इजरायली पुलिस ने 4 सितंबर की भोर में यरुशलम के पुराने शहर के प्रवेश द्वार दमिश्क गेट के पास 33 वर्षीय इब्राहिम अल-हेंदी को गोली मारकर मार दिया। पुलिस का दावा था कि उन्होंने अधिकारियों पर चाकू से हमला करने की कोशिश की थी। फलस्तीनी रिपोर्टों में उनकी पहचान उत्तरी यरुशलम के बेत हनीना निवासी के रूप में की गई और चाकू से हमले के आरोप को पुलिस का दावा बताया गया।
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गोलीबारी के बाद पुराने शहर और दमिश्क गेट के आसपास भारी सुरक्षा तैनाती की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सुरक्षा घेरे ने फलस्तीनियों की आवाजाही सीमित की और फज्र की नमाज के लिए जा रहे लोगों के रास्ते में बाधा डाली।
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कुसरा में 28 दिनों की घेराबंदी
वेस्ट बैंक के उत्तरी हिस्से में, नाब्लुस के पास स्थित कुसरा गांव में 4 सितंबर तक तीन फलस्तीनी परिवार 28 दिनों से घेराबंदी में थे। रिपोर्टों के अनुसार, 9 अगस्त से इजरायली बसने वालों ने उनके घरों को घेर रखा था। निवासियों ने सामान्य आवागमन और जरूरी सामान तक पहुंच बाधित होने की बात कही; पहले की रिपोर्टों में पानी और बिजली काटे जाने का भी उल्लेख था।
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बंद सैन्य क्षेत्र और सहायता की कोशिश
इजरायली सेना ने इलाके को “बंद सैन्य क्षेत्र” घोषित कर पहुंच पर पाबंदी लगाई। रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने करीब 100 फलस्तीनी, इजरायली और अंतरराष्ट्रीय शांति कार्यकर्ताओं को इन परिवारों तक भोजन और दवाएं पहुंचाने से भी रोका।
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इसका अर्थ केवल घरों को अलग-थलग करना नहीं था, बल्कि बाहर से पहुंचने वाली मानवीय सहायता भी बाधित हुई।
वेस्ट बैंक में व्यापक तनाव
रिपोर्टों में नाब्लुस और जेनिन सहित अन्य इलाकों में बसने वालों के हमलों, सैन्य छापों और गिरफ्तारियों का भी जिक्र है।
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10 फलस्तीनी अधिकारियों ने उस समय 2026 में बसने वालों के 1,476 हमले दर्ज किए थे; बाद की फलस्तीनी निगरानी में कुल आंकड़ा अधिक बताया गया। इसलिए 1,476 का आंकड़ा उस समय तक की गणना है, पूरे वर्ष का अंतिम आंकड़ा नहीं।
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हकबी की टिप्पणी क्यों उल्लेखनीय है
इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकबी आम तौर पर इजरायली बस्तियों के समर्थन से जुड़े रहे हैं। ऐसे में कुसरा की घेराबंदी को उनका “भयावह आतंकी कृत्य” कहना और जिम्मेदार लोगों को “इजरायली आतंकवादी” बताना असाधारण रूप से तीखी आलोचना थी।
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यह प्रतिक्रिया इस मामले में बसने वालों की धमकी, लंबे समय तक जरूरी सुविधाओं व आवाजाही से वंचित रखने और राज्य द्वारा लगाए गए पहुंच प्रतिबंधों के एक साथ मौजूद होने को रेखांकित करती है।