फ्रांस की संवैधानिक परिषद ने अगस्त 2026 में मूल अंडर 15 सोशल मीडिया प्रतिबंध को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असंगत और अनुपातहीन रोक मानकर रद्द कर दिया था। नई योजना यूरोपीय आयोग को भेजी गई है। उपलब्ध जानकारी इशारा करती है कि यह सभी सोशल मीडिया सेवाओं पर एक जैसी रोक के बजाय प्रतिबंधित सेवाओं या नुकसानदेह फीचर्स की सूची...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is France’s revised proposal to ban social media access for children under 15, why was its original version struck down by the Constitu. Article summary: France has resubmitted a proposal to prevent under-15s from accessing social media, after its first blanket ban was annulled in August. The revision has been notified to the European Commission; its full operative text a. Topic tags: general, news, general web, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with
फ्रांस ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने की दूसरी कोशिश शुरू कर दी है। पहली कोशिश में संसद से पारित कानून को 14 अगस्त को संवैधानिक परिषद ने रद्द कर दिया था। परिषद ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के उद्देश्य को खारिज नहीं किया, लेकिन कहा कि चुना गया तरीका बहुत व्यापक था और अभिव्यक्ति व संचार की स्वतंत्रता पर अनुपातहीन रोक लगाता था। 2
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अब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार ने संशोधित मसौदा यूरोपीय आयोग को अधिसूचित किया है। यह अधिसूचना लागू होने से पहले यह परखने की प्रक्रिया है कि प्रस्ताव यूरोपीय संघ के कानून के अनुकूल है या नहीं। 4
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मूल कानून के तहत 1 सितंबर 2026 से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया अकाउंट नहीं बना सकते थे। पहले से बने अकाउंट चार महीने के भीतर बंद करने होते और प्लेटफॉर्मों को फ्रांस के डेटा-गोपनीयता नियामक से स्वीकृत उम्र-सत्यापन व्यवस्था अपनानी पड़ती। 2
यह एक व्यापक पहुंच-प्रतिबंध था। यानी अलग-अलग प्लेटफॉर्मों के जोखिम, उनके फीचर्स या किसी बच्चे की व्यक्तिगत परिस्थिति में पर्याप्त अंतर नहीं किया गया था। 16
संवैधानिक परिषद ने कानून के केंद्रीय प्रावधान को असंवैधानिक ठहराते हुए कहा कि यह रोक न तो उपयुक्त, न आवश्यक और न ही अनुपातिक थी। 3
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परिषद की चिंता केवल 15 वर्ष की उम्र-सीमा नहीं थी। रिपोर्टों के अनुसार, कानून बच्चों की अलग-अलग परिस्थितियों और प्लेटफॉर्मों से जुड़े भिन्न जोखिमों को पर्याप्त रूप से नहीं देखता था। उम्र जांच का गोपनीयता वाला पहलू भी अहम था: ऐसा प्रतिबंध व्यवहार में वयस्कों को भी सेवा तक पहुंचने से पहले अपनी उम्र साबित करने के लिए बाध्य कर सकता है। 11
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मतलब साफ है—बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, लेकिन उनका दायरा स्पष्ट, सीमित और जोखिम के अनुरूप होना चाहिए।
