करीब 500% की वार्षिकीकृत फंडिंग इसलिए दिखी क्योंकि नकारात्मक प्रति घंटे फंडिंग में शॉर्ट्स को लॉन्ग्स को भुगतान करना पड़ रहा था। यह सालभर की निश्चित फीस नहीं, बल्कि मौजूदा प्रति घंटे की दर का वार्षिक अनुमान है। 9 सितंबर को ब्रेंट $101.21 प्रति बैरल पर बंद हुआ और WTI $96.05 पर। अमेरिका और ईरान के टैंकरों पर हमलों से...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What caused short sellers in Hyperliquid’s Brent and WTI perpetual oil contracts to face roughly 500% annualized funding fees, how do the ex. Article summary: Short sellers were being squeezed by a heavily one-sided oil-perpetual market: when the perp traded below its reference/oracle price, funding turned negative, so shorts paid longs. The “roughly 500% annualized” figure is. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
ऑयल परपेचुअल में शॉर्ट पोजीशन रखने वाले हाइपरलिक्विड ट्रेडरों के लिए लागत तब तेजी से बढ़ी, जब संघर्ष के जोखिम से कच्चे तेल की कीमतें चढ़ रही थीं और मंदी पर दांव लगाने वाली पोजीशन बहुत अधिक हो गई थीं। “500% वार्षिकीकृत” फंडिंग दर का अर्थ यह नहीं है कि पूरे एक साल तक उतनी ही फीस देनी होगी। यह किसी एक समय की प्रति घंटे की दर को साल के 8,760 घंटों पर प्रोजेक्ट करके निकाला गया आंकड़ा है। 2
परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट सामान्य फ्यूचर्स की तरह किसी तय तारीख पर समाप्त नहीं होते। इनके दाम को ऑरेकल या रेफरेंस प्राइस के आसपास रखने के लिए लॉन्ग और शॉर्ट धारकों के बीच फंडिंग भुगतान होता है।
हाइपरलिक्विड पर फंडिंग की गणना आठ घंटे के आधार पर होती है, लेकिन उसका एक-आठवां हिस्सा हर घंटे सेटल किया जाता है। जब परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट का भाव ऑरेकल प्राइस से नीचे चला जाता है, तो फंडिंग नकारात्मक हो सकती है—यानी शॉर्ट्स लॉन्ग्स को भुगतान करते हैं। रिपोर्ट किए गए तेल-एपिसोड में यही नकारात्मक प्रति घंटे की फंडिंग भीड़भाड़ वाली शॉर्ट साइड का संकेत थी। इस वजह से लॉन्ग पोजीशन में केवल तेल की कीमत बढ़ने का लाभ नहीं, फंडिंग आय भी मिल सकती थी। 3
यहीं से 500% जैसा चौंकाने वाला आंकड़ा बनता है। यदि बहुत ऊंची प्रति घंटे की फंडिंग को साल के हर घंटे से गुणा कर दिया जाए, तो वार्षिकीकृत दर बहुत बड़ी दिखेगी। मगर फंडिंग हर घंटे बदल सकती है; इसलिए यह जोखिम की संवेदनशीलता दिखाता है, सालभर का पूर्वानुमान नहीं।
ब्रेंट और WTI परपेचुअल उत्पादों में अधिकतम 20x तक लीवरेज उपलब्ध था। 6
7 इसका मोटा अर्थ है कि फीस और मेंटेनेंस-मार्जिन की शर्तों से पहले, $1 के कोलैटरल पर ट्रेडर लगभग $20 के नोशनल एक्सपोजर को नियंत्रित कर सकता है।
फंडिंग का भुगतान केवल जमा किए गए मार्जिन पर नहीं, बल्कि पोजीशन के पूरे नोशनल आकार पर होता है। शॉर्ट ट्रेडर के सामने इसलिए तीन जोखिम एक साथ आते हैं:
इसलिए केवल वार्षिकीकृत फंडिंग आंकड़ा देखकर जोखिम नहीं समझा जा सकता। लीवरेज वाले परपेचुअल में कीमत, फंडिंग, ट्रेडिंग फीस और मार्जिन की जरूरतें लगातार एक-दूसरे पर असर डालती हैं।
रॉयटर्स के अनुसार, 9 सितंबर को ब्रेंट क्रूड $101.21 प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि अमेरिकी WTI $96.05 पर बंद हुआ। अमेरिका और ईरान द्वारा टैंकरों पर हमले संघर्ष शुरू होने के बाद शिपिंग पर हमलों की सबसे बड़ी लहर थे, जिससे मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति में और बाधा पड़ने की आशंका बढ़ी। 17
ब्रेंट इस साल पहले $126 तक पहुंच चुका था, हालांकि $100 के ऊपर लौटने के समय वह उस शिखर से नीचे था। उपलब्ध रिपोर्टिंग बड़े, संघर्ष-प्रेरित उछाल की पुष्टि करती है, लेकिन तेल के साल-दर-साल करीब 75% चढ़ने का निश्चित दावा नहीं करती। ऐसा हिसाब चुने गए बेंचमार्क और शुरुआती तारीख पर निर्भर करेगा।
