एनर्जी एस्पेक्ट्स के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही में वैश्विक फ्यूल ऑयल बाजार में 2,18,000 बैरल प्रतिदिन का घाटा हो सकता है—Q3 2025 के बाद पहला अनुमानित घाटा। [3] सिंगापुर में वीएलएसएफओ की कीमत ईरान युद्ध शुरू होने से 1 सितंबर तक 76% बढ़कर करीब 825 डॉलर प्रति मीट्रिक टन पहुंच गई, जबकि प्रमुख हबों में भंडार मौसमी औसत...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How are the U.S.-Iran conflict around the Strait of Hormuz and Ukrainian attacks on Russian refineries expected to create a global fuel-oil. Article summary: The projected 218,000-bpd Q3 2026 fuel-oil deficit is primarily a refining-and-logistics shortage, not simply a crude-oil shortage. War has removed or constrained refinery output and export routes, while refiners are dir. Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers,
कच्चा तेल उपलब्ध है या नहीं, यह इस संभावित कमी का अकेला सवाल नहीं है। असली अड़चन यह है कि रिफाइनरियां तेल को ईंधन में कितना बदल पा रही हैं और तैयार उत्पादों को बाजार तक कितना पहुंचाया जा रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास संघर्ष ने खाड़ी की रिफाइनरियों और टैंकर यातायात को बाधित किया है, जबकि यूक्रेनी हमलों ने रूस की रिफाइनिंग क्षमता को कमजोर किया है। इस बीच, डीजल, पेट्रोल और जेट ईंधन की तंग आपूर्ति के कारण रिफाइनरियां उपलब्ध उत्पादन को इन्हीं उत्पादों की ओर मोड़ रही हैं—फ्यूल ऑयल की कीमत पर। 1
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ऊर्जा परामर्श कंपनी एनर्जी एस्पेक्ट्स का अनुमान है कि 2026 की तीसरी तिमाही में वैश्विक फ्यूल ऑयल बाजार में 2,18,000 बैरल प्रतिदिन की कमी होगी। यह Q3 2025 के बाद पहला अनुमानित घाटा है। 3
फ्यूल ऑयल जहाजों के बंकर ईंधन और बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होता है। इसलिए इसकी कमी का असर केवल तेल कारोबार तक सीमित नहीं रहता; यह समुद्री माल ढुलाई और ऊर्जा लागत पर भी दबाव डाल सकती है।
खाड़ी क्षेत्र का व्यवधान रिफाइंड उत्पादों के लिए विशेष रूप से गंभीर है। कुछ कच्चे तेल को पाइपलाइनों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बाईपास कर भेजा जा सकता है, लेकिन पेट्रोल, डीजल और फ्यूल ऑयल जैसे तैयार ईंधनों के निर्यात के लिए ऐसा व्यापक वैकल्पिक ढांचा नहीं है। इसलिए टैंकरों की आवाजाही या रिफाइनरी संचालन में बाधा सीधे उत्पाद आपूर्ति को चोट पहुंचाती है। 1
अगस्त के अंत में विश्लेषकों ने खाड़ी से तेल प्रवाह में लगभग 50 लाख से 70 लाख बैरल प्रतिदिन के व्यवधान का अनुमान लगाया था। खाड़ी और यूक्रेन के संघर्षों ने मिलकर वैश्विक रिफाइनिंग क्षमता का करीब दसवां हिस्सा कम कर दिया था। 4
रूस दूसरा बड़ा दबाव-बिंदु है। यूक्रेनी हमलों से वहां रिफाइनरी संचालन प्रभावित हुआ, ईंधन उत्पादन घटा और घरेलू कमी के साथ निर्यात प्रतिबंधों की स्थिति बनी। 4
9 बाजार आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में रूस का फ्यूल ऑयल निर्यात रिकॉर्ड निचले स्तर 5,91,000 बैरल प्रतिदिन पर आ गया, जबकि 2025 में इसका औसत 8,60,000 बैरल प्रतिदिन से अधिक था।
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मध्य पूर्व से फ्यूल ऑयल निर्यात भी तेजी से घटा। मार्च से अगस्त के दौरान इसका औसत 4,47,000 बैरल प्रतिदिन रहा, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 45% कम है। कुवैत की अल-ज़ौर रिफाइनरी, जो पहले अहम आपूर्तिकर्ता थी, ने मार्च के बाद केवल 26,000 बैरल प्रतिदिन का एक कार्गो निर्यात किया; जनवरी और फरवरी में यह लगभग 1,91,000 बैरल प्रतिदिन था। 3
