BlackRock और JPMorgan Asset Management चुनिंदा उभरते बाजारों के स्थानीय मुद्रा बॉन्ड को दबाव में आए विकसित देशों के सरकारी बॉन्ड के मुकाबले बेहतर सापेक्ष अवसर मान रहे हैं। रिटर्न के तीन संभावित स्रोत हैं: ऊंची आय और वास्तविक यील्ड, स्थानीय ब्याज दरें घटने पर बॉन्ड कीमतों में बढ़त, तथा डॉलर कमजोर होने पर मुद्रा लाभ।...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Why are BlackRock and JPMorgan Asset Management increasing exposure to emerging-market local-currency debt while reducing developed-market f. Article summary: BlackRock and JPMorgan Asset Management are treating emerging-market (EM) local-currency debt as a relative-value and diversification trade: developed-market sovereign bonds face renewed duration and fiscal risk, while s. Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
विकसित अर्थव्यवस्थाओं के सरकारी बॉन्ड पर एक साथ कई दबाव हैं: ऊर्जा की महंगाई, मुद्रास्फीति के दोबारा तेज बने रहने की आशंका और सरकारों की भारी उधारी। जब यील्ड बढ़ती है, तो पहले से जारी बॉन्ड की कीमत घटती है। इसी वजह से कुछ बड़े निवेश प्रबंधक चुनिंदा उभरते बाजारों (EM) के स्थानीय मुद्रा में जारी बॉन्ड की ओर देख रहे हैं, जहां यील्ड और मुद्रास्फीति समायोजित रिटर्न अधिक आकर्षक हो सकते हैं। 17
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मगर यहां सबसे अहम शब्द है—चुनिंदा। स्थानीय-मुद्रा EM बॉन्ड हर वैश्विक झटके से बचाव नहीं देते। यह मूलतः इस भरोसे का दांव है कि ज्यादा यील्ड, स्थानीय दरों में संभावित कटौती और मुद्रा के मजबूत होने का लाभ, वैश्विक दरों में वृद्धि तथा EM मुद्राओं के कमजोर पड़ने के जोखिम से बड़ा साबित होगा।
हालिया सरकारी-बॉन्ड बिकवाली के पीछे चक्रीय और दीर्घकालिक, दोनों तरह की चिंताएं हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के नए दौर से तेल कीमतें बढ़ीं, जिससे मुद्रास्फीति लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका बढ़ी। साथ ही, बड़े कर्ज और उधारी की जरूरतों ने निवेशकों का ध्यान राजकोषीय जोखिम पर बनाए रखा है। 18
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जापान में इस पुनर्मूल्यांकन का पैमाना साफ दिखा: 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड करीब तीन दशकों में पहली बार 3% से ऊपर गई। इसी बिकवाली के दौरान जर्मनी और ब्रिटेन की बेंचमार्क यील्ड भी कई वर्षों के उच्च स्तरों के करीब पहुंचीं। 17
लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड रखने वालों के लिए यह माहौल कठिन है। लगातार महंगाई दर-कटौती को टाल सकती है या आगे सख्ती की जरूरत पैदा कर सकती है। दूसरी ओर, राजकोषीय चिंता के कारण निवेशक लंबी अवधि के बॉन्ड के लिए ज्यादा अतिरिक्त प्रतिफल मांगते हैं। दोनों स्थितियां यील्ड को ऊपर और बॉन्ड कीमतों को नीचे धकेलती हैं।
इन बॉन्ड में रिटर्न के तीन प्रमुख स्रोत हो सकते हैं:
यह स्थानीय-मुद्रा कर्ज को डॉलर-नामित EM कर्ज से अलग बनाता है। हार्ड-करेंसी बॉन्ड में स्थानीय मुद्रा का जोखिम काफी हद तक नहीं रहता; स्थानीय बॉन्ड में वही जोखिम भी है और संभावित अतिरिक्त रिटर्न का स्रोत भी।
JPMorgan Asset Management के अनुसार, EM स्थानीय-मुद्रा बॉन्ड ने 2025 में 19.3% रिटर्न दिया, जो EM सॉवरेन और कॉरपोरेट कर्ज खंडों से बेहतर था। फर्म का कहना है कि मजबूत निवेश प्रवाह के बावजूद अंतरराष्ट्रीय आवंटन ऐतिहासिक रूप से निचले स्तरों के करीब है। यदि संस्थागत निवेशक इसे अपने फिक्स्ड-इनकम पोर्टफोलियो का अधिक स्थायी हिस्सा बनाते हैं, तो अतिरिक्त आवंटन की गुंजाइश रह सकती है। 9
यह रैली केवल ब्याज दरों की कहानी नहीं थी। State Street के मुताबिक, 2025 के 19.3% रिटर्न में अनुकूल विदेशी मुद्रा चाल और ऊंची वास्तविक यील्ड का योगदान था; JPMorgan ने भी कहा कि उस वर्ष रिटर्न में मुद्राओं और दरों—दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 11
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यही रिकॉर्ड इस श्रेणी की अपील समझाता है, लेकिन इसे हर साल दोहराए जाने वाला परिणाम मानना गलत होगा। लगभग 20% का बड़ा हिस्सा अनुकूल डॉलर और दर-परिस्थितियों पर निर्भर था।
तेल की ऊंची कीमतें व्यापक रूप से मुद्रास्फीतिकारी हैं और फिक्स्ड-इनकम के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं। लेकिन असर सभी देशों पर एक-सा नहीं होता।
