ईआईए के अनुसार 2026 में ब्रेंट क्रूड का औसत करीब 91 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी खुदरा डीजल का औसत 5.07 डॉलर प्रति गैलन रह सकता है। [3][8] हॉर्मुज़ और बाब अल मंदब मार्गों की बाधाओं ने निर्यात, उत्पादन और वैश्विक तेल भंडार पर दबाव बढ़ाया है; सामान्य स्थिति लौटने की रफ्तार ही 2027 के दामों की दिशा तय करेगी। [2][3][32]
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does the EIA’s September short-term energy outlook project for average Brent crude prices in 2026 and U.S. retail diesel prices, and ho. Article summary: The EIA’s September 2026 STEO projects Brent crude to average about $91 per barrel for 2026 and U.S. retail diesel at $5.07 per gallon, revised up from $4.85. It expects Brent near $90/b in the second half of 2026, then . Topic tags: general, government, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with
मध्य पूर्व में समुद्री ढुलाई की बाधाओं ने अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के 2026 तेल बाजार अनुमान को बदल दिया है। सितंबर के शॉर्ट-टर्म एनर्जी आउटलुक (STEO) में एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि 2026 में ब्रेंट क्रूड का औसत हाजिर भाव करीब 91 डॉलर प्रति बैरल रहेगा। अमेरिका में खुदरा डीजल की औसत कीमत 5.07 डॉलर प्रति गैलन रहने का अनुमान है, जो उसके पिछले अनुमान से 22 सेंट अधिक है। 3
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EIA का अनुमान है कि 2026 की दूसरी छमाही में ब्रेंट औसतन लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल रहेगा। एजेंसी ने 2027 के लिए औसत 74 डॉलर प्रति बैरल का अनुमान दिया है—लेकिन यह इस धारणा पर आधारित है कि तेल उत्पादन बढ़ेगा और वैश्विक भंडार फिर से भरने लगेंगे। 2027 के लिए अमेरिकी खुदरा डीजल का अनुमान 4.40 डॉलर प्रति गैलन है, जो पहले के 4.07 डॉलर के अनुमान से अधिक है। 3
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इसलिए 2027 में कीमतों में गिरावट कोई तत्काल सामान्यीकरण का संकेत नहीं है। इसके लिए उत्पादन में सार्थक सुधार और संघर्ष से बाधित व्यापारिक मार्गों का फिर से सुचारु होना जरूरी होगा।
बाजार पर दबाव का मुख्य कारण केवल उत्पादन क्षमता में कमी नहीं, बल्कि कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को उत्पादक देशों से खरीदारों तक सुरक्षित ढंग से पहुंचाने में कठिनाई है।
फारस की खाड़ी के अधिकांश निर्यात के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य अहम मार्ग है। EIA के अनुमान के मुताबिक 2026 की दूसरी तिमाही में इस मार्ग से कच्चे तेल और पेट्रोलियम द्रवों का प्रवाह औसतन 49 लाख बैरल प्रतिदिन रहा, जबकि संघर्ष से पहले 2025 की चौथी तिमाही में यह 2.16 करोड़ बैरल प्रतिदिन था। 2
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निर्यात अटकने पर भंडारण, पाइपलाइन और वैकल्पिक टर्मिनल पूरी आपूर्ति को नहीं संभाल पाते। ऐसे में उत्पादकों को उत्पादन घटाना पड़ सकता है। EIA ने पहले अनुमान लगाया था कि जून में मध्य पूर्व में बंद पड़ा उत्पादन औसतन 83 लाख बैरल प्रतिदिन था; मई में यह 1.12 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया था। बाद में रॉयटर्स ने EIA के हवाले से बताया कि अगस्त में यह बंद उत्पादन जुलाई के 50 लाख बैरल प्रतिदिन से बढ़कर 67 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया। 6
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सऊदी अरब के लिए लाल सागर के रास्ते निर्यात का विकल्प भी जटिल हुआ है। हॉर्मुज़ संकट के बाद सऊदी कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा यानबू बंदरगाह की ओर मोड़ा गया था। मगर S&P Global Commodities at Sea के आंकड़ों के अनुसार बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य से कच्चे तेल और कंडेनसेट का प्रवाह अगस्त में घटकर 15 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जो जुलाई में 31.4 लाख और जून में 59 लाख बैरल प्रतिदिन था।
इन दोनों समुद्री संकरे मार्गों पर जोखिम होने से एक बाधित रूट की भरपाई दूसरे मार्ग से करना मुश्किल होता है। नतीजतन मालभाड़ा, बीमा और उपलब्ध आपूर्ति की अनिश्चितता बढ़ती है—खासकर उन रिफाइनरियों के लिए जो मध्य पूर्वी ग्रेड के कच्चे तेल पर निर्भर हैं।
