पुतिन ने 1 सितंबर को यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं पर बड़े हमलों का आदेश देते हुए इसे रूसी रिफाइनरियों, ईंधन ढांचे और नोवाटेक उस्त लुगा परिसर पर यूक्रेनी हमलों की जवाबी कार्रवाई बताया। रूस ने बाशनेफ्ट नोवोइल, स्लावनेफ्ट यानोस, गज़प्रोम नेफ्टेखिम सलावत और लुकोइल पर्म रिफाइनरियों के साथ उस्त लुगा तेल प्रसंस्करण परिसर पर ह...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What prompted Vladimir Putin’s September 1 order for massive Russian strikes on Ukraine’s energy infrastructure after the Shanghai Cooperati. Article summary: Putin framed the order as retaliation for Ukraine’s deep strikes on Russian energy assets, rather than as a new policy: he said Ukrainian attacks on Russian “civilian infrastructure” required a mass response against Ukra. Topic tags: general, news, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers
रूस ने व्लादिमीर पुतिन के 1 सितंबर के आदेश को यूक्रेन के हमलों की जवाबी कार्रवाई के रूप में पेश किया। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने कहा कि रूसी नागरिक ढांचे और ईंधन-ऊर्जा क्षेत्र पर यूक्रेनी हमलों का जवाब दिया जाएगा। 5
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यह मॉस्को की बताई हुई वजह है, स्वतंत्र रूप से स्थापित कारण नहीं। हालांकि घटनाक्रम का क्रम स्पष्ट था: यूक्रेन ने रूस की लंबी दूरी वाली तेल-ढांचे पर हमले तेज किए और इसके बाद रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा तथा शहरी अवसंरचना पर हमले बढ़ा दिए।
रूसी अधिकारियों और रूसी मीडिया ने यूक्रेन के कई तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों का उल्लेख किया, जिनमें शामिल हैं:
पुतिन ने मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग के आसपास यूक्रेनी ड्रोन गतिविधि का भी जिक्र किया। 6
9 उनके सार्वजनिक बयान के अनुसार, इन हमलों के जवाब की तैयारी के तहत यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं के खिलाफ बड़े अभियान की योजना बनाई गई।
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जवाबी हमलों का असर केवल बिजली ढांचे तक सीमित नहीं रहा। ओडेसा क्षेत्र में रूसी हमलों ने ऊर्जा सुविधाओं के साथ बंदरगाह और निर्यात ढांचे तथा रोमानिया जाने वाले सीमा-पार मार्ग को भी निशाना बनाया। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि इससे बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई। आपात सेवा अधिकारियों ने एक आवासीय इमारत में आग लगने की भी सूचना दी।
2 सितंबर की एक अलग रात में ओडेसा ओब्लास्ट के 3.5 लाख से अधिक घर किसी समय बिजली से वंचित हो गए। सुरक्षा स्थिति अनुकूल होने पर ऊर्जा कर्मचारियों ने मरम्मत शुरू की, लेकिन शुरुआती बहाली के दौरान भी बड़ी संख्या में घरों का कनेक्शन बहाल नहीं हो पाया था।
कीव में रूसी ड्रोन लगातार सातवें दिन शहर के मध्य हिस्सों तक पहुंचे। रॉयटर्स के अनुसार, 11 लोग घायल हुए और आवासीय तथा विश्वविद्यालय की इमारतों को नुकसान पहुंचा। हमलों की इस श्रृंखला ने शहर की रोजमर्रा की जिंदगी और लॉजिस्टिक्स को प्रभावित किया।
इस तरह तत्काल प्रभाव नागरिकों और बुनियादी ढांचे—दोनों पर पड़ा: लोग घायल हुए, घर और शैक्षणिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, बिजली गुल हुई और परिवहन, निर्यात तथा सामान्य शहरी सेवाएं बाधित हुईं। कीव और ओडेसा क्षेत्रों में आवासीय तथा अन्य नागरिक इलाकों को प्रभावित करने वाले हमलों की भी रिपोर्ट सामने आई।
यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था अगली सर्दी में पहले ही सीमित क्षमता के साथ प्रवेश कर रही है। अगस्त में प्रकाशित एक आकलन के अनुसार, अक्टूबर से अब तक रूसी हमलों में ताप विद्युत, जलविद्युत और संयुक्त ताप-बिजली उत्पादन की 9 गीगावॉट से अधिक क्षमता क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यह पिछले हीटिंग सीजन के लिए उपलब्ध लगभग 17.6 गीगावॉट उत्पादन क्षमता के आधे से भी ज्यादा है। उसी आकलन के अनुसार, यूक्रेन करीब 4 गीगावॉट क्षमता बहाल कर चुका था और 2026-27 के हीटिंग सीजन से पहले 6 गीगावॉट और बहाल करने की कोशिश कर रहा था।
