AgiBot के अनुसार, GE Act 2.0 के प्रशिक्षण डेटा को 300 से 30,000 घंटे तक, यानी 100 गुना बढ़ाने पर G1 OP की शून्य शॉट सफलता दर 17.1% से 44.1% और G2 90D की 13.4% से 31.1% हुई। मॉडल को वेब वीडियो मॉडल से अनुकूलित करने के बजाय रोबोट हेरफेर डेटा पर रैंडम इनिशियलाइज़ेशन से प्रशिक्षित किया गया है। इसमें दृश्य योजना और इनवर्...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is AgiBot’s GE-Act 2.0 native world-action model, and how do its random-initialization training approach, 100-fold embodied-data scalin. Article summary: GE-Act 2.0 is AgiBot’s “native” world–action model: its visual representation, future-state generation, and action-prediction components are trained from random initialization on manipulation data, rather than adapting a. Topic tags: general, general web, user generated, academic. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, char
GE-Act 2.0, AgiBot का रोबोट-केंद्रित वर्ल्ड–एक्शन मॉडल बनाने का प्रयास है। इसे किसी सामान्य वेब-वीडियो मॉडल के ऊपर ढालने के बजाय, इसके प्रशिक्षण योग्य विज़ुअल, भविष्य-अवस्था और एक्शन घटकों को रैंडम इनिशियलाइज़ेशन से शुरू कर रोबोटिक हेरफेर के डेटा पर प्रीट्रेन किया गया है। इसका मुख्य दावा केवल इतना नहीं है कि ज्यादा डेटा से मॉडल अधिक भरोसेमंद होता है; AgiBot का कहना है कि 300 घंटे से 30,000 घंटे तक प्रशिक्षण बढ़ाने पर पहले असफल रहने वाले बारीक हेरफेर कार्य भी काम करने लगे। 17
यह एक उल्लेखनीय शोध-नतीजा है, लेकिन इसे सावधानी से पढ़ना चाहिए। प्रमाण AgiBot के बताए मूल्यांकन प्रोटोकॉल पर आधारित है, जिसमें दो प्रकार के रोबोट और 100 परमाणु-स्तर के कार्य शामिल हैं। इससे यह सिद्ध नहीं होता कि GE-Act 2.0 किसी भी घर, कारखाने या मनचाहे रोबोट हार्डवेयर में अपने-आप काम कर सकता है।
वर्ल्ड–एक्शन मॉडल दृश्य समझ, भविष्यवाणी और नियंत्रण को जोड़ता है। मसलन, किसी भाषा-निर्देश में वस्तु को तय जगह पर रखने के लिए सिस्टम को मौजूदा दृश्य समझना, सफल परिणाम कैसा दिखेगा यह अनुमान लगाना, और उस स्थिति तक पहुंचाने वाले मोटर कमांड देने होते हैं।
GE-Act 2.0 इस काम को तीन बताए गए घटकों में बांटता है:
AgiBot इस प्रशिक्षण पद्धति को Knowledge-Aligned Selective Optimization (KASO) कहता है। पेपर के अनुसार, यह विज़ुअल प्लानिंग और एक्शन-लर्निंग हिस्सों में समन्वय करता है, जबकि दोनों को पूरक डेटा पर पहले से प्रशिक्षित होने देता है। 17
टीम ने एक RTX 5090 पर 104 मिलीसेकंड में एक्शन-चंक इन्फरेंस की भी रिपोर्ट दी है। हेरफेर करने वाले रोबोट को लगातार देखना और प्रतिक्रिया देनी होती है; केवल देखने में विश्वसनीय योजना बनाना काफी नहीं, अगला कंट्रोल कमांड भी समय पर निकलना चाहिए। 5
कई रोबोट-लर्निंग सिस्टम ऐसे मॉडल से लाभ लेते हैं जो पहले विशाल इमेज या वेब-वीडियो संग्रह पर प्रशिक्षित हुआ हो। GE-Act 2.0 के प्रशिक्षण योग्य जनरेटिव और एक्शन घटक इसके बजाय रैंडम इनिशियलाइज़ेशन से शुरू होकर हेरफेर डेटा पर सीखते हैं। 17
इससे स्केलिंग प्रयोग का सवाल अधिक स्पष्ट हो जाता है: क्या अतिरिक्त embodied डेटा—यानी भौतिक दुनिया में की गई क्रियाओं से जुड़ा डेटा—रोबोट के हेरफेर कौशल को व्यवस्थित रूप से बेहतर बनाता है? यह पहले से तैयार वेब-वीडियो फाउंडेशन मॉडल की उपयोगिता मापने का प्रयोग नहीं है।