फ्यूल ऑयल रिफाइनिंग का अवशिष्ट उत्पाद है, लेकिन इसे आगे की प्रसंस्करण इकाइयों के लिए फीडस्टॉक के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। डीजल, पेट्रोल और जेट ईंधन के भंडार कम होने पर रिफाइनरियों के लिए फ्यूल ऑयल को सीधे बेचने के बजाय उससे ये अधिक मूल्यवान परिवहन ईंधन बनाना व्यावसायिक रूप से अधिक आकर्षक होता है। 3
यह निर्णय फ्यूल ऑयल के दो बड़े उपभोक्ताओं—जहाजों और बिजली उत्पादकों—के लिए उपलब्ध आपूर्ति घटाता है। यही कारण है कि कच्चे तेल में वैसी ही कीमत उछाल न दिखने पर भी रिफाइंड ईंधनों में गंभीर तंगी हो सकती है। 1
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सिंगापुर का वेरी लो-सल्फर फ्यूल ऑयल (VLSFO), जो उत्सर्जन नियमों के अनुरूप प्रमुख समुद्री ईंधन है, ईरान युद्ध शुरू होने से 1 सितंबर तक 76% बढ़कर 825 डॉलर प्रति मीट्रिक टन से कुछ कम पहुंच गया। यह करीब 130 डॉलर प्रति बैरल के बराबर है। इसी अवधि में ब्रेंट कच्चे तेल में 40% की बढ़त हुई थी। 3
भौतिक भंडार भी कमजोर हैं। सिंगापुर, एम्स्टर्डम-रॉटरडैम-एंटवर्प और फुजैरा में फ्यूल ऑयल भंडार अपने-अपने तीन-वर्षीय मौसमी औसत से करीब 30% नीचे थे। 3
लंबे समुद्री मार्ग भी कमी बढ़ा रहे हैं। हूती खतरों के कारण बाब अल-मंदब या लाल सागर से बचने वाले जहाजों को अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे माल ढुलाई की मूल मांग नरम होने पर भी बंकर ईंधन की खपत बढ़ती है। 3
चीन की घटती रिफाइनिंग क्षमता और ईंधन निर्यात ने एशियाई बाजार के लिए एक संभावित संतुलनकारी आपूर्ति स्रोत कम कर दिया है। 1
3 यदि चीन से अतिरिक्त उत्पाद उपलब्ध होते, तो वे खाड़ी और रूस की बाधित आपूर्ति की कुछ भरपाई कर सकते थे।
हालांकि, उपलब्ध साक्ष्यों में चीन के 180CST फ्यूल ऑयल बाजार की कोई विशिष्ट कीमत, स्प्रेड, भंडार स्तर या स्पष्ट बाजार-दिशा नहीं दी गई है। इसलिए इस ग्रेड की सटीक प्रतिक्रिया पर निष्कर्ष निकालना उपलब्ध जानकारी से आगे जाना होगा।
एशिया खाड़ी से आने वाली बाधित आपूर्ति पर काफी निर्भर है। अगस्त में क्षेत्र के रिफाइंड उत्पादों का आयात संघर्ष शुरू होने के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। 2
3 ऐसे में एशियाई खरीदारों को वैकल्पिक कार्गो के लिए प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है, जबकि रूस की आपूर्ति सीमित है और चीन से मिलने वाली राहत भी कम है।
सिंगापुर की संवेदनशीलता और अधिक है, क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा बंकरिंग हब है। यहां बंकर ईंधन की खपत लगभग 10 लाख बैरल प्रतिदिन है और मांग का आधे से अधिक हिस्सा आयात से आता है। 3
कमजोर शिपिंग गतिविधि या नरम मालभाड़ा दरें कुछ हद तक ईंधन खपत घटा सकती हैं। लेकिन वे खोया हुआ रिफाइनरी उत्पादन वापस नहीं ला सकतीं, बाधित निर्यात मार्ग नहीं खोल सकतीं, कम भंडार नहीं भर सकतीं और लंबे मार्गों से बढ़ी बंकर खपत को खत्म नहीं कर सकतीं। मुख्य जोखिम अनुरूप समुद्री ईंधन की वास्तविक आपूर्ति तंगी का है; जहाजों का ईंधन महंगा होने पर इसका असर मालभाड़े पर पड़ सकता है, हालांकि यह कार्गो मांग और जहाजों की उपलब्ध क्षमता पर निर्भर करेगा। 1
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एनर्जी एस्पेक्ट्स के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही में वैश्विक फ्यूल ऑयल बाजार में 2,18,000 बैरल प्रतिदिन का घाटा हो सकता है—Q3 2025 के बाद पहला अनुमानित घाटा। [3]
एनर्जी एस्पेक्ट्स के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही में वैश्विक फ्यूल ऑयल बाजार में 2,18,000 बैरल प्रतिदिन का घाटा हो सकता है—Q3 2025 के बाद पहला अनुमानित घाटा। [3] सिंगापुर में वीएलएसएफओ की कीमत ईरान युद्ध शुरू होने से 1 सितंबर तक 76% बढ़कर करीब 825 डॉलर प्रति मीट्रिक टन पहुंच गई, जबकि प्रमुख हबों में भंडार मौसमी औसत से लगभग 30% नीचे थे। [3]
चीन की 180CST फ्यूल ऑयल कीमतों या भंडार पर ठोस आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उसकी कम रिफाइनिंग और कम ईंधन निर्यात एशिया के लिए संभावित राहत को सीमित करते हैं। [1][3]