दिमित्री पेसकोव ने कहा कि वैश्विक तेल बाजार में उथल पुथल का मुख्य कारण खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता है, न कि केवल रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमले। रूस ने घरेलू डीजल उपलब्धता बचाने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर पाबंदियां लगाईं, जबकि सऊदी अरब की ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन का अस्थायी बंद होना होर्मुज़ के विकल्प को क...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Kremlin spokesman Dmitry Peskov say about the rapidly deteriorating global oil market and the cascading effects of the Gulf crisis;. Article summary: Peskov said the Gulf conflict—not Ukrainian attacks on Russian refineries—was the principal cause of the global energy-market upheaval: large volumes of oil were being removed from international circulation, rapidly wors. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
तेल बाजार में आया झटका दो आपस में जुड़े, लेकिन अलग कारणों से बना है—रूस की अपनी रिफाइनिंग क्षमता में बाधा और खाड़ी क्षेत्र में उत्पादन व समुद्री परिवहन को प्रभावित करता व्यापक सुरक्षा संकट। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि खाड़ी की अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय बाजार से भारी मात्रा में तेल हटा रही है और बाजार की स्थिति तेजी से बिगाड़ रही है। साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यूक्रेन से रूसी डीजल ढांचे पर हमले रोकने की अपील का स्वागत किया। 1
पेसकोव का मुख्य तर्क यह था कि व्यापक ऊर्जा-बाजार संकट की प्राथमिक वजह खाड़ी संघर्ष है। उनके अनुसार, बड़ी मात्रा में तेल बाजार से बाहर हो रहा है, जिसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। 1
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यह अंतर समझना महत्वपूर्ण है। यूक्रेनी हमलों से रूसी तेल ढांचे और रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा है, ईंधन उत्पादन घटा है और रूस के भीतर कमी बढ़ी है। लेकिन वैश्विक स्तर पर बाजार के अव्यवस्थित होने का प्रमुख कारण पेसकोव ने खाड़ी की अस्थिरता को बताया। 1
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मॉस्को का उद्देश्य रिफाइनरियों पर हमलों के बाद घरेलू डीजल आपूर्ति को सुरक्षित रखना था। रिपोर्टों के अनुसार, रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होने से रूस में ईंधन की कमी बढ़ी और कुछ इलाकों में राशनिंग की स्थिति बनी। इन निर्यात प्रतिबंधों से अंतरराष्ट्रीय डीजल बाजार पर भी दबाव बढ़ा। 2
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ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से रूसी डीजल संयंत्रों को निशाना न बनाने की अपील की। उनका कहना था कि इन हमलों से डीजल की ऐसी कमी पैदा हो रही है जिसका असर दुनिया भर पर पड़ रहा है। पेसकोव ने इसे उस ढांचे पर हमले रोकने की अपील बताया जिसे क्रेमलिन नागरिक आर्थिक अवसंरचना कहता है। 1
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हालांकि, क्रेमलिन ने यूक्रेन की आर्थिक अवसंरचना पर हमले रोकने का कोई पारस्परिक आश्वासन नहीं दिया। 15
रियाद और मदीना क्षेत्रों में कई ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट कच्चा तेल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन इराक से आए थे, हालांकि हमलों की जिम्मेदारी किसकी थी यह स्पष्ट नहीं था।
करीब 1,200 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन सऊदी अरब के पूर्वी तेल-उत्पादक क्षेत्र से कच्चा तेल लाल सागर के यानबू बंदरगाह तक पहुंचाती है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बाधा के समय इसका महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि यह टैंकरों को होर्मुज़ से गुजरे बिना निर्यात बाजारों तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग देती है।
सऊदी अरब ने इसे एहतियाती बंद बताया। उपलब्ध रिपोर्टिंग अस्थायी बंदी की पुष्टि करती है, लेकिन यह कितने समय चलेगी और वास्तविक भौतिक आपूर्ति पर इसका अंतिम असर कितना होगा, यह अनिश्चित रहा। मरम्मत अवधि के अनुमान अलग-अलग थे—एक रिपोर्ट में सूत्रों ने पांच से छह सप्ताह तक लगने की बात कही, जबकि अन्य को अपेक्षाकृत जल्दी बहाली की उम्मीद थी।
