खगोलविदों ने जेम्स वेब की इन्फ्रारेड तस्वीरों में ‘लिटिल रेड डॉट्स’ की चार संभावित जोड़ियां खोजीं। इन बेहद लाल और सघन स्रोतों को शुरुआती, तेज़ी से बढ़ रहे ब्लैक होल के संभावित संकेत माना जाता है। दो जोड़ियों के दोनों सदस्यों से मिली समान स्पेक्ट्रल रेखाओं ने उनके भौतिक रूप से जुड़े होने का मजबूत संकेत दिया। [8]
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did astronomers discover using a new pixel by pixel color analysis technique on James Webb Space Telescope infrared images of “Little R. Article summary: Astronomers found four candidate pairs of “Little Red Dots” (LRDs)—compact, very red JWST sources thought to mark an early, rapid black hole growth phase—using pixel by pixel infrared color selection that can separate ne. Topic tags: general web, growth, education, data. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) की इन्फ्रारेड तस्वीरों का पिक्सेल-दर-पिक्सेल रंग विश्लेषण करने पर खगोलविदों को शुरुआती ब्रह्मांड में ‘लिटिल रेड डॉट्स’ (LRDs) की चार संभावित करीबी जोड़ियां मिली हैं। ये छोटे, बेहद लाल स्रोत ऐसे ब्लैक होल का संकेत हो सकते हैं जो ब्रह्मांड की शुरुआती अवस्था में असाधारण तेजी से बढ़ रहे थे। 8
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नई तकनीक ने उन लाल केंद्रीय क्षेत्रों को अलग पहचानने में मदद की जो सामान्य कॉम्पैक्ट-स्रोत विश्लेषण में एक-दूसरे में घुल-मिल सकते थे। इसके आधार पर शुरुआती ब्रह्मांड में किलोपारसेक पैमाने पर ब्लैक होल-युग्मों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक होने का संकेत मिला है। हालांकि, LRDs की वास्तविक भौतिक प्रकृति को लेकर वैज्ञानिक बहस अभी जारी है। 8
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चारों संभावित जोड़ियों के सदस्य COSMOS-Web तस्वीरों में केवल 0.2 से 1.2 आर्कसेकंड की दूरी पर दिखाई दिए। पिक्सेल-स्तरीय रंग चयन और अपेक्षाकृत ढीले कॉम्पैक्टनेस मानदंडों ने इन बेहद करीबी या आपस में मिले हुए स्रोतों को पहचानना संभव बनाया। 8
दो जोड़ियों के लिए JWST/COSMOS-3D की स्लिटलेस स्पेक्ट्रोस्कोपी ने दोनों सदस्यों में समान देखी गई तरंगदैर्ध्य पर उत्सर्जन रेखा दर्ज की। इन चौड़ी और उच्च-समतुल्य-चौड़ाई वाली रेखाओं को H-अल्फा मानने पर दोनों जोड़ियों की रेडशिफ्ट क्रमशः 5.822 और 5.464 निकलती है। इससे संभावना मजबूत होती है कि वे एक ही भौतिक प्रणाली का हिस्सा हैं, न कि हमारी दृष्टि-रेखा में संयोग से एक-दूसरे के सामने दिख रही अलग-अलग वस्तुएं। 8
इन रेडशिफ्ट के आधार पर दोनों जोड़ियों की प्रक्षेपित दूरी 1.64 और 7.36 किलोपारसेक आंकी गई—यानी लगभग 5,300 और 24,000 प्रकाश-वर्ष। ये प्रणालियां उस समय की हैं जब ब्रह्मांड की उम्र लगभग 12.5 से 12.8 अरब वर्ष कम थी। 8
सांख्यिकीय मॉक-कैटलॉग तुलना से पता चला कि केवल संयोगवश एक ही दृष्टि-रेखा में आ जाने से इतनी करीबी जोड़ियों की व्याख्या करना कठिन है। छोटे पैमाने पर LRDs का क्लस्टरिंग संकेत JWST से मिले बड़े पैमाने के सक्रिय गैलेक्टिक नाभिक (AGN) सहसंबंध संकेत के अनुमान से लगभग 20 से 30 गुना अधिक है। 8
इसलिए ये प्रणालियां आकाशगंगाओं और उनके केंद्रीय ब्लैक होलों के विलय की संभावित पूर्व-अवस्था हो सकती हैं। फिर भी इन्हें अंतिम चरण में पहुंची हुई पुष्टि-शुदा ब्लैक होल बाइनरी कहना जल्दबाजी होगी। LRDs का सक्रिय रूप से पदार्थ निगलते ब्लैक होल होना और भविष्य में उनका विलय कब होगा—इन दोनों सवालों पर आगे के प्रमाण जरूरी हैं। 8