EIA के ऊंचे मूल्य अनुमान के पीछे वैश्विक तेल भंडार में तेज गिरावट एक महत्वपूर्ण वजह है। सितंबर आउटलुक पर रिपोर्टिंग के अनुसार, 2026 में अगस्त तक वैश्विक भंडार अनुमानित 40 करोड़ बैरल घट चुके थे और साल के अंत तक इनमें और कमी की संभावना थी। 11
भंडार आपूर्ति बाधित होने और खपत के बीच एक सुरक्षा-कवच का काम करते हैं। यह कवच छोटा होने पर खरीदार तुरंत उपलब्ध कार्गो के लिए अधिक प्रतिस्पर्धा करते हैं और बाजार किसी नई शिपिंग या उत्पादन बाधा के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है।
इसका असर केवल कच्चे तेल तक सीमित नहीं रहता। कम उपलब्ध क्रूड से रिफाइनरियों का संचालन सीमित हो सकता है, जिससे डीजल और अन्य परिष्कृत ईंधनों की आपूर्ति प्रभावित होती है। अमेरिकी खुदरा डीजल के लिए EIA का ऊंचा अनुमान इसी व्यापक ईंधन-तंत्र के दबाव को दर्शाता है। 3
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एशियाई रिफाइनरियां विशेष रूप से प्रभावित हैं क्योंकि क्षेत्र की आपूर्ति में मध्य पूर्वी क्रूड का बड़ा हिस्सा है। S&P Global के मुताबिक, हॉर्मुज़ से जहाजों की आवाजाही युद्ध-पूर्व स्तर से 80% से अधिक गिर चुकी थी। अगस्त में दक्षिण-पूर्व एशिया का डिस्टिलेट आयात भी युद्ध-पूर्व स्तर से करीब 20% नीचे था।
इसका अर्थ यह नहीं कि दुनिया में हर प्रकार के तेल की एक जैसी कमी है। बल्कि, कुछ खास क्रूड ग्रेड और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता अधिक तंग हुई है। वैकल्पिक कार्गो तलाशने वाली रिफाइनरियों को ऊंचा भौतिक प्रीमियम और ज्यादा शिपिंग लागत चुकानी पड़ सकती है। कम रिफाइनरी रन निकट अवधि में तेल मांग को भी दबा सकते हैं।
वुड मैकेंज़ी का अनुमान है कि यदि संघर्ष वर्ष के अंत तक जारी रहता है, तो 2026 की चौथी तिमाही में वैश्विक क्रूड रनों में 14 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी आ सकती है, जिसकी अगुआई एशिया करेगा। इसके परिदृश्य में एशिया-प्रशांत की तेल मांग युद्ध-पूर्व स्तर पर 2027 के अंत तक ही लौटेगी।
शिपिंग हालात सुधरने पर भी बहाली धीरे-धीरे होने की आशंका है। EIA के पहले के विश्लेषण में कहा गया था कि हॉर्मुज़ से प्रवाह बहाल होने के बाद अधिकांश युद्ध-पूर्व उत्पादन और व्यापार पैटर्न 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक लौट सकते हैं। 5
लेकिन सितंबर तक का परिदृश्य अधिक कठिन दिखता है। रॉयटर्स के अनुसार, EIA ने कहा था कि मध्य पूर्व के कुछ उत्पादकों को 2027 के अंत तक भी उत्पादन को संघर्ष-पूर्व स्तर पर लाने में दिक्कत हो सकती है। 17
S&P Global के सतर्क परिदृश्य में, यदि संघर्ष का निर्णायक अंत नहीं होता, हॉर्मुज़ यातायात सामान्य नहीं होता और लाल सागर के जोखिम बने रहते हैं, तो मध्य पूर्व का कच्चे तेल व कंडेनसेट का निर्यात 2027 तक युद्ध-पूर्व स्तर से नीचे रह सकता है। इस परिदृश्य में मासिक औसत करीब 1 करोड़ से 1.6 करोड़ बैरल प्रतिदिन हो सकता है, जबकि जनवरी-फरवरी 2026 में यह करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन था।
EIA के अनुमान में बाजार के दो संभावित रास्ते हैं:
तेल खरीदारों, रिफाइनरियों और डीजल उपभोक्ताओं के लिए केवल ब्रेंट का भाव निर्णायक संकेत नहीं है। असल सवाल यह है कि क्या दोनों समुद्री संकरे मार्गों से टैंकरों की आवाजाही सुरक्षित और लगातार सामान्य हो पाती है। ऐसा होने पर आपूर्ति खुलेगी और भौतिक बाजार का प्रीमियम घटेगा; नई रुकावट बाजार को 2027 तक तंग बनाए रख सकती है।
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ईआईए के अनुसार 2026 में ब्रेंट क्रूड का औसत करीब 91 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी खुदरा डीजल का औसत 5.07 डॉलर प्रति गैलन रह सकता है। [3][8]
ईआईए के अनुसार 2026 में ब्रेंट क्रूड का औसत करीब 91 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी खुदरा डीजल का औसत 5.07 डॉलर प्रति गैलन रह सकता है। [3][8] हॉर्मुज़ और बाब अल मंदब मार्गों की बाधाओं ने निर्यात, उत्पादन और वैश्विक तेल भंडार पर दबाव बढ़ाया है; सामान्य स्थिति लौटने की रफ्तार ही 2027 के दामों की दिशा तय करेगी। [2][3][32]