प्रमुख विकसित बॉन्ड बाजारों में यह झटका पहले से मौजूद मुद्रास्फीति और राजकोषीय दबाव की चिंता को और बढ़ाता है। EM देशों में परिणाम देश-विशेष पर निर्भर है। कमोडिटी निर्यातकों को निर्यात आय या सरकारी राजस्व में मदद मिल सकती है, जबकि तेल आयातक देशों में महंगाई, बाहरी खाते और मुद्रा पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए व्यापक EM आवंटन के बजाय देश-चयन जरूरी है।
हालिया रिपोर्टों में कहा गया है कि विकासशील दुनिया के कुछ हिस्से बिकवाली से अपेक्षाकृत बेहतर बचे रहे, क्योंकि वहां महंगाई नियंत्रण में है, मौद्रिक नीति पहले से सख्त थी और कुछ देशों की राजकोषीय स्थिति बेहतर है। निवेश का आधार केवल “उभरता बाजार” का लेबल नहीं, बल्कि यही देश-विशेष अंतर हैं। 6
अगर ऊर्जा-जनित महंगाई अमेरिकी फेडरल रिजर्व को लंबे समय तक दरें ऊंची रखने या उन्हें और बढ़ाने के लिए मजबूर करती है, तो वैश्विक उधारी लागत फिर चढ़ सकती है। अधिक डिस्काउंट रेट और सख्त वित्तीय परिस्थितियां EM बॉन्ड पर दबाव डालेंगी। स्थानीय कर्ज के पक्ष में तर्क आंशिक रूप से कमजोर डॉलर और अधिक अनुकूल वैश्विक तरलता पर टिका रहा है।
स्थानीय-मुद्रा बॉन्ड खरीदने वाला विदेशी निवेशक उस देश की मुद्रा का जोखिम लेता है। डॉलर में तेज मजबूती कूपन आय और बॉन्ड कीमत में हुए लाभ को डॉलर में बदलने पर मिटा सकती है। पिछले बेहतर प्रदर्शन में डॉलर की कमजोरी का बड़ा योगदान था; इसलिए यह कोई गौण जोखिम नहीं, बल्कि निवेश-तर्क का केंद्रीय हिस्सा है। 11
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अमेरिका, यूरोप और जापान में सरकारी कर्ज की चिंता पहले ही बिकवाली का कारण बनी है। यदि बेंचमार्क यील्ड अव्यवस्थित ढंग से बढ़ती हैं, तो वैश्विक वित्तीय स्थितियां सख्त हो सकती हैं और निवेशक कम तरल या अपेक्षाकृत जोखिम वाले एसेट्स—जिनमें स्थानीय EM बाजार शामिल हैं—से दूरी बना सकते हैं। 17
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भू-राजनीतिक तनाव का तीखा बढ़ना, मंदी की आशंका या बाजार में अव्यवस्था निवेशकों को डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी की ओर ले जा सकती है, भले ही अमेरिकी राजकोषीय चिंताएं बनी रहें। ऐसी स्थिति EM मुद्राओं को कमजोर कर सकती है और विकसित देशों के बॉन्ड के साथ स्थानीय EM बॉन्ड में भी गिरावट ला सकती है।
सकारात्मक परिदृश्य स्पष्ट है: महंगाई इतनी नियंत्रित रहे कि वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक सख्ती का दौर न आए; EM केंद्रीय बैंक ऊंची वास्तविक दरों से कटौती कर सकें; और डॉलर कमजोर या स्थिर रहे। तब निवेशक पर्याप्त कैरी आय कमा सकते हैं, स्थानीय यील्ड घटने पर कीमतों में लाभ पा सकते हैं और मुद्रा मजबूती से अतिरिक्त रिटर्न हासिल कर सकते हैं। 4
नकारात्मक परिदृश्य भी उतना ही स्पष्ट है: तेल महंगाई को लंबे समय तक ऊंचा रखे, फेड अधिक सख्त रुख अपनाए, विकसित बाजारों की यील्ड चढ़ती रहे और डॉलर फिर सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत हो। तब विदेशी-मुद्रा नुकसान और बढ़ती यील्ड, स्थानीय EM बॉन्ड की अधिक आय के लाभ को पीछे छोड़ सकते हैं।
इसलिए EM स्थानीय-मुद्रा कर्ज की ओर रुझान को उभरते बाजारों के जोखिम-मुक्त हो जाने की घोषणा नहीं, बल्कि चुनिंदा सापेक्ष-मूल्य आवंटन के रूप में देखना चाहिए। इसकी ताकत प्रमुख विकसित बाजारों के मुकाबले बेहतर शुरुआती यील्ड और अलग नीतिगत स्थितियों में है; इसकी कमजोरी उन्हीं वैश्विक मुद्रास्फीति और मुद्रा कारकों में है जो इस समय दुनिया भर के बॉन्ड बाजारों को अस्थिर कर रहे हैं। 17
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BlackRock और JPMorgan Asset Management चुनिंदा उभरते बाजारों के स्थानीय मुद्रा बॉन्ड को दबाव में आए विकसित देशों के सरकारी बॉन्ड के मुकाबले बेहतर सापेक्ष अवसर मान रहे हैं।
BlackRock और JPMorgan Asset Management चुनिंदा उभरते बाजारों के स्थानीय मुद्रा बॉन्ड को दबाव में आए विकसित देशों के सरकारी बॉन्ड के मुकाबले बेहतर सापेक्ष अवसर मान रहे हैं। रिटर्न के तीन संभावित स्रोत हैं: ऊंची आय और वास्तविक यील्ड, स्थानीय ब्याज दरें घटने पर बॉन्ड कीमतों में बढ़त, तथा डॉलर कमजोर होने पर मुद्रा लाभ।
2025 में स्थानीय मुद्रा EM बॉन्ड ने 19.3% रिटर्न दिया, लेकिन यह प्रदर्शन कमजोर डॉलर और अनुकूल दर माहौल से भी जुड़ा था; मजबूत डॉलर या फेड की सख्ती से यह दांव पलट सकता है।