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अगर किसी LRD जोड़ी के दोनों सदस्यों में सक्रिय रूप से पदार्थ ग्रहण कर रहे ब्लैक होल हैं, तो विलय की प्रक्रिया उनके द्रव्यमान को जोड़ सकती है। साथ ही, गैस को केंद्रीय क्षेत्र की ओर धकेलकर यह प्रक्रिया नए ब्लैक होल को और तेजी से पदार्थ ग्रहण करने में मदद कर सकती है। बिग बैंग के बाद उपलब्ध अपेक्षाकृत कम समय में बहुत विशाल ब्लैक होल बनाने का एक रास्ता लगातार विलयों और गैस-अभिवृद्धि का मेल हो सकता है। 8
LRDs को पहले से ही शुरुआती सुपरमैसिव ब्लैक होल-विकास के संभावित संकेतों में गिना जाता है, लेकिन उनकी दिखाई देने वाली तेज़ वृद्धि के पीछे कौन-सी प्रक्रिया काम कर रही है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। 8
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जरूरी नहीं। एक प्रमुख वैकल्पिक व्याख्या यह है कि LRDs में ब्लैक होल असाधारण रूप से तेज़ दर से गैस निगल रहे हैं और यही उनकी वृद्धि का मुख्य कारण है। कुछ मॉडल और स्पेक्ट्रोस्कोपिक अध्ययनों के अनुसार, LRDs घने, प्रकाशीय रूप से मोटे गैस-आवरण या ‘कोकून’ में छिपे AGN हो सकते हैं। ऐसा आवरण एक ओर ब्लैक होल को ईंधन दे सकता है और दूसरी ओर उनके लाल दिखाई देने वाले स्पेक्ट्रम को प्रभावित कर सकता है। 3
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दोनों संभावनाएं एक-दूसरे को खारिज नहीं करतीं। घनी गैस विलय से पहले, उसके दौरान और उसके बाद भी तेज़ अभिवृद्धि को बढ़ावा दे सकती है। मौजूदा प्रमाणों से अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि शुरुआती ब्लैक होल-वृद्धि में विलयों और सीधे गैस-अभिवृद्धि का योगदान कितना-कितना था। 8
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विस्तृत और अधिक गहरे JWST सर्वेक्षणों पर यही पिक्सेल-दर-पिक्सेल चयन पद्धति लागू करने से वैज्ञानिक यह अधिक सटीकता से माप सकेंगे कि LRDs के कितने प्रतिशत के पास करीबी साथी हैं। वे यह भी देख सकेंगे कि लाल-स्थान (redshift) और चमक के साथ यह दर कैसे बदलती है और क्या विलय शुरुआती ब्लैक होल-वृद्धि का प्रमुख माध्यम बनने जितने आम थे। 8
इन आंकड़ों से शुरुआती ब्लैक होल बाइनरियों की संभावित विलय-दर और द्रव्यमान का अनुमान बेहतर हो सकता है। इससे भविष्य के अंतरिक्ष-आधारित गुरुत्वाकर्षण-तरंग वेधशालाओं, जैसे LISA और प्रस्तावित डेसीहर्ट्ज डिटेक्टरों, के लिए लक्ष्य और घटना-दर के पूर्वानुमान तैयार करने में मदद मिलेगी। 5
फिलहाल यह अध्ययन करीबी LRD जोड़ियों की असामान्य अधिकता का मजबूत प्रमाण है—विलय करते ब्लैक होल या उनसे निकलने वाली गुरुत्वाकर्षण तरंगों का प्रत्यक्ष पता नहीं। 8
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खगोलविदों ने जेम्स वेब की इन्फ्रारेड तस्वीरों में ‘लिटिल रेड डॉट्स’ की चार संभावित जोड़ियां खोजीं।
खगोलविदों ने जेम्स वेब की इन्फ्रारेड तस्वीरों में ‘लिटिल रेड डॉट्स’ की चार संभावित जोड़ियां खोजीं। इन बेहद लाल और सघन स्रोतों को शुरुआती, तेज़ी से बढ़ रहे ब्लैक होल के संभावित संकेत माना जाता है।
दो जोड़ियों के दोनों सदस्यों से मिली समान स्पेक्ट्रल रेखाओं ने उनके भौतिक रूप से जुड़े होने का मजबूत संकेत दिया। [8]