14 सितंबर को मैक्रों ने कहा कि “कड़े तकनीकी काम” के बाद सरकार ने नया मसौदा यूरोपीय आयोग को भेज दिया है। हालांकि उपलब्ध सामग्री में कानून का पूरा प्रभावी पाठ नहीं है। इसलिए अभी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि किन ऐप, सेवाओं, फीचर्स, अपवादों या उम्र-जांच के तरीकों को अंतिम कानून में रखा जाएगा। 4
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फिर भी, संकेत हैं कि नया मॉडल पहले के एकमुश्त प्रतिबंध से अधिक लक्षित हो सकता है:
यदि अंतिम मसौदा इसी दिशा में रहता है, तो बहस “बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह बंद हो या नहीं” से हटकर यह बन सकती है कि किस उम्र में कौन-से फीचर—जैसे अंतहीन स्क्रॉलिंग, सार्वजनिक संपर्क या दूसरे जोखिमपूर्ण डिजाइन—उपयुक्त हैं। लेकिन अदालत की आपत्तियां दूर हुई हैं या नहीं, यह अंतिम कानूनी भाषा और लागू करने के नियमों पर निर्भर करेगा।
मैक्रों दो स्तरों पर काम कर रहे हैं। पहला, संशोधित राष्ट्रीय प्रस्ताव को यूरोपीय आयोग के सामने रखकर उसकी ईयू-कानून संगतता की जांच कराना। दूसरा, आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेयर लेयेन को पत्र लिखकर पूरे 27-सदस्यीय यूरोपीय संघ में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पहुंच पर साझा प्रतिबंध का आग्रह करना। 1
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एक साझा ईयू ढांचा अलग-अलग देशों के 27 भिन्न नियमों से पैदा होने वाली कानूनी और व्यावहारिक मुश्किलें घटा सकता है। मगर उससे मूल सवाल खत्म नहीं होंगे: नियम मौलिक अधिकारों का सम्मान करें, लागू किए जा सकें और उम्र सत्यापन अनावश्यक रूप से दखल देने वाला न हो।
नीदरलैंड और स्पेन ने मिलकर पूरे यूरोपीय संघ के लिए सोशल मीडिया की कानूनी न्यूनतम उम्र का प्रस्ताव रखा है—बशर्ते सेवाएं बच्चों के लिए पर्याप्त रूप से सुरक्षित न हों। उनका जोर अनुपातिक, जोखिम-आधारित और लागू किए जा सकने वाले तंत्र पर है, जिसमें गोपनीयता-अनुकूल उम्र सत्यापन हो और राष्ट्रीय नियमों का बिखराव न हो।
दोनों देशों का विचार केवल पारंपरिक सोशल नेटवर्क तक सीमित नहीं है। उन्होंने वीडियो गेम, एआई चैटबॉट और अन्य डिजिटल सेवाओं को भी दायरे में रखने की बात कही है, यदि उनमें नुकसानदेह सामग्री या लत लगाने वाले डिजाइन का जोखिम हो। 20
यूरोपीय आयोग की सामग्री में फ्रांस के लिए 15 वर्ष, ग्रीस द्वारा ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग सेवाओं के लिए 15 वर्ष पर विचार और डेनमार्क द्वारा 16 वर्ष से कम उम्र वालों के लिए सीमा पर विचार का उल्लेख है। ये अलग-अलग देशों के प्रस्ताव या नीति-दिशाएं हैं; यूरोप में फिलहाल कोई एक तय नियम लागू नहीं है। 17
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यूरोपीय नीति-बहस में पूर्ण प्रतिबंध ही एकमात्र विकल्प नहीं है। आयोग समर्थित विशेषज्ञ दृष्टिकोण के अनुसार, 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल सेवाओं तक पहुंच सीमित होनी चाहिए, जब तक प्रदाता यह न दिखा दे कि उसकी सेवा बच्चों के लिए शुरू से सुरक्षित डिजाइन की गई है। सदस्य देश 13 वर्ष से अधिक किशोरों के लिए भी अतिरिक्त एहतियाती सीमाएं लगा सकते हैं। 17
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प्रस्तावित ईयू किड्स एक्ट पर रिपोर्टिंग भी 15 वर्ष से पहले सोशल मीडिया और वीडियो-शेयरिंग सेवाओं के लिए चरणबद्ध पहुंच-व्यवस्था, सुरक्षित अकाउंट और बच्चों को ध्यान में रखकर बनाए गए उत्पादों की ओर इशारा करती है। 22