समुद्री आपूर्ति मार्गों में बाधा का असर तब भी पड़ सकता है जब उत्पादन से बैरल स्थायी रूप से हटे न हों। इससे डिलीवरी में देरी, परिवहन का जोखिम और आगे की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ती है। तेल ढांचे पर खतरा वास्तविक उत्पादन हानि का अलग जोखिम जोड़ सकता है। इसके उलट, एक फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट को एक एक्सपायरी से दूसरी में रोल करने से कॉन्ट्रैक्ट प्राइसिंग और बेसिस के कारण रिटर्न या बेंचमार्क की चाल प्रभावित हो सकती है, लेकिन उससे अपने-आप भौतिक आपूर्ति की कमी पैदा नहीं होती।
तेल का $100 पार करना सिर्फ ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहा। रॉयटर्स ने बताया कि तेल की तेजी और ट्रेजरी यील्ड बढ़ने के बीच अमेरिकी शेयर नीचे बंद हुए। निवेशक ऊर्जा महंगी होने से मुद्रास्फीति पर पड़ने वाले असर और मध्य पूर्व में संघर्ष फैलने की आशंका पर ध्यान दे रहे थे।
एशियाई बाजार भी सुस्त रहे, क्योंकि ऊंची ऊर्जा लागत से मुद्रास्फीति बढ़ने की चिंता थी—यह खासकर ऊर्जा आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है। महीने की शुरुआत में अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड लगभग 4.8% तक पहुंची थी; तेल की कीमतों और मुद्रास्फीति की चिंताओं ने व्यापक बॉन्ड बिकवाली को बढ़ावा दिया। 18
इसे कोई सीधा, एकतरफा नियम नहीं मानना चाहिए। तेल की कीमतें एक साथ मुद्रास्फीति की अपेक्षाओं, कंपनियों की लागत, उपभोक्ता खर्च और केंद्रीय बैंक की नीति से जुड़े जोखिमों को प्रभावित करती हैं।
ICE और CME ने अमेरिकी अधिकारियों से हाइपरलिक्विड के तेल कारोबार पर रोक-टोक बढ़ाने का आग्रह किया। उनका तर्क था कि गुमनाम भागीदारी वाला ऑफशोर प्लेटफॉर्म हेरफेर के प्रति संवेदनशील हो सकता है, अंदरूनी लोग या सरकारी तत्व कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं, और यदि उसका कारोबार पर्याप्त प्रभावशाली हो जाए तो वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण तेल बेंचमार्क प्रभावित हो सकते हैं। 1
ये मौजूदा एक्सचेंजों की ओर से उठाई गई बाजार-संरचना और नियामकीय चिंताएं हैं, न कि इस बात का प्रमाण कि हाइपरलिक्विड ने वैश्विक तेल कीमतों को पहले ही विकृत कर दिया है। हाइपरलिक्विड की पॉलिसी इकाई ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि उसका सार्वजनिक ट्रांजैक्शन ढांचा हेरफेर को रोकने में मदद करता है। 10
ऑयल परपेचुअल ब्रेंट और WTI में 24 घंटे, नकद-सेटल्ड एक्सपोजर दे सकते हैं, लेकिन इनमें कमोडिटी की अस्थिरता के साथ क्रिप्टो बाजार की लीवरेज और फंडिंग व्यवस्था भी जुड़ जाती है। किसी भी दिशा में ट्रेड लेने से पहले प्रति घंटे की मौजूदा फंडिंग, दिखाई जाने वाली आठ घंटे की समकक्ष दर और वार्षिकीकृत अनुमान में अंतर समझना जरूरी है। साथ ही यह भी देखना चाहिए कि मार्जिन प्रतिकूल कीमत चाल और बार-बार होने वाले फंडिंग भुगतानों—दोनों को झेल सकता है या नहीं। 3
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करीब 500% की वार्षिकीकृत फंडिंग इसलिए दिखी क्योंकि नकारात्मक प्रति घंटे फंडिंग में शॉर्ट्स को लॉन्ग्स को भुगतान करना पड़ रहा था। यह सालभर की निश्चित फीस नहीं, बल्कि मौजूदा प्रति घंटे की दर का वार्षिक अनुमान है।
करीब 500% की वार्षिकीकृत फंडिंग इसलिए दिखी क्योंकि नकारात्मक प्रति घंटे फंडिंग में शॉर्ट्स को लॉन्ग्स को भुगतान करना पड़ रहा था। यह सालभर की निश्चित फीस नहीं, बल्कि मौजूदा प्रति घंटे की दर का वार्षिक अनुमान है। 9 सितंबर को ब्रेंट $101.21 प्रति बैरल पर बंद हुआ और WTI $96.05 पर। अमेरिका और ईरान के टैंकरों पर हमलों से मध्य पूर्वी आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ी।
तेल की तेजी ने अमेरिकी शेयरों पर दबाव डाला, मुद्रास्फीति की चिंता बढ़ाई और बॉन्ड यील्ड को ऊपर धकेला। ICE और CME ने हाइपरलिक्विड के गुमनाम, ऑफशोर कमोडिटी कारोबार से बाजार अखंडता संबंधी जोखिमों की चेतावनी दी।