यूरोप सर्दियों की ओर एक ऐसी ऊर्जा स्थिति में बढ़ रहा है जिसमें सिर्फ आपूर्ति कम नहीं है, उसे सही जगह तक पहुंचाना भी मुश्किल और महंगा हो गया है। खाड़ी क्षेत्र से रिफाइंड ईंधन और LNG के प्रवाह में बाधा, यूक्रेनी हमलों तथा निर्यात प्रतिबंधों के बाद रूसी डीजल की कम उपलब्धता, और यूरोप की सीमित अतिरिक्त रिफाइनिंग क्षमता—इन सबने डीजल तथा लचीली गैस आपूर्ति की कीमत बढ़ा दी है। नतीजा यह है कि दूर-दराज के व्यापार मार्ग भी आर्थिक रूप से संभव होने लगे हैं।
1
2
डीजल सबसे बड़ा तात्कालिक दबाव क्यों है
‘क्रैक स्प्रेड’ उस अंतर को कहते हैं जो डीजल की कीमत और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे तेल की कीमत के बीच होता है। यह केवल महंगे कच्चे तेल का संकेत नहीं, बल्कि रिफाइनिंग से मिलने वाले डीजल जैसे उत्पाद की कमी और उसके ऊंचे मूल्य का संकेतक है।
अगस्त में अमेरिका का डीजल क्रैक रिकॉर्ड 102.20 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा। यूरोप में भी डीजल क्रैक रिकॉर्ड स्तरों पर गया और जुलाई के अंत में 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया।
1
3 यानी प्रश्न केवल तेल की कुल उपलब्धता का नहीं, बल्कि माल ढुलाई, उद्योग, कृषि और कुछ जगहों पर हीटिंग के लिए जरूरी मध्य-डिस्टिलेट ईंधन की उपलब्धता का है।
होरमुज में बाधा का यूरोप पर असर
होरमुज जलडमरूमध्य खाड़ी के रिफाइनरों से डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने वाला अहम मार्ग है। इस रास्ते से उत्पादों का आवागमन कठिन होने पर यूरोप को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं से कार्गो के लिए अधिक प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।
यूरोप इसे तेजी से अपने भीतर उत्पादन बढ़ाकर पूरा नहीं कर सकता, क्योंकि उसकी रिफाइनिंग क्षमता और परिचालन लचीलापन सीमित हैं। सर्दियों के दौरान परिवहन, उद्योग, खेती और हीटिंग की मांग बढ़ने से यह कमी और संवेदनशील हो जाती है।
4
रूस-यूक्रेन युद्ध से आया दूसरा झटका
यूक्रेन के रूसी रिफाइनरियों पर हमलों और रूस के उत्पाद-निर्यात प्रतिबंधों ने रूसी डीजल की उपलब्धता को सीमित किया है। यूरोप ने रूस से प्रत्यक्ष आयात काफी हद तक पहले ही घटा दिया था, फिर भी रूसी आपूर्ति में कमी वैश्विक संतुलन को प्रभावित करती है।
इसका असर यह है कि यूरोप और अन्य आयातक देशों को अटलांटिक बेसिन तथा एशिया से आने वाले उन्हीं सीमित कार्गो के लिए एक-दूसरे के मुकाबले बोली लगानी पड़ रही है।
1
5
दक्षिण कोरिया से 12,000 मील की दुर्लभ डीजल खेप
कीमतों के इस अंतर ने एक असामान्य व्यापार को संभव बनाया है। लगभग 90,000 टन दक्षिण कोरियाई डीजल—करीब 6.75 लाख बैरल—Priamos जहाज से उत्तर-पश्चिम यूरोप भेजा जा रहा है। इसकी संभावित मंजिल ब्रिटेन या रॉटरडैम हो सकती है और इस सौदे को ट्रैफिगुरा ने सुगम बनाया है।
2
करीब 12,000 मील का कोरिया-से-यूरोप समुद्री मार्ग सामान्य परिस्थितियों में समय और भाड़े की लागत के कारण आकर्षक नहीं होता। इस यात्रा का संभव होना बताता है कि यूरोप में डिलीवरी के बाद मिलने वाला डीजल प्रीमियम इतना बढ़ चुका है कि वह लंबी दूरी की लागत को भी पार कर रहा है।
गैस की चिंता डीजल संकट को कम नहीं करती
होरमुज जलडमरूमध्य LNG के लिए भी निर्णायक है। अनुमान के अनुसार वैश्विक LNG उत्पादन का लगभग 20% सामान्यतः इसी मार्ग से गुजरता है। खाड़ी से LNG की कम उपलब्धता और लचीले कार्गो का दूसरी दिशाओं में मुड़ना, गैस भंडार भरने के मौसम में यूरोप की एशिया के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ाता है।
6
7
24 अगस्त को यूरोपीय संघ का गैस भंडारण करीब 63% भरा था। रिपोर्टों में निकट अवधि के 75% लक्ष्य का उल्लेख हुआ, जबकि जारी व्यवधान के बीच 90% लक्ष्य तक पहुंचना कठिन माना गया। कम भंडार यूरोप को असाधारण ठंड या LNG आपूर्ति में लंबी रुकावट के प्रति अधिक असुरक्षित बनाते हैं।
7
8
रूसी LNG अब भरोसेमंद विकल्प नहीं
यूरोपीय संघ ने रूसी गैस को चरणबद्ध ढंग से बंद करने का कानूनी फैसला अपनाया है। संबंधित अल्पकालिक अनुबंधों के तहत रूसी LNG पर 25 अप्रैल 2026 से प्रतिबंध लागू हुआ, जबकि दीर्घकालिक LNG अनुबंधों पर 1 जनवरी 2027 से रोक लगनी है। यूरोपीय आयोग का लक्ष्य 2026 के अंत तक रूसी LNG आयात को पूरी तरह समाप्त करना है।
9
10
इसका व्यापक अर्थ क्या है
इसका मतलब यह नहीं कि यूरोप में आज ही भौतिक ईंधन संकट पैदा हो गया है। लेकिन ऊर्जा सुरक्षा की लागत बहुत बढ़ गई है। यूरोप को अधिक दूर से कार्गो मंगाने पड़ रहे हैं, गैर-रूसी LNG और डीजल की सीमित आपूर्ति पर ज्यादा निर्भर होना पड़ रहा है, और वह सर्दियों में कम सुरक्षा-मार्जिन के साथ प्रवेश कर रहा है।
यदि होरमुज में रुकावट लंबी खिंचती है, रूसी रिफाइनरियों की आपूर्ति और घटती है या मौसम असाधारण रूप से ठंडा रहता है, तो यह तंग स्थिति तेजी से और गंभीर हो सकती है।