Meta का Vistara सिस्टम पुराने सर्वरों से निकाली गई DDR4 को DDR5 स्लॉट में नहीं लगाता; उसे CXL मेमोरी एक्सपैंडर के पीछे अलग क्षमता स्तर के रूप में जोड़ता है। यह गति बढ़ाने की तकनीक नहीं है: संवेदनशील और सक्रिय डेटा स्थानीय DDR5 में रखा जाता है, जबकि कम उपयोग होने वाला डेटा CXL से जुड़ी धीमी DDR4 टियर में जा सकता है।...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How are Google and other hyperscalers such as Meta repurposing older DDR4 modules from retired servers—using adapters, CXL memory pooling, a. Article summary: Hyperscalers are treating retired DDR4 as a lower-cost, slower memory tier rather than scrapping it. Meta’s deployment is the best-documented example: its Vistara ASIC connects reclaimed DDR4 to DDR5-only servers over CX. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
पुराने DDR4 मॉड्यूल को नए DDR5 मदरबोर्ड के स्लॉट में लगाने के लिए कोई साधारण अडैप्टर नहीं लगाया जा रहा है। Meta का तरीका पहले पुराने सर्वर और उनमें लगी उपयोगी मेमोरी को अलग करता है—फिर उन DDR4 मॉड्यूल को एक अलग CXL-आधारित मेमोरी उपकरण में लगाता है।
इस डिजाइन का नाम Vistara है। इसमें रिटायर्ड सर्वरों से निकाली गई DDR4 को एक कस्टम Compute Express Link (CXL) मेमोरी-एक्सपैंडर ASIC के पीछे रखा जाता है। नया DDR5-आधारित होस्ट सर्वर इसे अपनी स्थानीय RAM के बजाय एक अलग, धीमी क्षमता-टियर के रूप में देखता है। जिन वर्कलोड में मेमोरी की कुल क्षमता, उसकी सबसे कम लेटेंसी से अधिक अहम है, वहां Meta का कहना है कि सर्वरों की जरूरत 25% तक कम हो सकती है। 1
DDR4 और DDR5 अलग मेमोरी पीढ़ियां हैं। इसलिए Meta का व्यावहारिक समाधान पुराने RDIMM को DDR5 स्लॉट में फिट करने का नहीं है। वह DDR4 को समर्पित मेमोरी उपकरण में रखती है और उसे CXL के जरिए होस्ट से जोड़ती है।
Vistara एक CXL 2.0/1.1 Type-3 मेमोरी एक्सपैंडर है, जो PCIe Gen5 x16 लिंक के माध्यम से DDR4 मेमोरी को होस्ट प्रोसेसर तक पहुंचाता है। हर ASIC में DDR4 के दो चैनल हैं और 64 GB DIMM के साथ यह प्रति चिप अधिकतम 256 GB तक सपोर्ट कर सकता है। 2
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इससे नया सर्वर अपनी सीधे जुड़ी तेज DDR5 बनाए रखता है, लेकिन उसे रिकवर की गई DDR4 से अतिरिक्त मेमोरी क्षमता भी मिल जाती है। ऑपरेटर को हर सर्वर की अधिकतम क्षमता जरूरत को पूरा करने के लिए उतनी नई DRAM खरीदना जरूरी नहीं रहता; अतिरिक्त क्षमता जहां उपयोगी हो, वहां CXL टियर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
CXL से जुड़ी DDR4, स्थानीय DDR5 का विकल्प नहीं है—खासकर उन कामों में जहां लेटेंसी या मेमोरी बैंडविड्थ बेहद महत्वपूर्ण हो। Meta के प्रोडक्शन इम्प्लीमेंटेशन पर रिपोर्टिंग के मुताबिक, यह एक्सपैंडेड टियर स्थानीय DDR5 की तुलना में लगभग दसवां बैंडविड्थ देता है और इसकी लेटेंसी करीब 60% अधिक है। 4
