चेन यीशिन ने कहा कि डीपफेक, AI निर्मित सामग्री, स्वचालित ऑनलाइन खाते, जासूसी और साइबर हमले चीन की राजनीतिक, संस्थागत तथा वैचारिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।[4][36] उन्होंने AI से जुड़े छह जोखिम गिनाए: राजनीतिक प्रभाव अभियान, साइबर आक्रमण, डेटा व गोपनीय जानकारी की चोरी, तकनीकी निर्भरता, सामाजिक शासन में व्यवधान...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Terra से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did China’s State Security Minister Chen Yixin warn in his essay published in the official China Cyberspace magazine about how rapidly. Article summary: Chen framed AI primarily as a national-security and regime-security problem: a tool that hostile actors could use to destabilize China, steal sensitive data, compromise infrastructure, and lock China out of critical tech. Topic tags: general. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnai
चीन के राज्य सुरक्षा मंत्री चेन यीशिन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को केवल तकनीकी जोखिम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न बताया है। आधिकारिक पत्रिका China Cyberspace में प्रकाशित उनके लेख के अनुसार, तेज़ी से विकसित होती और दुर्भावनापूर्ण ढंग से इस्तेमाल की जाने वाली AI राजनीतिक स्थिरता को कमजोर कर सकती है, संवेदनशील डेटा उजागर कर सकती है, अहम अवसंरचना को जोखिम में डाल सकती है और विदेश-निर्भर तकनीक की चिंता बढ़ा सकती है।4
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब Anthropic के मुख्य कार्यकारी डारियो अमोदेई ने कहा कि अग्रणी AI मॉडलों की क्षमताएँ इतनी गति से न बढ़ें कि उनके अनुरूप सुरक्षा परीक्षण, एलाइनमेंट और बाहरी निगरानी पीछे छूट जाए। दोनों पक्ष अधिक सुरक्षा उपाय चाहते हैं, लेकिन उनके लिए AI सुरक्षा का अर्थ अलग-अलग चीज़ों की रक्षा करना है।1
चेन ने AI से जुड़े छह व्यापक जोखिम बताए। सबसे पहले उन्होंने राजनीतिक-सुरक्षा माहौल पर असर की बात की। उनके अनुसार, विरोधी तत्व डीपफेक वीडियो या ऑडियो, AI से बने लेख और तस्वीरें तथा स्वचालित ऑनलाइन खातों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक अफवाहें फैला सकते हैं, हानिकारक सामग्री प्रसारित कर सकते हैं और सामाजिक विभाजन को बढ़ा सकते हैं। चेन ने इन्हें “जनमत युद्ध” और संज्ञानात्मक युद्ध के उपकरणों के रूप में पेश किया, जो चीन की राजनीतिक, संस्थागत और वैचारिक सुरक्षा को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।4
उनकी बाकी चिंताएँ भी व्यापक थीं:
यह AI जोखिम का राज्य-केंद्रित दृष्टिकोण है। इसमें सूचना-प्रभाव, डेटा पर नियंत्रण, अवसंरचना की मजबूती और घरेलू तकनीक विकसित व तैनात करने की क्षमता—सभी को राष्ट्रीय सुरक्षा के आपस में जुड़े हिस्से माना गया है।
चेन के लेख में जोखिम को सिर्फ गैर-जिम्मेदार उपयोगकर्ताओं या असुरक्षित सॉफ्टवेयर की समस्या नहीं बताया गया। इसे रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता से भी जोड़ा गया है।
उन्होंने तर्क दिया कि तकनीकी रूप से उन्नत देश राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर तकनीकी प्रतिबंध लगा सकते हैं, मानक तय या उन पर एकाधिकार कर सकते हैं और बंद पारितंत्र बना सकते हैं। इससे वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएँ कमजोर हो सकती हैं तथा दूसरे देशों के तकनीकी विकल्प सीमित हो सकते हैं। अलग से, चीन अपने सबसे उन्नत AI मॉडलों तक विदेशी पहुंच सीमित करने पर विचार कर चुका है। यह दिखाता है कि बीजिंग और वॉशिंगटन, दोनों ही फ्रंटियर AI को नियंत्रण योग्य रणनीतिक संपत्ति के रूप में देखने लगे हैं।
