शेंग्यू लियू का मानना है कि AI दस्तावेज़ खोजने और डिबगिंग में मदद करने वाले टूल से आगे बढ़कर GPU स्तर के कोड और सॉफ्टवेयर ऑपरेटरों को समझने व ऑप्टिमाइज़ करने की क्षमता की ओर बढ़ रहा है। [1] [11] उनकी चिंता केवल नौकरियां जाने की नहीं है; इंजीनियर नौकरी में रहते हुए भी काम के वास्तविक निर्माता से AI एजेंटों के पर्यवेक...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did DeepSeek kernel optimization engineer Shengyu Liu, known online as “interestingLSY,” argue in his WeChat essay “I Have No Choice bu. Article summary: Liu’s essay was both a personal lament and a political argument: he believed AI was quickly moving from assisting expert engineers to replacing their most specialized work, while control of that capability by a closed U.. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
शेंग्यू लियू—जो ऑनलाइन “interestingLSY” नाम से जाने जाते हैं—DeepSeek में मशीन-लर्निंग सिस्टम्स और कर्नेल डिजाइन व ऑप्टिमाइज़ेशन पर काम करते हैं। 7 उनके निबंध I Have No Choice but to Bury My Talent in Yesterday का सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि AI कोड लिख पाएगा या नहीं। उनका असली सवाल है: जब वही तकनीक किसी विशेषज्ञ की सबसे कठिन और प्रिय कला को करने लगे, तो उस विशेषज्ञ की भूमिका क्या रह जाएगी?
लियू के मुताबिक, AI का सफर बहुत तेज रहा है। शुरुआत में यह इंजीनियरों को दस्तावेज़ ढूंढने और डिबगिंग में मदद देता था। अब वे ऐसी प्रणालियों की दिशा देख रहे हैं जो GPU स्तर के कोड को पढ़ सकें, किसी सॉफ्टवेयर ऑपरेटर के कार्यान्वयन और प्रदर्शन-सीमाओं को समझ सकें, तथा ऑप्टिमाइज़ेशन सुझा या कर सकें। 1
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कर्नेल ऑप्टिमाइज़ेशन में मूल्य बहुत बारीक, अनुभवजन्य फैसलों का होता है—कम-स्तरीय कोड में प्रदर्शन की हर छोटी कमी पकड़ना। लियू को आशंका है कि AI अंततः उस हिस्से में भी उनके बराबर या उनसे बेहतर हो सकता है जिसे वे अपने काम का सबसे अर्थपूर्ण भाग मानते हैं।
यह जरूरी नहीं कि इसका अर्थ तुरंत बड़े पैमाने पर छंटनी हो। लियू की चिंता इससे अलग है: किसी इंजीनियर की नौकरी बनी रह सकती है, लेकिन वह खुद काम करने वाले रचनाकार के बजाय स्वचालित एजेंटों की निगरानी करने वाला व्यक्ति बन सकता है। निबंध का शीर्षक इसी अनुभूति को व्यक्त करता है—अपनी प्रतिभा को मानो बीते कल में दफन करना। 1
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इसे AI के आज ही उत्पादन-परिवेश में हर कर्नेल इंजीनियर को स्वायत्त रूप से बदल देने का प्रमाण नहीं समझना चाहिए। यह एक फ्रंटियर AI इंजीनियर का अनुमान और निजी अनुभव है कि क्षमताएं किस दिशा में जा रही हैं।
लियू ने कार्य-संबंधी चिंता को नियंत्रण और स्वामित्व के प्रश्न से जोड़ा। उन्होंने लिखा कि वे दुनिया की सबसे उन्नत AI या AGI—अर्थात मानव-जैसी सामान्य बुद्धिमत्ता वाली AI—पर Anthropic का नियंत्रण नहीं चाहते। इसे समझाने के लिए उन्होंने जानबूझकर एक बेहद तीखी ऐतिहासिक उपमा दी: उनके अनुसार दांव कुछ वैसा है जैसा मित्र राष्ट्रों से पहले हिटलर के पास परमाणु बम की तकनीक पहुंच जाना। 2
