सीईओ का कहना है कि डिजिटल नेटवर्क्स एक्ट को निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाना चाहिए, न कि तीन साल में हाई रिस्क सप्लायर उपकरण बदलने जैसी बाध्यता थोपनी चाहिए; उद्योग के मुताबिक इसकी लागत €40 अरब तक हो सकती है। [5][8] उनकी मांगों में दीर्घकालिक या अनिश्चित अवधि के स्पेक्ट्रम लाइसेंस, कम नियामकीय बोझ, बाजार एकीकरण के लिए...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the main demands and arguments in the open letter from 17 European telecommunications CEOs, including leaders of Orange, Deutsche T. Article summary: The CEOs’ central case is that the Digital Networks Act should be a pro-investment telecom reform, not a set of costly, centrally mandated network changes. They support resilient networks but argue that the proposed thre. Topic tags: general, government, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, ch
17 यूरोपीय दूरसंचार कंपनियों के सीईओ का खुला पत्र नेटवर्क सुरक्षा के विरोध में नहीं है। उनका मूल तर्क यह है कि EU का डिजिटल नेटवर्क्स एक्ट (DNA) कनेक्टिविटी में निवेश के लिए मजबूत प्रोत्साहन दे, न कि ऐसे दायित्व बढ़ाए जो फाइबर, 5G और 6G पर लगने वाली पूंजी को दूसरी ओर मोड़ दें। हस्ताक्षरकर्ताओं में ऑरेंज, डॉयचे टेलीकॉम और टेलीफोनिका जैसी कंपनियां शामिल हैं। वे चाहते हैं कि EU की विधायी प्रक्रिया के दौरान प्रस्ताव में बदलाव किए जाएं। 4
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सीईओ की सबसे तात्कालिक आपत्ति साइबरसुरक्षा के आधार पर ‘उच्च जोखिम’ घोषित किए गए सप्लायरों से जुड़ी है। पत्र पर आई रिपोर्टों के अनुसार, ऑपरेटरों को ऐसे नामित उपकरणों को चरणबद्ध ढंग से हटाने के लिए तीन वर्ष मिल सकते हैं। उद्योग का अनुमान है कि इसकी लागत €40 अरब तक हो सकती है। ऑपरेटरों का कहना है कि यह खर्च अगली पीढ़ी के नेटवर्क लगाने के लिए उपलब्ध धन कम कर देगा। 5
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यह €40 अरब का आंकड़ा उद्योग का अनुमान है, कोई सर्वमान्य सार्वजनिक लागत आकलन नहीं। इसलिए नीति विवाद केवल उपकरण बदलने का नहीं है; सवाल यह भी है कि इसे कितनी जल्दी बदला जाए, खर्च कौन उठाए और पूरे EU में एक बाध्यकारी नियम किन साक्ष्यों के आधार पर लागू हो।
यूरोपीय आयोग की सुरक्षा चिंता का आधार उसके 5G संबंधी पहले के निष्कर्ष हैं। 2023 में आयोग ने कहा था कि हुआवेई और ZTE अन्य 5G सप्लायरों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक जोखिम पेश करते हैं। आयोग ने इसका कारण ऐसे सप्लायरों का राष्ट्रीय खुफिया और डेटा सुरक्षा से जुड़े दखलकारी तीसरे-देश के कानूनों के दायरे में आना बताया। उसने यह भी कहा कि इन कंपनियों पर पाबंदी या उन्हें बाहर करने के राष्ट्रीय फैसले EU के 5G साइबरसुरक्षा टूलबॉक्स के अनुरूप और उचित हैं। 17
मौजूदा प्रस्ताव से पहले 5G टूलबॉक्स मुख्यतः सदस्य देशों के अपने-अपने क्रियान्वयन पर निर्भर था। आयोग के अनुसार, 24 सदस्य देशों ने सप्लायरों का आकलन करने और प्रतिबंध लगाने की शक्ति देने वाले कानूनी उपाय अपना लिए थे या उनकी तैयारी कर रहे थे। लेकिन वास्तव में सिर्फ 10 देशों ने ऐसे प्रतिबंध लागू किए थे।
यही असमान रिकॉर्ड EU को अधिक बाध्यकारी नियमों की ओर ले जा रहा है। ब्रसेल्स का तर्क है कि संचार नेटवर्क आपस में जुड़ी हुई महत्वपूर्ण अवसंरचना हैं; इसलिए अलग-अलग राष्ट्रीय नीतियों का पैबंदनुमा ढांचा सामूहिक कमजोरियां छोड़ सकता है। आयोग ने DNA को एक ऐसे एकल विनियमन के रूप में पेश किया है, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी नियमों को आधुनिक बनाना और उन्नत, लचीली डिजिटल अवसंरचना में निवेश को बढ़ावा देना है। 3
