ARROS 1 के मूल्यांकन योग्य, ROS1 TKI ना लेने वाले 94 मरीजों में जिडेट्रो का ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट 94% रहा; 15% मरीजों में पूर्ण प्रतिक्रिया दर्ज हुई। [7] 12 महीने पर 90% मरीजों में बीमारी बढ़ने के संकेत नहीं थे; मेडियन प्रोग्रेशन फ्री सर्वाइवल और प्रतिक्रिया की अवधि अभी निर्धारित नहीं हो सकी थी। [7] मापने योग्य ब...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did GSK report at the 2026 World Conference on Lung Cancer in Seoul about Jideytro (zidesamtinib), its ROS1 inhibitor, in the phase 1/2. Article summary: GSK reported that Jideytro (zidesamtinib) produced a 94% objective response rate in the evaluable, ROS1 TKI–naïve ARROS 1 cohort, with durable systemic and intracranial activity and comparatively few treatment related do. Topic tags: general web, regulation, growth, finance, health. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, ch
GSK ने सियोल में आयोजित 2026 वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन लंग कैंसर में बताया कि उसकी ROS1-इनहिबिटर दवा जिडेट्रो (जाइडेसैम्टिनिब) ने ARROS-1 फेज 1/2 ट्रायल में पहले ROS1 टायरोसीन किनेज इनहिबिटर (TKI) से इलाज न पा चुके उन्नत या मेटास्टेटिक ROS1-पॉजिटिव नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) के मरीजों में 94% ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट दिखाया। कंपनी ने प्रणालीगत ट्यूमर और मस्तिष्क के भीतर, दोनों जगह टिकाऊ गतिविधि तथा अपेक्षाकृत कम डोज़-बदलाव की बात कही। 7
उपचार से जुड़े सबसे आम दुष्प्रभावों में हाथ-पैरों में सूजन, वजन बढ़ना, क्रिएटिन फॉस्फोकाइनेज का बढ़ना, स्वाद में बदलाव और AST एंजाइम का बढ़ना शामिल थे। अधिकतर दुष्प्रभाव हल्के स्तर के बताए गए। उपचार-संबंधी दुष्प्रभावों के कारण 11% मरीजों में डोज़ कम करनी पड़ी, जबकि 1% ने इलाज बंद किया। 7
94% का रिस्पॉन्स रेट उल्लेखनीय है और ऐतिहासिक अध्ययनों में क्रिज़ोटिनिब तथा एंट्रेक्टिनिब जैसी प्रथम-पंक्ति दवाओं के लिए रिपोर्ट हुए लगभग 68–79% रेट से संख्यात्मक रूप से अधिक है। लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि जिडेट्रो इन दवाओं से बेहतर है। ARROS-1 एक अपेक्षाकृत छोटे समूह वाला, गैर-रैंडमाइज़्ड और सिंगल-आर्म अध्ययन था; इसमें दवाओं की आमने-सामने तुलना नहीं हुई। 2
ARROS-1 एक वैश्विक सिंगल-आर्म फेज 1/2 अध्ययन है। प्रथम-पंक्ति समूह में एक तक पूर्व कीमोथेरेपी और/या इम्यूनोथेरेपी की अनुमति थी। 27% मरीज पहले कीमोथेरेपी ले चुके थे, जिनमें 17% को इम्यूनोथेरेपी भी मिली थी; 17% मरीजों में शुरुआत में CNS मेटास्टेसिस थे। 94 मरीजों का यह प्रभावकारिता विश्लेषण उन 183 मरीजों में से चुना गया जिन्हें पहली बार ROS1-लक्षित उपचार मिला था और जिनमें मापने योग्य बीमारी व पर्याप्त फॉलो-अप उपलब्ध था। 7
GSK के अनुसार, NSCLC में ROS1 बदलाव करीब 2% मामलों में मिलते हैं और दुनिया भर में ऐसे लगभग 50,000 नए मामले सालाना सामने आते हैं। 7
अमेरिकी FDA ने 22 जुलाई 2026 को जिडेट्रो को उन वयस्कों के लिए मंजूरी दी थी जिनके स्थानीय रूप से उन्नत या मेटास्टेटिक ROS1-पॉजिटिव NSCLC का पहले कम-से-कम एक ROS1 TKI से इलाज हो चुका था। पहले उपचार पा चुके 117 मरीजों की प्रभावकारिता आबादी में पुष्टि किया गया ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट 44% था—एक पूर्व ROS1 TKI के बाद 49% और दो या अधिक के बाद 38%। FDA के अनुसार दवा को ऑर्फन-ड्रग डेज़िग्नेशन भी मिला है। 1
हालांकि, उपलब्ध FDA घोषणा में ब्रेकथ्रू-थेरेपी डेज़िग्नेशन की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलता। 1
GSK ने कहा है कि वह 2026 में प्रथम-पंक्ति उपयोग के लिए FDA को पूरक आवेदन सौंपने की योजना बना रही है। फिलहाल जिडेट्रो को कहीं भी प्रथम-पंक्ति इलाज के तौर पर मंजूरी नहीं मिली है। 7
घोषणा के दिन GSK के शेयरों में तेजी आई; एक बाजार रिपोर्ट के अनुसार इंट्राडे बढ़त करीब 3.4% रही। हालांकि यह प्रतिक्रिया GSK के दो सकारात्मक फेफड़ों-कैंसर डेटा अपडेट के बाद आई थी, इसलिए इसे केवल जिडेट्रो के ARROS-1 नतीजों से जोड़ना उचित नहीं होगा। 5
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ARROS 1 के मूल्यांकन योग्य, ROS1 TKI ना लेने वाले 94 मरीजों में जिडेट्रो का ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट 94% रहा; 15% मरीजों में पूर्ण प्रतिक्रिया दर्ज हुई। [7]
ARROS 1 के मूल्यांकन योग्य, ROS1 TKI ना लेने वाले 94 मरीजों में जिडेट्रो का ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट 94% रहा; 15% मरीजों में पूर्ण प्रतिक्रिया दर्ज हुई। [7] 12 महीने पर 90% मरीजों में बीमारी बढ़ने के संकेत नहीं थे; मेडियन प्रोग्रेशन फ्री सर्वाइवल और प्रतिक्रिया की अवधि अभी निर्धारित नहीं हो सकी थी। [7]
मापने योग्य ब्रेन मेटास्टेसिस वाले सभी 10 मरीजों में मस्तिष्क के भीतर प्रतिक्रिया हुई और 7 मरीजों में दिखने वाले ट्यूमर पूरी तरह साफ हो गए। [7]