इसी वजह से विदेश में विकसित मॉडल, बाहरी ऑडिट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय सुरक्षा नियम राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन जाते हैं। जिसे एक पक्ष निष्पक्ष जोखिम-कमी का उपाय कहे, दूसरे पक्ष को वही तकनीकी रोकथाम या असमान पहुंच का माध्यम लग सकता है।
अमोदेई के लेख We Must Pace the Frontier का तर्क अलग है। उन्होंने तकनीकी प्रगति रोकने की वकालत नहीं की। उनका कहना है कि कंपनियों को मॉडल एलाइनमेंट और सुरक्षा के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए तथा स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं को यह परखने देना चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्थाएँ वास्तव में काम कर रही हैं।
उनके प्रस्ताव के तीन हिस्से हैं:
अमोदेई का फोकस AI की बढ़ती क्षमता पर है। चिंता यह है कि सिस्टम इतने शक्तिशाली हो सकते हैं कि गंभीर दुरुपयोग को सक्षम करने या मौजूदा नियंत्रणों से बाहर जाने से पहले उन्हें एलाइन, सुरक्षित और नियंत्रित करना कठिन हो जाए। Reuters के अनुसार, उनके प्रस्ताव का उद्देश्य विकास की गति को इस तरह संभालना है कि जोखिम प्रबंधन के लिए समय मिल सके।1
OpenAI के मुख्य कार्यकारी सैम ऑल्टमैन ने कहा कि उनकी कंपनी कर्मचारियों जैसी पहुंच वाले स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं के प्रस्ताव को अपनाएगी, जबकि एलन मस्क ने फ्रंटियर AI की रफ्तार नियंत्रित करने की अपील का सार्वजनिक समर्थन किया।17
20
दोनों दृष्टिकोणों में कुछ साझा बिंदु हैं। दोनों साइबर अभियानों, जासूसी, सिंथेटिक मीडिया, महत्वपूर्ण अवसंरचना और सैन्य उपयोग से जुड़े खतरों को स्वीकार करते हैं। दोनों ही अधिक मजबूत शासन-व्यवस्था के पक्ष में हैं।
लेकिन उनकी प्राथमिकताएँ अलग हैं:
| बीजिंग का सुरक्षा दृष्टिकोण | फ्रंटियर AI लैब का सुरक्षा दृष्टिकोण |
|---|---|
| राजनीतिक स्थिरता, वैचारिक सुरक्षा, डेटा संप्रभुता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की रक्षा | अपर्याप्त नियंत्रण वाले या असुरक्षित फ्रंटियर AI की क्षमताओं से बचाव |
| विदेशी प्रभाव, खुफिया जानकारी जुटाने, अवसंरचना में सेंध और रणनीतिक दबाव पर जोर | एलाइनमेंट, मूल्यांकन, सुरक्षा प्रक्रियाओं और अत्यंत सक्षम मॉडलों के खतरनाक दुरुपयोग पर जोर |
| मानकों, आपूर्ति शृंखलाओं और पारितंत्र के नियंत्रण को भू-राजनीतिक मुद्दा मानता है | साझा सुरक्षा प्रक्रियाओं और स्वतंत्र आकलन को प्रणालीगत जोखिम घटाने का उपाय मानता है |
यह केवल शब्दावली का अंतर नहीं है। इससे यह तय होता है कि कौन-सा शासन मॉडल किसे स्वीकार्य लगेगा। बीजिंग डेटा, मॉडल और मानकों पर संप्रभु नियंत्रण को प्राथमिकता दे सकता है; Anthropic जैसी कंपनियाँ बाहरी समीक्षा और सीमापार सुरक्षा प्रतिबद्धताओं पर जोर देती हैं। सिद्धांततः ये तरीके एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं, लेकिन जब बाहरी निगरानी को राष्ट्रीय-सुरक्षा नियंत्रण के विपरीत माना जाए, तो टकराव भी हो सकता है।
अमेरिका और चीन मध्य सितंबर में एक ऐसे संवाद की तैयारी कर रहे थे, जिसे डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में AI सुरक्षा को पूरी तरह समर्पित पहला आधिकारिक द्विपक्षीय संवाद बताया गया।2 चेन का लेख संकेत देता है कि बीजिंग का एजेंडा केवल मॉडल एलाइनमेंट या AI के नियंत्रण से बाहर होने जैसी सैद्धांतिक आशंकाओं तक सीमित नहीं रहेगा।