इसलिए सिस्टम इसे NUMA-जैसे अलग मेमोरी टियर के रूप में संभालता है। बार-बार उपयोग होने वाला या लेटेंसी-संवेदनशील डेटा स्थानीय DDR5 में रह सकता है, जबकि कम इस्तेमाल होने वाले पेज कम लागत वाली DDR4 टियर में भेजे जा सकते हैं। 4
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इसे टायर्ड मेमोरी मॉडल की तरह समझना बेहतर है:
व्यावसायिक लाभ DDR4 को तेज बनाने से नहीं, बल्कि उपयुक्त वर्कलोड को कम मशीनों में समाने देने से आता है।
Meta के मुताबिक, उसका CXL मेमोरी एक्सपैंशन लाखों सर्वरों में तैनात है और कुछ डिसएग्रीगेटेड इन्फरेंस वर्कलोड में आवश्यक सर्वरों की संख्या 25% तक घटा सकता है। 1
यह पूरे फ्लीट की दक्षता का आंकड़ा है। यदि अधिक उपयोगी मेमोरी क्षमता के कारण एक वर्कलोड कम सर्वरों में चल जाए, तो CPU, नेटवर्किंग हार्डवेयर, रैक स्पेस और बिजली की जरूरत का कुछ हिस्सा भी बच सकता है। लेकिन इसे हर AI वर्कलोड पर लागू नहीं मानना चाहिए: जिन कामों में बैंडविड्थ या लेटेंसी ही मुख्य बाधा है, वहां लाभ कम हो सकता है या डेटा-प्लेसमेंट नीति बहुत सावधानी से बनानी पड़ेगी।
Meta ने एक खास डिस्ट्रिब्यूटेड-कैश वर्कलोड में इस टियर से क्षमता जोड़ने के बाद औसत क्वेरी प्रोसेसिंग समय 29% घटने की भी रिपोर्ट दी है। यह दिखाता है कि अधिक मेमोरी, कैश की प्रभावशीलता बढ़ने पर फायदा दे सकती है। 15
सार्वजनिक रिपोर्टिंग बताती है कि DRAM आपूर्ति तंग होने के बीच Google भी रिटायर्ड सर्वरों से DDR4 निकालकर दोबारा इस्तेमाल कर रही है। हालांकि Google की तकनीकी व्यवस्था पर सार्वजनिक जानकारी, Meta के Vistara खुलासों की तुलना में काफी कम है। 14
बड़े हाइपरस्केलर—यानी बहुत बड़े पैमाने पर क्लाउड और डेटा सेंटर चलाने वाली कंपनियां—के पास एक खास लाभ है: रिटायर्ड सर्वरों से निकली, पहले से खरीदी हुई और बड़े पैमाने पर उपलब्ध DIMM इन्वेंट्री। CXL-आधारित एक्सपैंशन और मेमोरी पूलिंग उन्हें इस स्टॉक को ई-वेस्ट मानकर छोड़ने के बजाय नए सिस्टमों में उपयोगी क्षमता में बदलने का रास्ता देती है।
इसकी वजह AI-नेतृत्व वाला मेमोरी संकट है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में पारंपरिक DRAM कॉन्ट्रैक्ट कीमतें तिमाही-दर-तिमाही 90% से 95% तक बढ़ीं। 1 जे.पी. मॉर्गन ग्लोबल रिसर्च का अनुमान है कि 2026 के अंत तक DRAM कीमतें 2024 की शुरुआत के मुकाबले 400% से अधिक बढ़ चुकी होंगी।
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क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च में मेमोरी का हिस्सा भी बढ़ रहा है। TrendForce-आधारित एक अनुमान के अनुसार, 2027 में DRAM और NAND मिलकर प्रमुख क्लाउड प्रदाताओं के हार्डवेयर पूंजीगत खर्च का 68% हो सकते हैं, जबकि 2026 में यह हिस्सा 47% था। 18