बताई गई प्रशिक्षण विधि में रोबोट टेलीऑपरेशन ट्रैजेक्टरी, इंसान के प्रथम-पुरुष दृश्य वाले वीडियो, बिना लेबल के रोलआउट डेटा और असफलताओं का डेटा जैसे कई स्रोत शामिल हो सकते हैं। यह अहम है क्योंकि रोबोट डेमोंस्ट्रेशन जुटाना महंगा होता है; यदि मॉडल अपूर्ण या आंशिक रूप से लेबल किए गए इंटरैक्शन डेटा से भी सीख सके, तो डेटा संग्रह अधिक व्यावहारिक हो सकता है। 6
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AgiBot ने मॉडल के संस्करणों को 300, 1,200, 5,000 और 30,000 घंटे के हेरफेर डेटा पर प्रशिक्षित किया। अंतिम तुलना प्रशिक्षण डेटा में 100 गुना वृद्धि दिखाती है। 4
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मुख्य मूल्यांकन वास्तविक रोबोटों पर शून्य-शॉट परीक्षण के रूप में डिजाइन किया गया था:
इस प्रोटोकॉल में, डेटा बढ़ने के साथ रिपोर्ट की गई कुल सफलता दर भी बढ़ी:
| रोबोट रूप | 300 घंटे पर सफलता | 30,000 घंटे पर सफलता |
|---|---|---|
| G1-OP | 17.1% | 44.1% |
| G2-90D | 13.4% | 31.1% |
ये GE-Act 2.0 अध्ययन के रिपोर्ट किए गए नतीजे हैं। 3
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सीधा निष्कर्ष यह है कि इस मॉडल और कार्य-वितरण में ज्यादा embodied डेटा का संबंध शून्य-शॉट कार्य-सफलता में बड़ी बढ़त से था। 5,000 से 30,000 घंटे के बीच की रिपोर्ट की गई वक्रों में स्पष्ट स्थिरता नहीं दिखी, जिसे लेखक इस संकेत के रूप में देखते हैं कि आगे का स्केलिंग भी उपयोगी हो सकता है। 5
औसत सफलता दर बढ़ने का अर्थ सिर्फ यह हो सकता है कि रोबोट उन कामों में अधिक स्थिर हुआ, जो वह पहले भी कर सकता था। AgiBot का तर्क है कि बड़े मॉडल-डेटा स्तर पर इससे ज्यादा मजबूत प्रभाव दिखा: गैर-शून्य सफलता पाने वाले कार्यों की संख्या बढ़ी।
G1-OP के लिए, 300 घंटे से 30,000 घंटे के बीच सफलतापूर्वक पूरे हुए परमाणु कार्यों की रिपोर्ट की गई संख्या 100 में 39 से बढ़कर 76 हो गई। 4
उदाहरणों में ये काम शामिल हैं:
पेपर का ‘लाइट-अप’ शब्द इसी अवलोकन के लिए है। रिपोर्ट किए गए परीक्षणों में डेटा स्केलिंग केवल पहले से मौजूद कौशलों के बेहतर निष्पादन से नहीं, बल्कि छोटे पैमाने पर असफल बारीक कामों के शून्य-शॉट सेटिंग में संभव होने से भी जुड़ी थी।
फिर भी, इसे अचानक उभर आई सामान्य बुद्धिमत्ता का प्रमाण नहीं समझना चाहिए। यह सीमित बेंचमार्क में देखे गए कार्य-कवरेज का वर्णन है। अधिक विविध वस्तुओं, लंबे समय वाले कार्यों, सुरक्षा-महत्वपूर्ण परिस्थितियों या नए रोबोट डिजाइन में यही रुझान बना रहेगा या नहीं, यह खुला प्रश्न है।
G2-90D अध्ययन में अलग रोबोट रूपों के बीच ट्रांसफर का प्रमाण देता है। AgiBot के अनुसार, यह पहियों वाला मोबाइल मैनिपुलेटर संयुक्त प्रशिक्षण डेटा का 2% से कम था, फिर भी छोटे और बड़े डेटा-स्तरों के बीच इसकी कुल सफलता दर 17.7 प्रतिशत अंक बढ़ी। 3
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यह बताता है कि सीखी गई दृश्य और क्रिया-संबंधी संरचना का कुछ हिस्सा अलग रोबोट बॉडी में साझा किया जा सकता है। भविष्य में हर मशीन के लिए नीति को पूरी तरह नए सिरे से बनाने की जरूरत कम करने की दिशा में यह उपयोगी संकेत है।
लेकिन इससे हार्डवेयर-निरपेक्ष रोबोट बुद्धिमत्ता सिद्ध नहीं होती। प्रमाण केवल दो मूल्यांकित रोबोट रूपों और अध्ययन के कार्य-वितरण तक सीमित है। G2-90D का संयुक्त प्रशिक्षण में कुछ प्रतिनिधित्व था, इसलिए परिणाम यह नहीं दिखाते कि किसी मनमाने नए रोबोट पर बिना किसी डेटा के ट्रांसफर संभव है।
GE-Act, AgiBot के व्यापक Genie Envisioner (GE) प्लेटफॉर्म का हिस्सा है। इसे एक ऐसे साझा वीडियो-जनरेटिव फ्रेमवर्क के रूप में वर्णित किया गया है जो रोबोट नीति-लर्निंग, मूल्यांकन और सिमुलेशन को जोड़ता है। 18