ऑपरेटरों का कहना है कि साझा ढांचा होने पर भी वह अनुपातिक होना चाहिए। वे चेतावनी देते हैं कि हर देश के लिए एक जैसी उपकरण-हटाने की समयसीमा उचित नहीं होगी, क्योंकि मौजूदा नेटवर्क, प्रतिस्थापन विकल्प और निवेश योजनाएं अलग-अलग हैं।
उपकरणों का विवाद निवेश-केंद्रित दूरसंचार नियमों की बड़ी मांग का हिस्सा है। सीईओ और कनेक्ट यूरोप ने नीति-निर्माताओं से आग्रह किया है कि वे:
इन मांगों के पीछे उद्योग का परिचित तर्क है: टेलीकॉम नेटवर्क में निवेश बहुत बड़ा और दीर्घकालिक होता है। इसलिए अनुमानित नियम, स्पेक्ट्रम पर दीर्घकालिक स्पष्टता और पर्याप्त व्यावसायिक पैमाना नेटवर्क अपग्रेड के वित्तपोषण के लिए अहम हैं।
पत्र में पुराने कॉपर नेटवर्क बंद करने के लिए केंद्र से तय समयसीमा पर भी सवाल उठाया गया है। DNA में फाइबर की ओर चरणबद्ध बदलाव का प्रावधान है और सदस्य देशों को यह सुनिश्चित करना है कि तय क्षेत्रों में, जहां फाइबर कवरेज और किफायती सेवा की शर्तें पूरी हों, 2035 के अंत तक कॉपर नेटवर्क बंद कर दिया जाए। 1
ऑपरेटर कॉपर से फाइबर की ओर बदलाव की दिशा का विरोध नहीं करते। उनकी चिंता यह है कि नेटवर्क बंद करने का फैसला स्थानीय तैनाती की स्थिति, उपभोक्ता सुरक्षा, तकनीकी तैयारी और नेटवर्क की मजबूती को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उनकी मांग ब्रसेल्स से थोपी गई एक समान समयसीमा के बजाय लचीलेपन की है। 4
इस बहस को अक्सर सस्ते चीनी उपकरण बनाम सुरक्षा की सीधी पसंद के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन मामला इससे अधिक जटिल है।
आयोग का पक्ष है कि महत्वपूर्ण नेटवर्कों की सुरक्षा के लिए हाई-रिस्क सप्लायरों पर प्रतिबंध जरूरी हैं और स्वैच्छिक, असमान राष्ट्रीय कार्रवाई की कमियों को दूर करना होगा। 17 दूसरी ओर, ऑपरेटर कहते हैं कि तेज और एकरूप प्रतिस्थापन आदेश उसी निवेश को कमजोर कर सकता है जो यूरोप की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए जरूरी है।
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यूरोपीय संसद और सदस्य देशों की सरकारों के सामने इसलिए व्यावहारिक और रणनीतिक दोनों सवाल हैं:
इन सवालों का उत्तर तय करेगा कि DNA को मुख्यतः सुरक्षा-केंद्रित हस्तक्षेप, निवेश सुधार या दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जाता है। सीईओ ऐसा संस्करण चाहते हैं जो उनके अनुसार पूंजी निवेश और परिचालन लचीलेपन के पक्ष में संतुलन बदले; आयोग पूरे EU में अधिक एकरूप सुरक्षा आधाररेखा चाहता है। 3
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सीईओ का कहना है कि डिजिटल नेटवर्क्स एक्ट को निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाना चाहिए, न कि तीन साल में हाई रिस्क सप्लायर उपकरण बदलने जैसी बाध्यता थोपनी चाहिए; उद्योग के मुताबिक इसकी लागत €40 अरब तक हो सकती है। [5][8]
सीईओ का कहना है कि डिजिटल नेटवर्क्स एक्ट को निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाना चाहिए, न कि तीन साल में हाई रिस्क सप्लायर उपकरण बदलने जैसी बाध्यता थोपनी चाहिए; उद्योग के मुताबिक इसकी लागत €40 अरब तक हो सकती है। [5][8] उनकी मांगों में दीर्घकालिक या अनिश्चित अवधि के स्पेक्ट्रम लाइसेंस, कम नियामकीय बोझ, बाजार एकीकरण के लिए अधिक गुंजाइश और पुराने कॉपर नेटवर्क बंद करने के लिए एक समान केंद्रीय समयसीमा से बचना शामिल है। [4][45][51]
विवाद का केंद्र नेटवर्क सुरक्षा की गति, लागत और नियंत्रण है: यूरोपीय आयोग सभी सदस्य देशों में एक समान सुरक्षा मानक चाहता है, जबकि ऑपरेटर स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से अधिक लचीलापन मांग रहे हैं। [17][19]