1 सितंबर की एशविल बैठक में चीन ने अकेले उस भाषा का विरोध किया जिसे बाकी 19 G20 सदस्यों का समर्थन था। भाषा में गैर बाज़ार नीतियों, लगातार बड़े बाहरी अधिशेषों और निर्यात निर्भर वृद्धि से पैदा होने वाले असंतुलन पर कार्रव... अमेरिका चाहता है कि चीन घरेलू खपत बढ़ाकर निर्यात पर निर्भरता घटाए। चीन का कहना है कि वह जानबूझकर...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Why did the Sept. 1 G20 Finance Ministers and Central Bank Governors meeting in Asheville end without a joint communiqué after China alone r. Article summary: The meeting failed to produce a joint communiqué because G20 consensus requires unanimity and China rejected language that it viewed as an implicit indictment of its economic model. The other 19 members endorsed a chair’. Topic tags: general, news, general web, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with
एशविल में G20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक संयुक्त विज्ञप्ति के बिना समाप्त हुई, क्योंकि वैश्विक व्यापार असंतुलन पर भाषा को लेकर सहमति नहीं बन सकी। चीन ने उन प्रावधानों का विरोध किया जिन्हें बाकी 19 सदस्यों का समर्थन था। इनमें ऐसी ‘गैर-बाज़ार’ नीतियों और तौर-तरीकों के खिलाफ कार्रवाई की बात थी जो बड़े बाहरी अधिशेषों और निर्यात पर अत्यधिक निर्भरता को बढ़ाते माने जाते हैं। इसलिए अमेरिका ने सर्वसम्मति वाली घोषणा के बजाय चेयर का बयान जारी किया। 3
चेयर के बयान में कहा गया कि जिन देशों के बाहरी अधिशेष बहुत बड़े और लगातार बने हुए हैं, उन्हें ऐसी नीतियां हटानी चाहिए जो घरेलू खपत को दबाती और अर्थव्यवस्था को निर्यात-निर्भर बनाती हैं। बयान में यह भी कहा गया कि सदस्य असंतुलन बढ़ाने वाली गैर-बाज़ार नीतियों व प्रथाओं को खत्म करने के कदम उठाएं। उसमें चीन का नाम नहीं लिया गया, लेकिन अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चीन को एकमात्र असहमत सदस्य बताया। 3
यह शब्दावली महज ‘संतुलित वृद्धि’ की सामान्य अपील नहीं थी। इसमें बड़े अधिशेषों और कम कीमत वाले निर्यात को घरेलू आर्थिक नीतियों से जोड़ा गया—यानी परोक्ष रूप से उस मॉडल पर सवाल उठाया गया जिसे अमेरिकी अधिकारी चीन की निर्यात-आधारित वृद्धि से जोड़ते हैं। 3
बैठक से पहले और उसके दौरान बेसेंट ने कहा कि भारी चीनी आयात का सामना कर रहे देशों को चीन के साथ अपनी व्यापार शर्तों की समीक्षा करनी चाहिए। उनका घोषित उद्देश्य बीजिंग पर निर्यात से हटकर घरेलू खपत की ओर अर्थव्यवस्था को संतुलित करने का दबाव बनाना था।
अमेरिका का तर्क है कि लगातार बड़े निर्यात अधिशेष का समायोजन-भार व्यापारिक साझेदारों पर पड़ सकता है और इससे उनके घरेलू उद्योगों तथा वृद्धि पर दबाव आता है। बेसेंट ने चीन के अधिशेष को टिकाऊ नहीं बताया। रॉयटर्स के अनुसार, उन्होंने इस तर्क के समर्थन में 1.2 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार अधिशेष का उल्लेख किया।
