास्तविक प्रदर्शन क्षमता पर अभी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। 17
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उत्तर कोरिया ने 20 सितंबर को वोंसान क्षेत्र से करीब तीन घंटे के अंतर पर दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; उनकी रिपोर्टेड दूरी लगभग 450 किमी और 600 किमी से अधिक थी। [1]
उत्तर कोरिया ने 20 सितंबर को वोंसान क्षेत्र से करीब तीन घंटे के अंतर पर दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; उनकी रिपोर्टेड दूरी लगभग 450 किमी और 600 किमी से अधिक थी। [1] किम जोंग उन ने परीक्षण की निगरानी की और इसे सैन्य तैयारी में प्रगति बताया; उन्होंने कहा कि यह हथियार विरोधियों के लिए “लाइलाज सिरदर्द” बनेगा। [17]
तस्वीरों के आधार पर विशेषज्ञों ने इसे ह्वासोंग 11 परिवार की संभावित हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन वाली मिसाइल माना है, लेकिन नाम और प्रदर्शन क्षमता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। [18]