खतरा सिर्फ बिजली उत्पादन घटने का नहीं है। बिजलीघरों, सबस्टेशनों और हीटिंग ढांचे को नुकसान पहुंचने से पानी की पंपिंग, जिला-स्तरीय गर्म पानी और हीटिंग, संचार तथा परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। बार-बार होने वाले हमले मरम्मत की गई सुविधाओं को दोबारा नुकसान पहुंचा सकते हैं—यानी वे भरोसेमंद सेवा में लौटने से पहले ही फिर से निशाना बन सकती हैं। सर्दियों में मांग बढ़ने पर इससे शहरों की स्थिति और नाजुक हो जाएगी।
यह संभावित अभियान ऐसे समय में सामने आया है जब यूक्रेन को खासकर बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने आकलन किया कि रूस यूक्रेन के घटते भंडार का फायदा उठाने के लिए अपना अगला शीतकालीन हमला अभियान पहले शुरू कर सकता है। संस्थान ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के उस बयान का भी उल्लेख किया कि 2026 की शुरुआत की तुलना में यूक्रेन को बैलिस्टिक मिसाइल-रोधी इंटरसेप्टर लगभग तीन गुना कम मिल रहे हैं।
यह कमी बड़े और मिश्रित हमलों को रोकना कठिन बनाती है। रूस ड्रोन, भटकाने वाले लक्ष्य और मिसाइलों को एक साथ भेजकर सीमित वायु-रक्षा संसाधनों पर दबाव डाल सकता है। कीव के आसपास तेज गति से उड़ने वाले ड्रोन अवरोधन की चुनौती को और बढ़ा रहे हैं।
यूक्रेन केंद्रीकृत ढांचे पर निर्भरता घटाने के लिए छोटे गैस-आधारित बिजलीघरों और हीटिंग तथा जल-आपूर्ति सुविधाओं के लिए बैकअप बिजली का विस्तार कर रहा है। लेकिन 1 सितंबर को प्रकाशित एक आकलन के अनुसार, इन सुविधाओं के पास 920 मेगावॉट बैकअप क्षमता थी, जबकि उनकी पहचानी गई जरूरत 1,215 मेगावॉट थी। यानी करीब 300 मेगावॉट की कमी बनी हुई थी। सरकार को उम्मीद थी कि तय तैयारियां 1 अक्टूबर तक पूरी हो जाएंगी।
इसी रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में 1.8 गीगावॉट छोटे गैस-आधारित बिजली उत्पादन की क्षमता पहले से चल रही थी और 1.1 गीगावॉट अतिरिक्त क्षमता स्थापित की जा रही थी या उसकी तैयारी चल रही थी। ये कदम ऊर्जा व्यवस्था को अधिक लचीला बना सकते हैं, लेकिन सर्दियों से पहले उत्पादन और ट्रांसमिशन ढांचे पर लगातार हमलों का जोखिम खत्म नहीं करते।
घटनाक्रम दिखाता है कि युद्ध का ऊर्जा मोर्चा तेजी से पारस्परिक होता जा रहा है। यूक्रेन रूस के तेल ढांचे को निशाना बनाकर ईंधन उत्पादन और युद्ध के वित्तपोषण पर दबाव डालना चाहता है, जबकि रूस इसके जवाब में यूक्रेन की बिजली और हीटिंग व्यवस्था को निशाना बनाने की धमकी दे रहा है। 19
यूक्रेन के लिए तत्काल चिंता सिर्फ यह नहीं है कि रूस अपने घोषित बड़े हमलों को अंजाम देता है या नहीं। असली सवाल यह भी है कि क्या रूस ऐसे अभियान को उस सीमित समय में लगातार जारी रख सकता है, जब मरम्मत, विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन और वायु-रक्षा भंडार अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुए हैं।
2 सितंबर के हमलों ने संभावित परिणामों की झलक पहले ही दे दी: शहरी ढांचे को नुकसान, नागरिकों के घायल होने की घटनाएं और बड़े पैमाने पर बिजली कटौती—वह भी हीटिंग सीजन शुरू होने से पहले।
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पुतिन ने 1 सितंबर को यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं पर बड़े हमलों का आदेश देते हुए इसे रूसी रिफाइनरियों, ईंधन ढांचे और नोवाटेक उस्त लुगा परिसर पर यूक्रेनी हमलों की जवाबी कार्रवाई बताया।
पुतिन ने 1 सितंबर को यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं पर बड़े हमलों का आदेश देते हुए इसे रूसी रिफाइनरियों, ईंधन ढांचे और नोवाटेक उस्त लुगा परिसर पर यूक्रेनी हमलों की जवाबी कार्रवाई बताया। रूस ने बाशनेफ्ट नोवोइल, स्लावनेफ्ट यानोस, गज़प्रोम नेफ्टेखिम सलावत और लुकोइल पर्म रिफाइनरियों के साथ उस्त लुगा तेल प्रसंस्करण परिसर पर हुए हमलों का हवाला दिया।
यह escalation इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यूक्रेन अक्टूबर के हीटिंग सीजन से पहले बिजली उत्पादन और बैकअप क्षमता बहाल करने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसकी वायु रक्षा मिसाइलों की कमी बनी हुई है।