चीन संभवतः AI सुरक्षा को विदेशी हस्तक्षेप, डेटा सुरक्षा, अवसंरचना संरक्षण, तकनीकी पहुंच और मानक-निर्धारण में बराबर भागीदारी से जोड़ेगा। इसके उलट अमेरिका और उसकी फ्रंटियर AI कंपनियाँ मूल्यांकन, साइबर सुरक्षा उपाय, घटना-रिपोर्टिंग और खतरनाक क्षमताओं पर नियंत्रण को अधिक महत्व दे सकती हैं।
फिर भी सीमित और व्यावहारिक सहयोग की गुंजाइश है। सिंथेटिक मीडिया से होने वाली ठगी, AI-सहायित साइबर हमले, गंभीर घटनाओं की रिपोर्टिंग और सैन्य जोखिमों पर संवाद—ऐसे ठोस मुद्दे हैं जहाँ दोनों देश साझा आधार पा सकते हैं। लेकिन सार्वभौमिक ऑडिट, साझा क्षमता-सीमा या वैश्विक नियम कौन तय करेगा जैसे प्रश्नों पर सहमति मुश्किल होगी। एक ही नीति को कोई पक्ष सुरक्षा उपाय और दूसरा भू-राजनीतिक बढ़त का औजार मान सकता है।
इसलिए चेन की चेतावनी केवल AI खतरों का चीन का आकलन नहीं है। यह याद दिलाती है कि वैश्विक AI शासन का भविष्य सुरक्षा, संप्रभुता और तकनीकी शक्ति के इन प्रतिस्पर्धी विचारों को सुलझाने—या कम-से-कम संभालने—पर निर्भर करेगा।2
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
चेन यीशिन ने कहा कि डीपफेक, AI निर्मित सामग्री, स्वचालित ऑनलाइन खाते, जासूसी और साइबर हमले चीन की राजनीतिक, संस्थागत तथा वैचारिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।[4][36]
चेन यीशिन ने कहा कि डीपफेक, AI निर्मित सामग्री, स्वचालित ऑनलाइन खाते, जासूसी और साइबर हमले चीन की राजनीतिक, संस्थागत तथा वैचारिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।[4][36] उन्होंने AI से जुड़े छह जोखिम गिनाए: राजनीतिक प्रभाव अभियान, साइबर आक्रमण, डेटा व गोपनीय जानकारी की चोरी, तकनीकी निर्भरता, सामाजिक शासन में व्यवधान और युद्ध के बदलते स्वरूप।[36]
अमेरिका और चीन के मध्य सितंबर में प्रस्तावित AI सुरक्षा संवाद के लिए यह मतभेद अहम है, क्योंकि दोनों देश सुरक्षा की प्राथमिकताएँ अलग ढंग से तय करते हैं।[2]
चेन यीशिन ने कहा कि डीपफेक, AI निर्मित सामग्री, स्वचालित ऑनलाइन खाते, जासूसी और साइबर हमले चीन की राजनीतिक, संस्थागत तथा वैचारिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।[4][36] उन्होंने AI से जुड़े छह जोखिम गिनाए: राजनीतिक प्रभाव अभियान, साइबर आक्रमण, डेटा व गोपनीय जानकारी की चोरी, तकनीकी निर्भरता, सामाजिक शासन में व्यवधान...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Terra से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did China’s State Security Minister Chen Yixin warn in his essay published in the official China Cyberspace magazine about how rapidly. Article summary: Chen framed AI primarily as a national-security and regime-security problem: a tool that hostile actors could use to destabilize China, steal sensitive data, compromise infrastructure, and lock China out of critical tech. Topic tags: general. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnai
चीन के राज्य सुरक्षा मंत्री चेन यीशिन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को केवल तकनीकी जोखिम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न बताया है। आधिकारिक पत्रिका China Cyberspace में प्रकाशित उनके लेख के अनुसार, तेज़ी से विकसित होती और दुर्भावनापूर्ण ढंग से इस्तेमाल की जाने वाली AI राजनीतिक स्थिरता को कमजोर कर सकती है, संवेदनशील डेटा उजागर कर सकती है, अहम अवसंरचना को जोखिम में डाल सकती है और विदेश-निर्भर तकनीक की चिंता बढ़ा सकती है।4
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब Anthropic के मुख्य कार्यकारी डारियो अमोदेई ने कहा कि अग्रणी AI मॉडलों की क्षमताएँ इतनी गति से न बढ़ें कि उनके अनुरूप सुरक्षा परीक्षण, एलाइनमेंट और बाहरी निगरानी पीछे छूट जाए। दोनों पक्ष अधिक सुरक्षा उपाय चाहते हैं, लेकिन उनके लिए AI सुरक्षा का अर्थ अलग-अलग चीज़ों की रक्षा करना है।1