ऐसे माहौल में रिकवर किया गया DIMM केवल टिकाऊपन का लाभ नहीं है। यह ऐसी क्षमता है जिसे बेहद तंग स्पॉट या कॉन्ट्रैक्ट बाजार से नई खरीद के रूप में नहीं लेना पड़ता।
AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को सामान्य सर्वर DRAM के साथ-साथ हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) भी चाहिए। निर्माता AI सिस्टमों के लिए HBM की ओर क्षमता मोड़ रहे हैं, जिससे दूसरे मेमोरी उत्पादों की आपूर्ति और तंग हो रही है। 19
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बड़ा निवेश होने पर भी नई सेमीकंडक्टर क्षमता बनाने और उसे योग्य उत्पादन स्तर तक पहुंचाने में समय लगता है। Deloitte के अनुसार, मौजूदा विस्तार योजनाओं से आने वाली अतिरिक्त आपूर्ति के 2029 या 2030 तक उपलब्ध होने की उम्मीद नहीं है।
आपूर्ति का केंद्रित होना जोखिम और बढ़ाता है। Reuters के अनुसार, Samsung और SK Hynix मिलकर DRAM बाजार का लगभग दो-तिहाई नियंत्रित करते हैं। मांग में तेज उछाल या उत्पादन में रुकावट की स्थिति में उद्योग के पास वैकल्पिक क्षमता सीमित रहती है।
SK Hynix के CEO क्वाक नो-जंग ने 2027 में उद्योग की सबसे गंभीर आपूर्ति कमी का अनुमान जताया है और कहा है कि ग्राहकों की मांग 2030 के बाद भी कंपनी की उत्पादन क्षमता से अधिक रह सकती है। यह कंपनी प्रमुख का पूर्वानुमान है, कोई निश्चित नतीजा नहीं; फिर भी इससे समझ आता है कि हाइपरस्केलर नई फैब क्षमता का इंतजार करने के बजाय अभी मेमोरी री-यूज, टियरिंग और डिसएग्रीगेशन पर काम क्यों कर रहे हैं।
Meta का मॉडल तभी सार्थक है जब तीन शर्तें एक साथ पूरी हों: ऑपरेटर के पास रिटायर्ड मेमोरी का पर्याप्त स्टॉक हो, प्लेटफॉर्म CXL एक्सपैंशन सपोर्ट करता हो, और वर्कलोड एक स्पष्ट रूप से धीमी दूसरी मेमोरी टियर को सह सके।
ऐसी स्थिति में पुरानी DDR4 फिर से उपयोगी क्षमता बन सकती है। लेकिन लेटेंसी-क्रिटिकल वर्कलोड में सक्रिय डेटा के लिए यह सही जगह नहीं है। Meta की मुख्य उपलब्धि कोई साधारण अडैप्टर नहीं, बल्कि कस्टम CXL कंट्रोलर, रिकवर किए गए DIMM और डेटा-प्लेसमेंट सॉफ्टवेयर को जोड़कर पुरानी मेमोरी को प्रबंधित संसाधन में बदलने वाली सिस्टम डिजाइन है।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
Meta का Vistara सिस्टम पुराने सर्वरों से निकाली गई DDR4 को DDR5 स्लॉट में नहीं लगाता; उसे CXL मेमोरी एक्सपैंडर के पीछे अलग क्षमता स्तर के रूप में जोड़ता है।
Meta का Vistara सिस्टम पुराने सर्वरों से निकाली गई DDR4 को DDR5 स्लॉट में नहीं लगाता; उसे CXL मेमोरी एक्सपैंडर के पीछे अलग क्षमता स्तर के रूप में जोड़ता है। यह गति बढ़ाने की तकनीक नहीं है: संवेदनशील और सक्रिय डेटा स्थानीय DDR5 में रखा जाता है, जबकि कम उपयोग होने वाला डेटा CXL से जुड़ी धीमी DDR4 टियर में जा सकता है।
Meta के अनुसार, कुछ मेमोरी क्षमता सीमित इन्फरेंस वर्कलोड में इस व्यवस्था से आवश्यक सर्वरों की संख्या 25% तक घट सकती है। [1]