रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने Alipay+ के प्रस्तावित UPI लिंक को फिलहाल रोक दिया है; इससे भारतीय यात्री चीन, हांगकांग और एशिया के अन्य बाजारों में 150 मिलियन से अधिक Alipay+ समर्थित व्यापारियों पर भुगतान कर सकते थे। [1] समीक्षा में Alipay+ के चीन से जुड़े संबंध, ग्राहक व लेनदेन डेटा के स्टोरेज और उपयोग, डेटा लीक के बा...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What were the reasons India stalled Alipay+’s January 2026 proposal to link with the Unified Payments Interface (UPI) for cross-border payme. Article summary: India stalled—not necessarily permanently rejected—Alipay+’s UPI-link proposal because the perceived security, data-governance and financial-crime risks of integrating a China-linked payments network outweighed the prosp. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
भारत ने कथित तौर पर Alipay+ के उस प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया है, जिसके तहत उसे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से क्रॉस-बॉर्डर भुगतानों के लिए जोड़ा जाना था। इस व्यवस्था से भारतीय यात्री चीन, हांगकांग और एशिया के अन्य बाजारों में Alipay+-समर्थित दुकानों पर UPI से भुगतान कर सकते थे। Alipay+ का नेटवर्क 150 मिलियन से अधिक व्यापारियों तक पहुंच वाला बताया गया है। 1
मगर सुविधा और व्यापक मर्चेंट नेटवर्क के संभावित लाभ नियामकों के मूल सवालों का जवाब नहीं दे सके। रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकारियों की चिंताएं राष्ट्रीय सुरक्षा, ग्राहक और लेनदेन डेटा के प्रबंधन, साइबर फ्रॉड तथा मनी लॉन्ड्रिंग के जोखिमों पर केंद्रित थीं। Alipay+ के चीन से जुड़े संबंधों की भी विशेष जांच हुई। 1
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रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण प्रस्ताव रोक दिया गया। चर्चा से परिचित एक सूत्र ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने इसके लिए “राजनीतिक आधार” का उल्लेख किया था। यानी समीक्षा केवल पेमेंट सिस्टम के तकनीकी जुड़ाव तक सीमित नहीं थी। 1
Alipay+ का संचालन सिंगापुर स्थित Ant International करता है, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इसके चीन से जुड़े संबंधों को समीक्षा में अहम माना। रिपोर्टों के अनुसार, चीन से जुड़े वित्तीय संस्थानों या प्रस्तावों को अधिक कड़ी जांच का सामना करना पड़ता है। 1
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सीमा-पार भुगतान प्रणाली में संवेदनशील ग्राहक और लेनदेन संबंधी जानकारी का आदान-प्रदान तथा प्रोसेसिंग जरूरी होती है। अधिकारियों ने कथित तौर पर पूछा कि ये रिकॉर्ड कहां रखे जाएंगे और उनका इस्तेमाल किस तरह किया जा सकेगा। 1
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यह सिर्फ QR कोड स्कैन कर भुगतान करने की सुविधा का मामला नहीं है। ऐसी कनेक्टिविटी के लिए डेटा तक पहुंच, प्रोसेसिंग और नियामकीय निगरानी के स्पष्ट नियम चाहिए होते हैं। उपलब्ध रिपोर्टिंग में किसी अंतिम तकनीकी ढांचे या डेटा के दुरुपयोग की पुष्टि नहीं है; इसमें समीक्षा के दौरान उठाई गई चिंताओं का जिक्र है। 1
रिपोर्ट के मुताबिक, कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने डेटा ब्रीच और उसके बाद संभावित साइबर फ्रॉड का खतरा जताया। 1
इसे Alipay+ या UPI से जुड़े किसी साबित डेटा लीक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर जोखिम का आकलन था। फिर भी सवाल अहम हैं: फ्रॉड को कैसे रोका जाएगा, सुरक्षा घटना को कैसे नियंत्रित किया जाएगा और ग्राहक डेटा उजागर होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी? 1
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अधिकारियों ने यह आशंका भी जताई कि इस चैनल का मनी लॉन्ड्रिंग के लिए दुरुपयोग हो सकता है। 1
किसी भी सीमा-पार पेमेंट एकीकरण में इसका अर्थ है कि ग्राहक सत्यापन, लेनदेन की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग और विभिन्न देशों की संस्थाओं के बीच सहयोग के नियम स्पष्ट हों। रिपोर्टों में इस प्रस्ताव से जुड़ी किसी विशेष मनी लॉन्ड्रिंग घटना का उल्लेख नहीं है; इनमें वे जोखिम बताए गए हैं जिनका समाधान नियामक आगे बढ़ने से पहले चाहते थे। 1
रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षा में विवादित लेनदेन को संभालने की व्यवस्था भी शामिल थी। 6 सीमा-पार भुगतान में यह एक व्यावहारिक सवाल है: भुगतान फेल हो, गलत हो या धोखाधड़ी का मामला बने, तो उपभोक्ता, बैंक और नेटवर्क ऑपरेटर में जवाबदेही किसकी होगी?
उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टिंग में अंतिम विवाद-निपटान मॉडल या प्रस्ताव रोकने वाली किसी एक तकनीकी कमी का विवरण नहीं दिया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि परिचालन ढांचा अभी समीक्षा के दायरे में था। 6
Ant International ने जनवरी 2026 में प्रस्ताव दिया था। फरवरी में रॉयटर्स ने बताया था कि भारत सरकार और केंद्रीय बैंक के अधिकारी संभावित एकीकरण पर चर्चा कर रहे थे।
पहले चरण में भारतीय यात्री Alipay+ स्वीकार करने वाले चीन, हांगकांग और एशिया के दूसरे बाजारों के व्यापारियों पर UPI से भुगतान कर सकते थे। रॉयटर्स के अनुसार, Alipay+ 150 मिलियन से अधिक व्यापारियों को जोड़ता है। 1
बाद के चरण में अंतरराष्ट्रीय Alipay+ उपयोगकर्ताओं को भारत में भुगतान की सुविधा देने पर भी विचार हुआ था। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस चरण की कोई निश्चित समयसीमा या पूर्ण तकनीकी रूपरेखा नहीं दी गई है। 1
इसे सीमा-पार डिजिटल भुगतान के व्यापक विचार को भारत द्वारा ठुकराना नहीं माना जाना चाहिए। प्रस्ताव स्वयं अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान डिजिटल भुगतान को आसान बनाने की दिशा में था, जबकि Alipay+ भी एशिया में बैंक और राष्ट्रीय QR भागीदारों का नेटवर्क बढ़ाता रहा है।
फिलहाल भारत का रुख अपेक्षाकृत सीमित दिखता है: व्यापक व्यापारी पहुंच का उपभोक्ता लाभ, चीन से जुड़े प्रतिपक्ष, ग्राहक डेटा पर नियंत्रण, साइबर फ्रॉड और एंटी-मनी-लॉन्ड्रिंग सुरक्षा को लेकर उठी चिंताओं से कमतर पड़ गया। 1
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महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यवस्था को स्थायी रूप से खारिज नहीं, बल्कि रुका हुआ बताया गया है। भविष्य में प्रगति इस पर निर्भर कर सकती है कि संबंधित पक्ष सुरक्षा, डेटा गवर्नेंस, अनुपालन और सीमा-पार लेनदेन की जवाबदेही पर भारतीय अधिकारियों को संतुष्ट कर पाते हैं या नहीं। 1
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रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने Alipay+ के प्रस्तावित UPI लिंक को फिलहाल रोक दिया है; इससे भारतीय यात्री चीन, हांगकांग और एशिया के अन्य बाजारों में 150 मिलियन से अधिक Alipay+ समर्थित व्यापारियों पर भुगतान कर सकते थे। [1]
रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने Alipay+ के प्रस्तावित UPI लिंक को फिलहाल रोक दिया है; इससे भारतीय यात्री चीन, हांगकांग और एशिया के अन्य बाजारों में 150 मिलियन से अधिक Alipay+ समर्थित व्यापारियों पर भुगतान कर सकते थे। [1] समीक्षा में Alipay+ के चीन से जुड़े संबंध, ग्राहक व लेनदेन डेटा के स्टोरेज और उपयोग, डेटा लीक के बाद साइबर फ्रॉड तथा मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित जोखिम प्रमुख मुद्दे रहे। [1][6]
यह प्रस्ताव स्थायी रूप से खारिज होने के बजाय ‘रुका हुआ’ बताया गया है। आगे बढ़ने के लिए सुरक्षा, अनुपालन, डेटा गवर्नेंस और विवादित लेनदेन की जवाबदेही पर संतोषजनक व्यवस्था जरूरी हो सकती है। [1][6]