चेन ने AI से जुड़े छह व्यापक जोखिम बताए। सबसे पहले उन्होंने राजनीतिक-सुरक्षा माहौल पर असर की बात की। उनके अनुसार, विरोधी तत्व डीपफेक वीडियो या ऑडियो, AI से बने लेख और तस्वीरें तथा स्वचालित ऑनलाइन खातों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक अफवाहें फैला सकते हैं, हानिकारक सामग्री प्रसारित कर सकते हैं और सामाजिक विभाजन को बढ़ा सकते हैं। चेन ने इन्हें “जनमत युद्ध” और संज्ञानात्मक युद्ध के उपकरणों के रूप में पेश किया, जो चीन की राजनीतिक, संस्थागत और वैचारिक सुरक्षा को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।4
उनकी बाकी चिंताएँ भी व्यापक थीं:
यह AI जोखिम का राज्य-केंद्रित दृष्टिकोण है। इसमें सूचना-प्रभाव, डेटा पर नियंत्रण, अवसंरचना की मजबूती और घरेलू तकनीक विकसित व तैनात करने की क्षमता—सभी को राष्ट्रीय सुरक्षा के आपस में जुड़े हिस्से माना गया है।
चेन के लेख में जोखिम को सिर्फ गैर-जिम्मेदार उपयोगकर्ताओं या असुरक्षित सॉफ्टवेयर की समस्या नहीं बताया गया। इसे रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता से भी जोड़ा गया है।
उन्होंने तर्क दिया कि तकनीकी रूप से उन्नत देश राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर तकनीकी प्रतिबंध लगा सकते हैं, मानक तय या उन पर एकाधिकार कर सकते हैं और बंद पारितंत्र बना सकते हैं। इससे वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएँ कमजोर हो सकती हैं तथा दूसरे देशों के तकनीकी विकल्प सीमित हो सकते हैं। अलग से, चीन अपने सबसे उन्नत AI मॉडलों तक विदेशी पहुंच सीमित करने पर विचार कर चुका है। यह दिखाता है कि बीजिंग और वॉशिंगटन, दोनों ही फ्रंटियर AI को नियंत्रण योग्य रणनीतिक संपत्ति के रूप में देखने लगे हैं।
इसी वजह से विदेश में विकसित मॉडल, बाहरी ऑडिट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय सुरक्षा नियम राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन जाते हैं। जिसे एक पक्ष निष्पक्ष जोखिम-कमी का उपाय कहे, दूसरे पक्ष को वही तकनीकी रोकथाम या असमान पहुंच का माध्यम लग सकता है।
अमोदेई के लेख We Must Pace the Frontier का तर्क अलग है। उन्होंने तकनीकी प्रगति रोकने की वकालत नहीं की। उनका कहना है कि कंपनियों को मॉडल एलाइनमेंट और सुरक्षा के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए तथा स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं को यह परखने देना चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्थाएँ वास्तव में काम कर रही हैं।
उनके प्रस्ताव के तीन हिस्से हैं:
अमोदेई का फोकस AI की बढ़ती क्षमता पर है। चिंता यह है कि सिस्टम इतने शक्तिशाली हो सकते हैं कि गंभीर दुरुपयोग को सक्षम करने या मौजूदा नियंत्रणों से बाहर जाने से पहले उन्हें एलाइन, सुरक्षित और नियंत्रित करना कठिन हो जाए। Reuters के अनुसार, उनके प्रस्ताव का उद्देश्य विकास की गति को इस तरह संभालना है कि जोखिम प्रबंधन के लिए समय मिल सके।1
OpenAI के मुख्य कार्यकारी सैम ऑल्टमैन ने कहा कि उनकी कंपनी कर्मचारियों जैसी पहुंच वाले स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं के प्रस्ताव को अपनाएगी, जबकि एलन मस्क ने फ्रंटियर AI की रफ्तार नियंत्रित करने की अपील का सार्वजनिक समर्थन किया।17
20
दोनों दृष्टिकोणों में कुछ साझा बिंदु हैं। दोनों साइबर अभियानों, जासूसी, सिंथेटिक मीडिया, महत्वपूर्ण अवसंरचना और सैन्य उपयोग से जुड़े खतरों को स्वीकार करते हैं। दोनों ही अधिक मजबूत शासन-व्यवस्था के पक्ष में हैं।
लेकिन उनकी प्राथमिकताएँ अलग हैं:
| बीजिंग का सुरक्षा दृष्टिकोण | फ्रंटियर AI लैब का सुरक्षा दृष्टिकोण |
|---|---|
| राजनीतिक स्थिरता, वैचारिक सुरक्षा, डेटा संप्रभुता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की रक्षा | अपर्याप्त नियंत्रण वाले या असुरक्षित फ्रंटियर AI की क्षमताओं से बचाव |
| विदेशी प्रभाव, खुफिया जानकारी जुटाने, अवसंरचना में सेंध और रणनीतिक दबाव पर जोर | एलाइनमेंट, मूल्यांकन, सुरक्षा प्रक्रियाओं और अत्यंत सक्षम मॉडलों के खतरनाक दुरुपयोग पर जोर |
| मानकों, आपूर्ति शृंखलाओं और पारितंत्र के नियंत्रण को भू-राजनीतिक मुद्दा मानता है | साझा सुरक्षा प्रक्रियाओं और स्वतंत्र आकलन को प्रणालीगत जोखिम घटाने का उपाय मानता है |
यह केवल शब्दावली का अंतर नहीं है। इससे यह तय होता है कि कौन-सा शासन मॉडल किसे स्वीकार्य लगेगा। बीजिंग डेटा, मॉडल और मानकों पर संप्रभु नियंत्रण को प्राथमिकता दे सकता है; Anthropic जैसी कंपनियाँ बाहरी समीक्षा और सीमापार सुरक्षा प्रतिबद्धताओं पर जोर देती हैं। सिद्धांततः ये तरीके एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं, लेकिन जब बाहरी निगरानी को राष्ट्रीय-सुरक्षा नियंत्रण के विपरीत माना जाए, तो टकराव भी हो सकता है।
अमेरिका और चीन मध्य सितंबर में एक ऐसे संवाद की तैयारी कर रहे थे, जिसे डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में AI सुरक्षा को पूरी तरह समर्पित पहला आधिकारिक द्विपक्षीय संवाद बताया गया।2 चेन का लेख संकेत देता है कि बीजिंग का एजेंडा केवल मॉडल एलाइनमेंट या AI के नियंत्रण से बाहर होने जैसी सैद्धांतिक आशंकाओं तक सीमित नहीं रहेगा।
चीन संभवतः AI सुरक्षा को विदेशी हस्तक्षेप, डेटा सुरक्षा, अवसंरचना संरक्षण, तकनीकी पहुंच और मानक-निर्धारण में बराबर भागीदारी से जोड़ेगा। इसके उलट अमेरिका और उसकी फ्रंटियर AI कंपनियाँ मूल्यांकन, साइबर सुरक्षा उपाय, घटना-रिपोर्टिंग और खतरनाक क्षमताओं पर नियंत्रण को अधिक महत्व दे सकती हैं।
फिर भी सीमित और व्यावहारिक सहयोग की गुंजाइश है। सिंथेटिक मीडिया से होने वाली ठगी, AI-सहायित साइबर हमले, गंभीर घटनाओं की रिपोर्टिंग और सैन्य जोखिमों पर संवाद—ऐसे ठोस मुद्दे हैं जहाँ दोनों देश साझा आधार पा सकते हैं। लेकिन सार्वभौमिक ऑडिट, साझा क्षमता-सीमा या वैश्विक नियम कौन तय करेगा जैसे प्रश्नों पर सहमति मुश्किल होगी। एक ही नीति को कोई पक्ष सुरक्षा उपाय और दूसरा भू-राजनीतिक बढ़त का औजार मान सकता है।
इसलिए चेन की चेतावनी केवल AI खतरों का चीन का आकलन नहीं है। यह याद दिलाती है कि वैश्विक AI शासन का भविष्य सुरक्षा, संप्रभुता और तकनीकी शक्ति के इन प्रतिस्पर्धी विचारों को सुलझाने—या कम-से-कम संभालने—पर निर्भर करेगा।2
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
चेन यीशिन ने कहा कि डीपफेक, AI निर्मित सामग्री, स्वचालित ऑनलाइन खाते, जासूसी और साइबर हमले चीन की राजनीतिक, संस्थागत तथा वैचारिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।[4][36]
चेन यीशिन ने कहा कि डीपफेक, AI निर्मित सामग्री, स्वचालित ऑनलाइन खाते, जासूसी और साइबर हमले चीन की राजनीतिक, संस्थागत तथा वैचारिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।[4][36] उन्होंने AI से जुड़े छह जोखिम गिनाए: राजनीतिक प्रभाव अभियान, साइबर आक्रमण, डेटा व गोपनीय जानकारी की चोरी, तकनीकी निर्भरता, सामाजिक शासन में व्यवधान और युद्ध के बदलते स्वरूप।[36]
अमेरिका और चीन के मध्य सितंबर में प्रस्तावित AI सुरक्षा संवाद के लिए यह मतभेद अहम है, क्योंकि दोनों देश सुरक्षा की प्राथमिकताएँ अलग ढंग से तय करते हैं।[2]