एशविल का नतीजा राजनीतिक रूप से उल्लेखनीय रहा: संयुक्त विज्ञप्ति न बन पाने के बावजूद अन्य 19 सदस्यों ने चेयर के बयान की भाषा का समर्थन किया। 3
चीन ने इस धारणा को खारिज किया कि वह जानबूझकर व्यापार अधिशेष हासिल करता है। रॉयटर्स के अनुसार, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर पैन गोंगशेंग ने कहा कि चीन घरेलू मांग बढ़ा रहा है और दुनिया के लिए उच्च स्तर का खुलापन बनाए रखे हुए है।
पैन ने वैश्विक असंतुलनों को किसी एक अधिशेष वाले देश द्वारा सुधारे जाने के बजाय सभी देशों में संरचनात्मक सुधारों से जुड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना था कि घाटे वाले देशों को राजकोषीय घाटे घटाने और घरेलू बचत दर बढ़ाने की जरूरत है, जबकि चीन घरेलू मांग मजबूत करने पर काम करेगा।
असल मतभेद यही है:
संयुक्त विज्ञप्ति का अर्थ है कि पूरे समूह की सहमति है। एशविल में अमेरिकी वित्त विभाग ने चेयर का बयान जारी किया, जिसमें साफ तौर पर दर्ज था कि चीन को छोड़कर अन्य प्रतिभागियों ने इसका समर्थन किया।
यह केवल प्रक्रिया का अंतर नहीं है। बयान यह दिखाता है कि विकृत व्यापार और बड़े बाहरी असंतुलनों पर व्यापक चिंता मौजूद है, लेकिन यह G20 की पूर्ण साझा स्थिति नहीं बन सका। चीन ने समस्या की व्याख्या और खास तौर पर अपनी आर्थिक नीतियों में बदलाव के लिए दबाव बनाने में इस्तेमाल हो सकने वाली भाषा पर अपनी आपत्ति बरकरार रखी। 3
बैठक ने व्यापार असंतुलन का विवाद सुलझाया नहीं; उसने बस यह स्पष्ट कर दिया कि पक्षों के बीच दूरी कितनी है।
अमेरिका और चेयर के बयान का समर्थन करने वाले 19 सदस्यों के लिए प्राथमिकता उन नीतियों को संबोधित करना है जिनके बारे में उनका मानना है कि वे अधिशेष-आधारित और निर्यात-केंद्रित वृद्धि को प्रोत्साहित करती हैं। चीन के लिए समाधान अधिशेष और घाटे—दोनों तरह की अर्थव्यवस्थाओं में व्यापक व्यापक-आर्थिक समायोजन और घरेलू मांग सुधार हैं।
इसलिए संयुक्त विज्ञप्ति का न बन पाना केवल कूटनीतिक शब्दों का विवाद नहीं था। यह इस बुनियादी टकराव का संकेत था कि वैश्विक असंतुलन की वजह क्या है और नीतिगत बदलाव की शुरुआत किसे करनी चाहिए।
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1 सितंबर की एशविल बैठक में चीन ने अकेले उस भाषा का विरोध किया जिसे बाकी 19 G20 सदस्यों का समर्थन था। भाषा में गैर बाज़ार नीतियों, लगातार बड़े बाहरी अधिशेषों और निर्यात निर्भर वृद्धि से पैदा होने वाले असंतुलन पर कार्रव...
1 सितंबर की एशविल बैठक में चीन ने अकेले उस भाषा का विरोध किया जिसे बाकी 19 G20 सदस्यों का समर्थन था। भाषा में गैर बाज़ार नीतियों, लगातार बड़े बाहरी अधिशेषों और निर्यात निर्भर वृद्धि से पैदा होने वाले असंतुलन पर कार्रव... अमेरिका चाहता है कि चीन घरेलू खपत बढ़ाकर निर्यात पर निर्भरता घटाए। चीन का कहना है कि वह जानबूझकर व्यापार अधिशेष नहीं बनाता और घाटे वाले देशों को भी राजकोषीय घाटे घटाने तथा घरेलू बचत बढ़ाने की जरूरत है।