पेसकोव ने कहा कि केवल इस पाइपलाइन में आई बाधा से वैश्विक आपूर्ति का 4% से अधिक हिस्सा बाजार से हट गया है। यह क्रेमलिन प्रवक्ता का आकलन है; अधिक ठोस रूप से स्थापित तथ्य यही हैं कि मार्ग अस्थायी रूप से बंद हुआ और वह होर्मुज़ का एक अहम विकल्प है। 5
दबाव केवल एक पाइपलाइन तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, अगस्त में खाड़ी देशों से तेल निर्यात करीब 1.3 करोड़ बैरल प्रतिदिन था, जो युद्ध-पूर्व स्तर का लगभग आधा है। होर्मुज़ से बचने वाले मार्गों के अधिक इस्तेमाल और अमेरिकी सैन्य एस्कॉर्ट से कच्चे तेल के निर्यात नुकसान को कुछ हद तक सीमित किया गया, लेकिन रिफाइंड उत्पादों और एलपीजी का निर्यात बहुत कम रहा तथा होर्मुज़ से प्रवाह अब भी गंभीर रूप से बाधित था।
उधर, बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में हमलों और असुरक्षा ने लाल सागर के जहाजरानी मार्ग के जोखिम बढ़ाए हैं। IEA ने आपूर्ति घाटे को होर्मुज़ बंद होने, बाब अल-मंदब में हमलों, ईरानी निर्यात घटने और अन्य आपूर्ति व्यवधानों से जोड़ा। 18
इसका अर्थ है कि बाजार के पास संकट से निपटने की गुंजाइश कम हो रही है:
असर सिर्फ इतना नहीं है कि बिक्री के लिए बैरल कम हैं। भरोसेमंद रास्ते भी कम हो जाते हैं, बीमा और मालभाड़ा महंगा पड़ता है, और किसी दूसरे मार्ग के बाधित होने पर उत्पादकों व खरीदारों के पास विकल्प कम बचते हैं।
जहाजों पर बढ़ते हमलों ने लंबी आपूर्ति बाधा की आशंका बढ़ाई, जिससे तेल कीमतों में तेज उछाल आया। 9 सितंबर को ब्रेंट $101.21 प्रति बैरल पर बंद हुआ। इसके अगले दिन, 10 सितंबर को यह 6.34% चढ़कर $107.63 प्रति बैरल पर बंद हुआ और कारोबार के दौरान $108 से ऊपर चला गया।
जहाजरानी लागत भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। रॉयटर्स द्वारा उद्धृत बाल्टिक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी-ए-ओमान से चीन तक तेल ले जाने वाले VLCC सुपरटैंकरों की दर करीब वर्ल्डस्केल 450 रही, जो लगभग $11.50 प्रति बैरल के बराबर है। यह दर 2026 में शुरू होने के बाद का रिकॉर्ड स्तर बताया गया।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के साथ बढ़ा मालभाड़ा आयातकों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, खासकर तब जब वैकल्पिक समुद्री मार्ग लंबे हों या टैंकरों को ज्यादा सुरक्षा जोखिम का हिसाब लगाना पड़े।
IEA ने अनुमान लगाया कि 2026 में वैश्विक तेल आपूर्ति 57 लाख बैरल प्रतिदिन घटेगी—जो उसके पहले के अनुमान से अधिक गिरावट है। एजेंसी ने कहा कि खाड़ी की सामान्य आपूर्ति 2027 से पहले पूरी तरह बहाल होने की संभावना नहीं है। 17
यह आकलन किसी अल्पकालिक कीमत उछाल और लंबे समय तक चलने वाली आपूर्ति समस्या के अंतर को रेखांकित करता है। टिकाऊ सुधार के लिए खाड़ी और लाल सागर मार्गों में अधिक सुरक्षित व विश्वसनीय प्रवाह के साथ-साथ बाधित उत्पादन और निर्यात ढांचे की बहाली जरूरी होगी।
फिलहाल पेसकोव की टिप्पणियां तस्वीर का एक हिस्सा बताती हैं: वैश्विक तेल बाजार के झटके में खाड़ी संकट केंद्रीय भूमिका में है, जबकि रूस के निर्यात प्रतिबंध उसकी अपनी रिफाइनिंग व्यवस्था को हुए नुकसान के बाद घरेलू आपूर्ति बचाने की प्रतिक्रिया हैं। दोनों घटनाएं डीजल उपलब्धता को तंग करती हैं, लेकिन इनके रास्ते अलग हैं। 1
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दिमित्री पेसकोव ने कहा कि वैश्विक तेल बाजार में उथल पुथल का मुख्य कारण खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता है, न कि केवल रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमले।
दिमित्री पेसकोव ने कहा कि वैश्विक तेल बाजार में उथल पुथल का मुख्य कारण खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता है, न कि केवल रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमले। रूस ने घरेलू डीजल उपलब्धता बचाने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर पाबंदियां लगाईं, जबकि सऊदी अरब की ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन का अस्थायी बंद होना होर्मुज़ के विकल्प को कमजोर करता है।
10 सितंबर को ब्रेंट $107.63 प्रति बैरल पर बंद हुआ और खाड़ी ए ओमान से चीन के लिए VLCC मालभाड़ा रिकॉर्ड वर्ल्डस्केल 450, यानी करीब $11.50 प्रति बैरल, तक पहुंच गया।