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यह उपमा लियू की अपनी बयानबाजी है; इसे Anthropic और नाजी जर्मनी के बीच तथ्य-आधारित तुलना नहीं माना जा सकता। उनका मूल तर्क यह है कि अत्यधिक सक्षम AI में किसी एक निजी संस्था की निर्णायक बढ़त आर्थिक और भू-राजनीतिक शक्ति का असाधारण, और पर्याप्त जवाबदेही के बिना, केंद्रीकरण कर सकती है।
लियू का समाधान है कि फ्रंटियर AI अधिक खुली और इतनी किफायती हो कि उसका उपयोग व्यापक रूप से हो सके। वे DeepSeek के ओपन-सोर्स रुझान को बंद पश्चिमी फ्रंटियर लैबों के संतुलन के रूप में देखते हैं और इसे वहां काम करने की एक वजह बताते हैं। 1
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हालांकि, खुलापन अपने आप में सर्वमान्य सुरक्षा समाधान नहीं है। इससे नियंत्रण का केंद्रीकरण घट सकता है, लेकिन शक्तिशाली क्षमताएं दुर्भावनापूर्ण या गैर-जिम्मेदार लोगों तक भी आसानी से पहुंच सकती हैं।
लियू का Anthropic और OpenAI पर अविश्वास वाणिज्यिक प्रतिस्पर्धा भर का मुद्दा नहीं है; इसमें राजनीति और नीतिगत शक्ति का प्रश्न भी शामिल है। उनका संदेह है कि मालिकाना फ्रंटियर मॉडल बनाने वाली और उन्नत कंप्यूटिंग तक प्रतिद्वंद्वियों की पहुंच सीमित करने वाली नीतियों का समर्थन करने वाली कंपनियों को AGI का निष्पक्ष संरक्षक नहीं माना जा सकता।
यह लियू का मूल्य-निर्णय है। उपलब्ध रिपोर्टिंग यह साबित नहीं करती कि Anthropic या OpenAI आज AGI के गैर-जवाबदेह नियंत्रक हैं, न ही यह कि खुली पहुंच वाला मॉडल अनिवार्य रूप से ज्यादा सुरक्षित है। बहस असल में प्राथमिकताओं पर है: सत्ता का केंद्रीकरण, क्षमताओं का तेज प्रसार, प्रतिस्पर्धी असंतुलन या विनाशकारी दुरुपयोग—किस जोखिम को सबसे अहम माना जाए?
लियू का निबंध ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी और चीनी AI हितों के बीच सार्वजनिक टकराव तेज है।
Anthropic ने आरोप लगाया है कि DeepSeek, Moonshot और MiniMax ने Claude के आउटपुट का इस्तेमाल कर अपने मॉडल बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अनधिकृत ‘डिस्टिलेशन’ अभियान चलाए। कंपनी के अनुसार, इसमें करीब 24,000 फर्जी खातों के जरिए Claude के 1.6 करोड़ से अधिक संवाद शामिल थे। ये Anthropic के आरोप हैं, इस संदर्भ में इन्हें न्यायिक रूप से सिद्ध निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
इसी बीच Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने फ्रंटियर मॉडलों की क्षमता बढ़ाने की गति धीमी करने की अपील की है। उनका तर्क है कि सुरक्षा, निगरानी और जोखिम प्रबंधन के लिए अधिक समय चाहिए। उन्होंने चीन को सबसे उन्नत AI चिपों और चिप-निर्माण उपकरणों के निर्यात पर प्रतिबंध जारी रखने का भी समर्थन किया है। उनका कहना है कि AI में चीन की बढ़त अमेरिका और दुनिया के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।
चीन के अधिकारियों और राज्य-समर्थित मीडिया ने इस तर्क को खारिज किया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने चीन की AI क्षमताओं को सीमित करने की अमोदेई की अपील की आलोचना की, जबकि ग्लोबल टाइम्स ने AI धीमा करने के प्रस्ताव को अमेरिकी तकनीकी बढ़त बचाने के लिए अपनाई गई “शीत युद्ध की रणनीति” बताया।
मुद्दा “पश्चिमी सुरक्षा समर्थक बनाम चीनी तेज-गति समर्थक” जैसी सीधी रेखा में नहीं बंटता। Anthropic और OpenAI में काम कर चुके शोधकर्ता जैकब कॉक्सन ने सितंबर 2026 में Anthropic से इस्तीफा देकर AI उद्योग छोड़ दिया। उनका आरोप था कि दोनों कंपनियां पर्याप्त जिम्मेदारी के बिना खुद को बेहतर बनाने वाली सुपरइंटेलिजेंस की दौड़ में लगी हैं। उन्होंने इस दौड़ को “हमारी जिंदगियों के साथ जुआ” कहा। 17
कॉक्सन की आलोचना लियू से अलग है। कॉक्सन का जोर अत्यधिक सक्षम AI को बहुत तेजी से बनाने के खतरों पर है, जबकि लियू का मुख्य भय यह है कि कोई बंद अमेरिकी लैब उस क्षमता पर हावी हो जाए। फिर भी दोनों इस विचार को चुनौती देते हैं कि मौजूदा प्रतिस्पर्धी दौड़ अपने आप में उचित या सुरक्षित है।
लियू का निबंध निजी करियर की चिंता से कहीं बड़ा शासन-संबंधी सवाल उठाता है। अगर AI अत्यधिक विशिष्ट मानव कौशलों को भी आत्मसात कर सकता है, तो उसके इस्तेमाल के नियम कौन तय करेगा? यदि सबसे सक्षम प्रणालियां कुछ कंपनियों के पास रहें, तो उनकी शक्ति पर नियंत्रण कैसे होगा? और यदि वे व्यापक रूप से खुली हों, तो दुरुपयोग और प्रसार का जोखिम कैसे संभाला जाएगा?
इसका कोई साझा उत्तर नहीं है। लियू के लिए निजी केंद्रीकरण का जवाब खुलापन और किफायती पहुंच है। Anthropic के लिए उत्तर है क्षमताओं की गति को नियंत्रित करना, मजबूत सुरक्षा उपाय और अमेरिकी बढ़त बनाए रखने वाले निर्यात प्रतिबंध। चीन के आलोचक इन्हीं प्रतिबंधों को तकनीकी रोकथाम के रूप में देखते हैं।
लियू की बात इसलिए अलग असर छोड़ती है कि यह उस व्यक्ति की आवाज है जो इस बदलाव को बनाने वाली तकनीक पर काम कर रहा है। उनका संकेत है कि AI का पहला बड़ा झटका केवल सामान्य कामों को नहीं, बल्कि उन विशेषज्ञों की बारीक कला को भी लग सकता है जो AI को आगे बढ़ाने में लगे हैं।
Studio Global AI
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शेंग्यू लियू का मानना है कि AI दस्तावेज़ खोजने और डिबगिंग में मदद करने वाले टूल से आगे बढ़कर GPU स्तर के कोड और सॉफ्टवेयर ऑपरेटरों को समझने व ऑप्टिमाइज़ करने की क्षमता की ओर बढ़ रहा है। [1] [11]
शेंग्यू लियू का मानना है कि AI दस्तावेज़ खोजने और डिबगिंग में मदद करने वाले टूल से आगे बढ़कर GPU स्तर के कोड और सॉफ्टवेयर ऑपरेटरों को समझने व ऑप्टिमाइज़ करने की क्षमता की ओर बढ़ रहा है। [1] [11] उनकी चिंता केवल नौकरियां जाने की नहीं है; इंजीनियर नौकरी में रहते हुए भी काम के वास्तविक निर्माता से AI एजेंटों के पर्यवेक्षक बन सकते हैं। [1] [3]
लियू उन्नत AI का नियंत्रण कुछ बंद कंपनियों तक सीमित रहने के विरोध में हैं, जबकि Anthropic धीमी प्रगति, सुरक्षा जांच और उन्नत चिप निर्यात नियंत्रण की वकालत करता है। [34] [49]