इस ढांचे में GE-Act क्रिया-उन्मुख भाग है, जबकि GE-Sim एक विश्व-सिमुलेशन घटक है, जिसका उद्देश्य मूल्यांकन और विकास के लिए क्रिया-निर्भर रोलआउट बनाना है। 18
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यह अंतर महत्वपूर्ण है: GE-Act 2.0 की प्रमुख उपलब्धि वास्तविक रोबोटों पर शून्य-शॉट परीक्षणों पर आधारित है। GE-Sim व्यापक प्लेटफॉर्म का संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर हो सकता है, लेकिन यह उस केंद्रीय दावे का आधार नहीं है कि मॉडल ने कार्य-विशिष्ट फाइन-ट्यूनिंग या मूल्यांकन डेमोंस्ट्रेशन के बिना रिपोर्ट किए गए वास्तविक हेरफेर कार्य किए।
AgiBot ने सिमुलेशन-केंद्रित बेंचमार्क पर फाइन-ट्यून किए गए नतीजे भी बताए हैं। उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, GE-Act 2.0 ने RoboTwin के अपरिचित-परिवेश परीक्षण में 60.52% सफलता हासिल की और GenieSim निर्देश-अनुसरण में 0.770 स्कोर किया; दूसरे नतीजे को तुलना में शामिल π0.5 और GR00T N1.7 से ऊपर बताया गया है। 20
ये नतीजे अनुकूलन और बेंचमार्क प्रदर्शन के उपयोगी पैमाने हो सकते हैं, लेकिन इनका प्रश्न वास्तविक रोबोट वाले शून्य-शॉट प्रयोग से अलग है। फाइन-ट्यून किए गए बेंचमार्क स्कोर को इस बात का प्रमाण नहीं मानना चाहिए कि वही क्षमता बिना कार्य-विशिष्ट अनुकूलन के हासिल हुई।
GE-Act 2.0 इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि यह embodied AI के एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण सवाल को जांचता है: क्या हेरफेर डेटा पर सीधे प्रशिक्षित वर्ल्ड–एक्शन मॉडल उस डेटा के बढ़ने के साथ अनुमानित ढंग से बेहतर हो सकता है?
AgiBot के रिपोर्ट किए गए प्रयोग में उत्तर हां है। 300 से 30,000 घंटे तक प्रशिक्षण डेटा बढ़ने के साथ G1-OP और G2-90D पर शून्य-शॉट सफलता में बड़ी वृद्धि, अधिक व्यापक कार्य-कवरेज, और तौलिया मोड़ने व कप एक-दूसरे में रखने जैसे बारीक कौशल बड़े पैमाने वाली स्थिति में उभरते दिखाई दिए। 3
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सही निष्कर्ष, सामान्य-उद्देश्य रोबोट के विपणन वादे से संकरा है: GE-Act 2.0 नियंत्रित वास्तविक-रोबोट मूल्यांकन में इस बात का प्रमाण देता है कि embodied हेरफेर डेटा बढ़ाने से नई और मापी जा सकने वाली क्षमताएं उभर सकती हैं। इसे व्यापक रोबोट स्वायत्तता का सामान्य समाधान मानने से पहले स्वतंत्र पुनरावृत्ति, अधिक प्रकार के हार्डवेयर पर परीक्षण, और लंबे समय व सुरक्षा से जुड़े अधिक कड़े मूल्यांकन की जरूरत है।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
AgiBot के अनुसार, GE Act 2.0 के प्रशिक्षण डेटा को 300 से 30,000 घंटे तक, यानी 100 गुना बढ़ाने पर G1 OP की शून्य शॉट सफलता दर 17.1% से 44.1% और G2 90D की 13.4% से 31.1% हुई।
AgiBot के अनुसार, GE Act 2.0 के प्रशिक्षण डेटा को 300 से 30,000 घंटे तक, यानी 100 गुना बढ़ाने पर G1 OP की शून्य शॉट सफलता दर 17.1% से 44.1% और G2 90D की 13.4% से 31.1% हुई। मॉडल को वेब वीडियो मॉडल से अनुकूलित करने के बजाय रोबोट हेरफेर डेटा पर रैंडम इनिशियलाइज़ेशन से प्रशिक्षित किया गया है। इसमें दृश्य योजना और इनवर्स डायनेमिक्स से क्रियाएं तैयार होती हैं।
सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि बड़े डेटा सेट के साथ काम करने वाले कौशलों की संख्या बढ़ी; तौलिया मोड़ने और कप एक दूसरे में रखने जैसे बारीक काम बड़े पैमाने पर सामने आए।