इस मॉडल में जिम्मेदारी केवल माता-पिता या बच्चों पर नहीं रहती; प्लेटफॉर्मों के डिजाइन और सुरक्षा उपाय भी केंद्र में आते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में 10 दिसंबर 2025 से नियम लागू हैं जिनके तहत उम्र-प्रतिबंधित प्लेटफॉर्मों को 16 वर्ष से कम उम्र के ऑस्ट्रेलियाई बच्चों को नया अकाउंट बनाने या मौजूदा अकाउंट बनाए रखने से रोकने के लिए उचित कदम उठाने होते हैं। इसमें TikTok, YouTube, Instagram और Facebook जैसे बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
ब्रिटेन ने भी 16 वर्ष से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध का प्रस्ताव संसद में क्रिसमस से पहले लाने की योजना बताई है; सुरक्षा उपायों के वसंत 2027 में लागू होने की उम्मीद है। प्रस्तावित दायरे में यूज़र-टू-यूज़र सोशल प्लेटफॉर्म होंगे, जबकि WhatsApp और Signal जैसी मैसेजिंग सेवाओं को शामिल करने का इरादा नहीं है। ब्रिटेन लाइवस्ट्रीमिंग और गेमिंग ऐप्स में अजनबियों से संपर्क पर भी पाबंदियों पर विचार कर रहा है।
जापान के किसी विशिष्ट प्रस्ताव के बारे में उपलब्ध स्रोतों में पर्याप्त भरोसेमंद विवरण नहीं है। यही अंतरराष्ट्रीय तस्वीर का महत्वपूर्ण पहलू भी है: कई देश बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए कड़े कदमों की ओर बढ़ रहे हैं, पर कानूनी मॉडल अलग-अलग हैं—कहीं अकाउंट पर रोक, कहीं न्यूनतम उम्र, कहीं फीचर-आधारित सीमा और कहीं सुरक्षित-डिजाइन की बाध्यता।
फ्रांस का पहला कानून बताता है कि किसी लोकप्रिय बाल-सुरक्षा लक्ष्य के बावजूद कानून रद्द हो सकता है यदि उसकी सीमा जरूरत से ज्यादा चौड़ी हो। नए मसौदे की सफलता इस पर टिकी होगी कि उसमें किन सेवाओं और फीचर्स को शामिल किया जाता है, जोखिम कैसे तय होंगे, माता-पिता की भूमिका क्या होगी, उम्र कैसे सत्यापित होगी और गोपनीयता के लिए कौन-से सुरक्षा उपाय होंगे।
फ्रांस अब इस जटिल संतुलन को केवल राष्ट्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि यूरोपीय मानक बनाने की कोशिश कर रहा है। नतीजा यह तय करने में असर डाल सकता है कि यूरोप की बाल-ऑनलाइन-सुरक्षा नीति व्यापक प्रतिबंधों, चरणबद्ध पहुंच या उम्र-सीमा और सुरक्षित उत्पाद-डिजाइन के मिश्रण पर टिकेगी। 1
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फ्रांस की संवैधानिक परिषद ने अगस्त 2026 में मूल अंडर 15 सोशल मीडिया प्रतिबंध को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असंगत और अनुपातहीन रोक मानकर रद्द कर दिया था।
फ्रांस की संवैधानिक परिषद ने अगस्त 2026 में मूल अंडर 15 सोशल मीडिया प्रतिबंध को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असंगत और अनुपातहीन रोक मानकर रद्द कर दिया था। नई योजना यूरोपीय आयोग को भेजी गई है। उपलब्ध जानकारी इशारा करती है कि यह सभी सोशल मीडिया सेवाओं पर एक जैसी रोक के बजाय प्रतिबंधित सेवाओं या नुकसानदेह फीचर्स की सूची पर आधारित हो सकती है।
मैक्रों पूरे यूरोपीय संघ के लिए समान नियम चाहते हैं, जबकि नीदरलैंड और स्पेन गोपनीयता अनुकूल उम्र सत्यापन, जोखिम आधारित नियम और वीडियो गेम व एआई चैटबॉट तक दायरा बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं।