NOAA का आकलन है कि 2026–27 की उत्तरी गोलार्ध की शरद और सर्दियों में बहुत शक्तिशाली एल नीनो की संभावना 90% से अधिक है। अक्टूबर–दिसंबर 2026 में ऐतिहासिक तीव्रता वाले प्रकरण की संभावना 75% है। [1][4] मुख्य जोखिम वर्षा और तापमान के पैटर्न में बदलाव है—कुछ उत्पादक क्षेत्रों में सूखा, तो कुछ में बाढ़। इससे चावल, चीनी, सोय...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is the rapidly intensifying El Niño forecast by NOAA to have more than a 90% chance of becoming a very strong “super” event this autumn. Article summary: A very strong El Niño would most likely create a renewed, uneven supply shock: higher and more volatile agricultural prices, costlier food imports and fertilizer, and delayed disinflation—especially in import dependent e. Topic tags: general web, security, growth, manufacturing, finance. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks
एल नीनो का बहुत शक्तिशाली रूप खाद्य और महंगाई के लिए एक नया, लेकिन असमान, आपूर्ति-झटका पैदा कर सकता है। इसका अर्थ हो सकता है कृषि जिंसों की महंगी और ज्यादा अस्थिर कीमतें, खाद्य आयात तथा उर्वरक की ऊंची लागत, और महंगाई कम होने की प्रक्रिया में देरी—खासकर उन उभरती अर्थव्यवस्थाओं में जो खाद्य आयात पर अधिक निर्भर हैं। हालांकि यह गंभीर जोखिम-परिदृश्य है, तय नतीजा नहीं: मौसम का असर हर क्षेत्र और फसल पर अलग होगा, और मौजूदा वैश्विक अनाज आपूर्ति अब भी कुछ सुरक्षा-कवच देती है। 1
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अमेरिकी मौसम एजेंसी NOAA के क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, एल नीनो तेज हो रहा है और 2026–27 की उत्तरी गोलार्ध की शरद व सर्दियों में इसके बहुत शक्तिशाली होने की संभावना 90% से अधिक है। अक्टूबर–दिसंबर 2026 के लिए 1950 के बाद के पुराने एल नीनो प्रकरणों से भी अधिक तीव्र, यानी ऐतिहासिक स्तर के प्रकरण की संभावना 75% आंकी गई है। 1
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मौजूदा पूर्वानुमान में एल नीनो के मार्च–मई 2027 तक बने रहने की बात है। अप्रैल–जून 2027 में ENSO-न्यूट्रल—अर्थात न एल नीनो, न ला नीना—स्थितियों की संभावना 55% बताई गई है। इसलिए इसका 2027 के मध्य तक जारी रहना संभव है, पर यही सबसे संभावित केंद्रीय नतीजा नहीं है। 1
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एल नीनो सीधे बाजार भाव तय नहीं करता। इसका मुख्य रास्ता बदली हुई बारिश और गर्मी है। दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिणी अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कुछ उत्पादक इलाकों में सूखे का जोखिम बढ़ सकता है, जबकि दूसरे क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा हो सकता है। नतीजतन चावल, चीनी, सोयाबीन, मक्का और गेहूं की आपूर्ति व कीमतों पर ऊपर की ओर जोखिम बनता है। फिर भी तस्वीर एकतरफा नहीं होगी: जहां मौसम अनुकूल रहेगा, वहां उत्पादकों को बेहतर पैदावार और ऊंचे दाम का फायदा मिल सकता है।
FAO ने 2026/27 के वैश्विक चावल उत्पादन का अनुमान घटाकर 553.1 मिलियन टन किया है, जो पिछले सत्र के संशोधित अनुमान से 1.9% कम है। एजेंसी ने इसके पीछे कम उत्पादक मार्जिन और बड़े पैमाने पर एल नीनो से जुड़ी मौसम परिस्थितियों का उल्लेख किया है। दूसरी ओर, 2026 का कुल वैश्विक अनाज उत्पादन 2.98 अरब टन रहने का अनुमान है—2025 से 2% कम, लेकिन रिकॉर्ड में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादन। यही बड़ा अनाज भंडार व उत्पादन अनुमान सबसे नकारात्मक परिदृश्य के विरुद्ध अहम संतुलन है। 13
विश्व बैंक के आधारभूत अनुमान में 2026 में वैश्विक खाद्य-जिंस मूल्य सूचकांक में लगभग 2.5% वृद्धि का अनुमान है। इसे एल नीनो के तनाव-परिदृश्य के बजाय अपेक्षाकृत अनुकूल आधार-स्थिति के रूप में देखना चाहिए। बैंक ने आगाह किया है कि एल नीनो, ऊर्जा व उर्वरक लागत, जैव-ईंधन की मांग और निर्यात प्रतिबंध हालात को काफी खराब कर सकते हैं। 12
जेपीमॉर्गन के परिदृश्य विश्लेषण के मुताबिक, केवल सुपर एल नीनो वैश्विक खाद्य-महंगाई के शिखर में करीब 0.7 प्रतिशत अंक जोड़ सकता है। यदि इसके साथ तेल का झटका और क्षेत्रीय संघर्षों से आपूर्ति बाधित होने जैसे कारक भी जुड़ें, तो यह योगदान 1.3–1.5 प्रतिशत अंक तक पहुंच सकता है और 2027 की शुरुआत में खाद्य-महंगाई लगभग 5% हो सकती है। ये सशर्त आकलन हैं, आधिकारिक पूर्वानुमान नहीं। 5
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ऊंचे तेल, एलएनजी, समुद्री भाड़े और उर्वरक दाम खेत से उपभोक्ता तक लागत बढ़ा सकते हैं। उर्वरक की कीमतें खास महत्व रखती हैं: महंगा उर्वरक किसान की खपत घटा सकता है और उसका असर बाद में पैदावार पर दिख सकता है। विश्व बैंक के अनुसार, मध्य पूर्व संघर्ष के दौरान यूरिया की कीमत फरवरी से मार्च 2026 के बीच करीब 46% महीने-दर-महीने बढ़ी थी। 16
खाद्य और ईंधन का हिस्सा निम्न व मध्यम आय वाले देशों की उपभोक्ता टोकरी में आम तौर पर बड़ा होता है। इसलिए ऐसे देशों में खाद्य-मूल्य वृद्धि का असर जीवन-यापन की लागत, मुद्रा और ब्याज-दर नीति पर अपेक्षाकृत ज्यादा पड़ सकता है। कमजोर वृद्धि के बावजूद कुछ केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखनी पड़ सकती हैं—यही आपूर्ति-झटके की कठिन दुविधा है।
चावल अनेक एशियाई और अफ्रीकी देशों में मुख्य भोजन है। इसलिए उत्पादन में कमी या निर्यात प्रतिबंध कीमतों और उपलब्धता पर तेजी से असर डाल सकते हैं। विश्व बैंक ने प्रभावित चावल उत्पादक क्षेत्रों में गिरावट के जोखिम को गंभीर बताया है; दक्षिण एशिया, दक्षिणी अफ्रीका और पूर्वी एशिया के कुछ हिस्से अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में हैं। 6
मानवीय सहायता पर भी दबाव बढ़ता है। खाद्य कीमतें बढ़ने पर राहत एजेंसियों का तय बजट कम लोगों तक पहुंच पाता है। सबसे बड़ा खतरा उन परिवारों के लिए होगा जो पहले से संघर्ष, सूखे, कमजोर मुद्रा या ऊंचे कर्ज के दबाव में हैं।
कृषि वायदा और विकल्प बाजारों में मौसम का जोखिम वास्तविक कमी दिखने से पहले ही कीमतों में आने लगता है। इसलिए एक समान और लगातार तेजी के बजाय, तेज उछाल और ज्यादा अस्थिरता वाले दौर देखने को मिल सकते हैं। केंद्रित खाद्य आयातक, बिना मूल्य-सुरक्षा वाले खाद्य प्रसंस्करण कारोबार, पशुपालक जिनकी लागत चारे पर निर्भर है, तथा उर्वरक या प्रभावित समुद्री मार्गों पर निर्भर कंपनियां अधिक जोखिम में हो सकती हैं।
हां। पर्याप्त वैश्विक अनाज भंडार, किसानों की अनुकूलन क्षमता, प्रमुख निर्यातक देशों में अनुकूल मौसम, तेल की कीमतों में कमी, उर्वरक और शिपिंग आपूर्ति का सामान्य होना तथा 2027 की वसंत ऋतु में ENSO-न्यूट्रल स्थिति की ओर संभावित बदलाव—ये सभी जोखिम को सीमित कर सकते हैं। 1
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असल जोखिम यह नहीं कि केवल एल नीनो अपने आप वैश्विक खाद्य संकट पैदा कर देगा। बड़ा खतरा तब बनेगा जब स्थानीय फसल नुकसान के साथ ऊर्जा, उर्वरक, समुद्री ढुलाई और भू-राजनीतिक अवरोध एक ही समय पर जुड़ जाएं और उन्हें व्यापक खाद्य-महंगाई तथा मानवीय दबाव में बदल दें।
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NOAA का आकलन है कि 2026–27 की उत्तरी गोलार्ध की शरद और सर्दियों में बहुत शक्तिशाली एल नीनो की संभावना 90% से अधिक है। अक्टूबर–दिसंबर 2026 में ऐतिहासिक तीव्रता वाले प्रकरण की संभावना 75% है। [1][4]
NOAA का आकलन है कि 2026–27 की उत्तरी गोलार्ध की शरद और सर्दियों में बहुत शक्तिशाली एल नीनो की संभावना 90% से अधिक है। अक्टूबर–दिसंबर 2026 में ऐतिहासिक तीव्रता वाले प्रकरण की संभावना 75% है। [1][4] मुख्य जोखिम वर्षा और तापमान के पैटर्न में बदलाव है—कुछ उत्पादक क्षेत्रों में सूखा, तो कुछ में बाढ़। इससे चावल, चीनी, सोयाबीन, मक्का और गेहूं की कीमतों में उतार चढ़ाव बढ़ सकता है।
FAO ने 2026/27 के लिए वैश्विक चावल उत्पादन का अनुमान 553.1 मिलियन टन किया है, जो पिछले सत्र के संशोधित अनुमान से 1.9% कम है। फिर भी, कुल वैश्विक अनाज उत्पादन 2.98 अरब टन रहने का अनुमान है, जो रिकॉर्ड में दूसरा सबसे बड...